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तालिबान का खतरा: काबुल हवाईअड्डा बंद, जिंदगी बचाने को सीमाओं पर जुट रहे अफगान

Thu, 02 Sep 2021 02:10 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, काबुल।
एजेंसी, काबुल। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 02 Sep 2021 02:10 AM IST
सार

  • तालिबान की क्रूरता के डर से पाकिस्तान, ईरान समेत मध्य एशियाई देशों की ओर पलायन कर रहें लोग
  • 5 लाख से अधिक अफगानों के देश छोड़ने का अनुमान
  • बैंकों के बाहर लोगों की काफी लंबी लाइन, पैसे निकालने में हो रही परेशानी

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because of fear of taliban afghanistan citizens are escaping to pakistan iran or other countries
अफगानिस्तान से निकलने की कोशिश में लोग - फोटो : Reuters

विस्तार

अमेरिका समेत अन्य देशों के सैनिकों की पूर्ण वापसी के बाद काबुल हवाईअड्डे को बंद कर दिया गया है। हवाई मार्ग से देश से बाहर निकलने की उम्मीद खत्म होने और तालिबान आतंकियों की क्रूरता के डर से अफगान नागरिक बड़ी संख्या में तुर्की, ईरान और पाकिस्तानी सीमाओं का रुख कर रहे हैं ताकि किसी तरह से दूसरे देश में जाकर जिंदगी बचाई जा सके। 

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काबुल हवाईअड्डे के बंद होने के चलते तालिबान के प्रतिशोध से डरे अफगान नागरिक निजी तौर पर ईरान, पाकिस्तान, तुर्की और मध्य एशियाई देशों के साथ लगती सीमाओं की ओर रुख कर रहे हैं। इन लोगों को इन सीमाओं के जरिये सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है। पाकिस्तान के खैबर पास से लगते इलाके तोरखाम में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हैं। ये लोग पाकिस्तान की तरफ के गेट के खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
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एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ईरान से लगती सीमा पर इस्लाम कला पोस्ट के पास हजारों लोग देश छोड़ने के लिए इंतजार में खड़े हैं। ईरान में प्रवेश करने में सफल रहे एक अफगान ने कहा कि ईरानी सुरक्षा बलों के बीच होना पहले से अधिक राहत भरा है।
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उत्तरी अफगानिस्तान से लगती उज्बेकिस्तान की जमीनी सीमा अभी भी बंद है लेकिन यहां की सरकार का कहना है कि विमान सेवा शुरू होने पर वह हवाई मार्ग के जरिए अफगानों को जर्मनी पहुंचने में मदद करेगा।

5 लाख से अधिक अफगानों के देश छोड़ने का अनुमान
15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद अमेरिका ने यहां से 1,2300 लोगों को बाहर निकाला, जिनमें अमेरिकी सैनिकों, नागरिकों के अलावा वे अफगान भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले 20 सालों में अमेरिका की मदद की थी। इस्लामिक स्टेट की ओर से हमले के बाद अमेरिका ने 31 अगस्त की अंतिम समय सीमा से 24 घंटे पहले ही अफगानिस्तान को अलविदा कह दिया।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन ने पिछले हफ्ते कहा था कि इस साल के अंत तक 5 लाख से अधिक अफगान देश छोड़ सकते हैं। अकेले जर्मनी का अनुमान है कि 10 से 40 हजार अफगान विकास संगठनों के साथ काम कर रहे हैं और यदि वे खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं तो उन्हें जर्मनी लाया जाए। 

बैंकों के बाहर दिखी लंबी लाइन

तालिबान का पंजशीर प्रांत को छोड़कर अफगानिस्तान पर पूरा नियंत्रण हो चुका है। अब उसका पूरा ध्यान बैंक, अस्पताल और सरकारी तंत्र के संचालन पर है लेकिन प्रशासन के न होने के चलते लोगों को काफी दुश्वारियां भी झेलनी पड़ रही हैं। अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित और भय के बीच बुधवार को बैंकों के बाहर लोगों की काफी लंबी लाइन देखी गई।

दुकानों और कार्यालयों के बंद होने तथा वेतन न मिलने और कमाई न होने से लोग अपनी जमा पूंजी से खर्च चलाने के लिए बैंकों का रुख कर रहे हैं। हालांकि एक हफ्ते में 200 डॉलर या 20,000 अफगानी मुद्रा तक निकासी ही हो सकती है। 

हवाईअड्डे के संचालन के कतर और तुर्की के संपर्क में तालिबान
काबुल हवाईअड्डे के संचालन के लिए तालिबान कतर और तुर्की के संपर्क में है। हालांकि इसमें कुछ दिन लग सकते हैं। इस बीच कतर का एक विमान बुधवार को काबुल हवाईअड्डे पहुंचा। कहा जा रहा है कि इस विमान से हवाईअड्डे के संचालन के लिए तकनीकी टीम आई है। 

आटे, सब्जियों के बेतहाशा बढ़े दाम
तालिबान के कब्जे और सरकार-प्रशासन के न होने के बाद देश में आटा, सब्जी से लेकर हर चीज के दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं। काबुल निवासी जेलगई ने बताया कि अब हर चीज महंगी हो गई है और रोजाना दाम बढ़ते ही जा रहे हैं। एक दिन पहले टमाटर 50 अफगानी मुद्रा में बेचा था और अब इसे 80 में बेच रहे हैं।

बाजार में 50 किलो का आटा का बैग 2200 अफगानी मुद्रा में बेचा जा रहा है। इसमें करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ऐसी ही वृद्धि चावल और कुकिंग तेल में भ्ज्ञी हुई है। सब्जियों के दाम में 50 फीसदी तो पेट्रोल में 75 फीसदी की वृद्धि हुई है। 

पंजशीर में विरोधी नेताओं के साथ तालिबान की वार्ता नाकाम

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान ने बुधवार को कहा कि पंजशीर प्रांत में विरोधी गुटों के नेताओं के साथ उसकी वार्ता नाकाम हो गई है। यही एकमात्र प्रांत है जिस पर तालिबान अभी तक कब्जा नहीं कर सका है।

इस प्रांत में तालिबान और नार्दन अलायंस के बीच जंग चल रही है। नॉर्दन अलायंस ने दावा किया कि जंग में 350 से अधिक तालिबानी आतंकी मारे गए हैं और भारी मात्रा में हथियार और अमेरिकी वाहनों पर कब्जा कर लिया गया है। कुछ रिपोर्ट यह भी कहा गया है कि नॉर्दन अलायंस ने 40 से ज्यादा तालिबानियों को बंधक भी बना लिया है। 

आईएस-खुरासान पर हवाई हमलों की तैयारी में ब्रिटेन
ब्रिटेन ने कहा है कि वह आईएस-खुरासान के ठिकानों पर कभी भी हमला कर सकता है। पेंटागन ने हाल ही खुलासा किया कि अफगानिस्तान में इस समय करीब 2 हजार आईएस-खुरासान के लड़ाके मौजूद हैं। ब्रिटेन के वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल सर माइक विग्सटन ने बताया कि ब्रिटेन आईएस-खुरासान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल हो सकता है।

 पंजशीर में इंटरनेट-दूरसंचार सेवाएं ठप
 तालिबान ने अफगानिस्तान के पंजशीर प्रांत में इंटरनेट व दूरसंचार सेवाओं पर रोक लगा दी है, जबकि घाटी की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों को भी बंद कर दिया गया है।

पंजशीर निवासी गुल हैदर ने बताया, यहां फोन और इंटरनेट नेटवर्क कटने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग बाहर रह रहे अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने पंजशीर घाटी की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों को भी बंद कर दिया है, जिसके कारण घाटी में खाने पीने की वस्तुएं महंगी हो गई हैं।

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