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Bangladesh: 'मंच 71' की सभा में बवाल, मुक्ति योद्धा और 15 अन्य पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत दर्ज होगा मामला

Fri, 29 Aug 2025 08:01 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 29 Aug 2025 08:01 AM IST
सार

 Bangladesh: ढाका में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भीड़ के हमले से बचाए गए 1971 के मुक्ति संग्राम सेनानी अब्दुल लतीफ सिद्दीकी समेत 16 लोगों पर बांग्लादेश पुलिस ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल सभी को गुप्तचर शाखा की हिरासत में रखा गया है।

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Bangladesh to charge 1971 war veteran, 15 others under terror law after mob rescue
एफआईआर (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

बांग्लादेश पुलिस ने कहा है कि वह 1971 के मुक्ति संग्राम के एक प्रमुख योद्धा और 15 अन्य लोगों पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज करेगी। यह फैसला उस समय लिया गया, जब इन सभी को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भीड़ के हमले से बचाकर हिरासत में लिया गया।
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ढाका पुलिस के संयुक्त आयुक्त नसीरुल इस्लाम ने बताया कि इन 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। अभी ये सभी लोग गुप्तचर शाखा (डिटेक्टिव ब्रांच) की हिरासत में हैं। यह जानकारी बांग्लादेश के राष्ट्रीय अखबार प्रथम आलो ने दी।
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पुलिस ने बताया कि पूर्व मंत्री और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के योद्धा अब्दुल लतीफ सिद्दीकी, ढाका विश्वविद्यालय के कानून के प्रोफेसर हफीजुर रहमान कर्जन, पत्रकार मंजुरुल आलम पन्ना, कई स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व नौकरशाह और अन्य को 2009 के सख्त आतंकवाद विरोधी कानून के तहत आरोपित किया गया है।

ढाका पुलिस के उपायुक्त मसूद आलम ने इससे करीब 11 घंटे पहले बताया था कि इन लोगों को 'जनता के आक्रोश से बचाने के लिए' हिरासत में लिया गया है और आगे क्या करना है, इसका फैसला बाद में किया जाएगा। ये सभी लोग गुरुवार को 'हमारा महान मुक्ति संग्राम और बांग्लादेश का संविधान' विषय पर एक सार्वजनिक चर्चा के लिए एकत्र हुए थे। यह कार्यक्रम हाल ही में बने योद्धाओं के संगठन 'मंच 71' की ओर से ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी (डीआरयू) सभागार में आयोजित किया गया था।

इस कार्यक्रम पर हमला करने वाली भीड़ ने आयोजकों और मौजूद लोगों को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की 'फासीवादी सरकार' के समर्थक कहा और आरोप लगाया कि वे पिछले साल के छात्र आंदोलन के खिलाफ साजिश रचने के लिए एकत्र हुए थे।


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2024 में हुए इस हिंसक छात्र आंदोलन का नेतृत्व 'स्टुडेंट अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (एसएडी) ने किया था, जिसने पांच अगस्त को शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को गिरा दिया था। उसी दिन हसीना वायुसेना के एक विमान से भारत चली गई थीं। तीन दिन बाद प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस को एसएडी के प्रतिनिधि के रूप में अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया।

'मंच 71' संगठन इस महीने की शुरुआत में बना था। इसका मकसद 1971 के मुक्ति संग्राम, बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान, 1972 के संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान को बनाए रखना बताया गया है।

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