भारत दौरे से पहले ट्रंप ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित किए
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भारत दौरे से पहले ट्रंप प्रशासन ने वित्त वर्ष 2021 में अहम माने जाने वाले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए 1.5 अरब डॉलर (करीब 10 हजार करोड़ रु.) प्रस्तावित किए हैं। व्हाइट हाउस ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस क्षेत्र को चीन के अहितकर प्रभाव से मुक्त एवं स्वतंत्र बनाने के उसके प्रयासों का हिस्सा है।
व्हाइट हाउस ने एक अक्टूबर, 2020 से शुरू हो रहे 2021 वित्तीय वर्ष के लिए अपने बजट प्रस्ताव में कहा कि हिंद-प्रशांत का भविष्य अमेरिकी सुरक्षा और दीर्घकालिक आर्थिक हित के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। यहा विश्व की करीब आधी आबादी तेजी से विकसित हो रही ज्यादातर अर्थव्यवस्थाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि बजट में हिंद-प्रशांत के लिए करीब 10 हजार करोड़ रु (1.5 अरब डॉलर) का प्रावधान किया गया है जो क्षेत्र को चीन के हानिकारक प्रभाव से मुक्त एवं स्वतंत्र बनाने की प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। व्हाइट हाउस ने कहा कि यह निधि लोकतांत्रिक कार्यक्रमों का समर्थन करती है, सुरक्षा सहयोग को मजबूत करती है, आर्थिक सुशासन को सुधारती है और निजी सेक्टर नीत आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है।
24-25 फरवरी को पत्नी के साथ भारत आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फरवरी के आखिरी सप्ताह में होने वाले भारत दौरे की तारीख तय हो गई है। राष्ट्रपति ट्रंप 24 और 25 फरवरी को भारत की यात्रा पर होंगे। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप भी साथ होंगी। व्हाइट हाउस की ओर से किए गए ट्वीट के माध्यम से यह जानकारी दी गई है।
ट्रंप ने रक्षा बजट 53 खरब रुपये (740 अरब डॉलर) करने का प्रस्ताव दिया
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2021 के लिए देश का रक्षा बजट बढ़ाकर करीब 53 खरब रुपये (740 अरब डालर) करने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव चीन और रूस के सैन्य आधुनिकीकरण कार्यक्रम को देखते हुए किया गया है जो अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती है। ट्रंप के रक्षा बजट प्रस्ताव के मुख्य पहलू हैं परमाणु आधुनिकीकरण, मिसाइल निष्फल करना आदि। इसके अलावा अंतरिक्ष, साइबर तथा हवाई क्षेत्र के लिए भी इसमें कोष का प्रावधान किया गया है।
व्हाइट हाउस और पेंटागन की ओर से जारी बजट प्रस्ताव में ट्रंप प्रशासन ने दो शत्रुओं रूस तथा चीन की ओर से खतरे को रेखांकित किया है। इसमें कहा गया है कि ये दोनों देश सैन्य आधुनिकीकरण की राह पर हैं और अपने पड़ोसियों को विवश कर रहे हैं। बजट प्रस्ताव में पेंटागन ने कहा है कि सुरक्षा परिदृश्य बेहद खतरनाक ढंग से बदल रहा है। चीन और रूस पड़ोसियों को मजबूर करने, विरोधी स्वरों को दबाने और स्वतंत्रता को कमतर करने के लिए आक्रामक तरीके अपना रहे हैं। इसमें ईरान और उत्तर कोरिया का भी जिक्र है और कहा गया है कि वे बड़े पैमाने पर तबाही मचाने में सक्षम हथियारों को विकसित कर रहे हैं।