फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Beatson Institute: British institute denied russian researcher for Phd course

Beatson Institute: ब्रिटेन के रिसर्च संस्थान ने पहले रूसी रिसर्चर को ठुकराया, अब माफी मांगी

Sat, 13 Aug 2022 04:14 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 13 Aug 2022 04:14 PM IST
सार

Beatson Institute: संस्थान ने एक रिसर्चर को दिया गया ऑफर सिर्फ उसकी राष्ट्रीयता यानी उसके रूसी होने के आधार पर वापस ले लिया, तो उसकी बड़े पैमाने पर निंदा हुई। रूसी शोधकर्ता ने इस संस्थान के पीएचडी कोर्स में दाखिला लेने के लिए अर्जी दी थी...

विज्ञापन
Beatson Institute: British institute denied russian researcher for Phd course
Beatson Institute for cancer research - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

ब्रिटेन के रिसर्च संस्थान ने रूस की एक युवा शोधकर्ता से माफी मांगी है। कुछ महीने पहले इसी संस्थान ने उस रिसर्चर को अपने यहां दाखिला देने का ऑफर वापस ले लिया था। ऑफर वापस लेते हुए संस्थान ने कहा था कि चूंकि वह रूसी है, इसलिए उसे इस संस्थान में दाखिला नहीं मिल सकता। अब संस्थान ने उस वैज्ञानिक से माफी मांगते हुए उन्हें फिर से अपने यहां ज्वाइन करने के लिए आमंत्रित किया है।

विज्ञापन

ग्लासगो शहर में स्थित जीवन विज्ञान अनुसंधान संस्थान द बीटसन इंट्स्टीट्यूट ब्रिटेन से सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में एक है। यह संस्थान में कैंसर संबंधी अपने अनुसंधान के लिए मशहूर है। जब ये खबर सामने आई कि इस संस्थान ने एक रिसर्चर को दिया गया ऑफर सिर्फ उसकी राष्ट्रीयता यानी उसके रूसी होने के आधार पर वापस ले लिया, तो उसकी बड़े पैमाने पर निंदा हुई। रूसी शोधकर्ता ने इस संस्थान के पीएचडी कोर्स में दाखिला लेने के लिए अर्जी दी थी, जिसे स्वीकार करने के बाद संस्थान ने ठुकरा दिया था।

विज्ञापन

चौतरफा आलोचना के बाद संस्थान के एक सदस्य ने रूसी वैज्ञानिक को संदेश भेजा है। इसमें उनसे माफी मांगी गई है। साथ उनसे संस्थान में आकर वहां अनुसंधान कार्य में शामिल होने का आग्रह किया गया है। इस संदेश की कॉपी को रूसी रिसर्चर के एक दोस्त ने ट्विटर पर पोस्ट किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके पहले जब ऑफर वापस लिया गया था, तब भेजे गए संदेश में संस्थान के एक पदाधिकारी ने लिखा था- ‘मुझे बताया गया है कि हाल में बीटसन इंस्टीट्यूट ने एक नई नीति अपनाई है। उसके तहत मैं आपको नियुक्त करने में असमर्थ हूं, क्योंकि आप रूसी हैं। मुझे इसका अफसोस है और मैं मानता हूं कि यह अनुचित है। लेकिन रूस में जो हो रहा है, उससे आप जैसे युवा वैज्ञानिकों पर बहुत खराब असर पड़ेगा। मैं उम्मीद करता हूं कि भविष्य में मैं आपके लिए पीएचडी कोर्स में स्थान ढूंढ पाऊंगा।’

गुरुवार को जारी एक बयान में बीटसन इंस्टीट्यूट ने सफाई दी कि उसकी ऐसी कोई नीति नहीं है, जिसके तहत रूसी छात्रों की अर्जी को सिर्फ उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर ठुकरा दिया जाए। बयान में कहा गया- ‘इस मामले में कुछ शुरुआती गलतफहमी हुई, जिसका हल अब निकाल लिया गया है। हमने संबंधित आवेदक से संपर्क किया है, और उन्हें पीएचडी कोर्स में जगह देने की पेशकश की है। उन्हें जो तकलीफ पहुंची, उसके लिए हमने माफी भी मांगी है। हम पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि भविष्य में फिर ऐसी घटना ना दोहराई जाए।’

इसके पहले ऐसी ही एक घटना पिछले मई में यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट लंदन में हुई थी। तब हॉस्पिलिटी कोर्स के लिए आए एक रूसी महिला के आवेदन को ठुकरा दिया गया था। उस महिला को भेजे गए ई-मेल में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूनिवर्सिटी में अपनाई गई नई नीति का हवाला दिया गया था। लेकिन फिर बाद यूनिवर्सिटी ने सफाई दी थी कि ‘आंतरिक गलतफहमी’ के कारण ‘गलती से’ वो ई-मेल चला गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed