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Bangladesh: बांग्लादेश हिंसा की यूएन से जांच कराने की मांग, ब्रिटेन के विदेश मंत्री बोले- ये उनका अधिकार
Tue, 06 Aug 2024 07:53 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 06 Aug 2024 07:53 AM IST
सार
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने कहा कि 'बांग्लादेश के लोग इस चीज के हकदार हैं कि उन्हें पता चले कि बीते कुछ हफ्तों में उनके देश में क्या हुआ और इस जांच का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र करे।'
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शेख हसीना के इस्तीफे के बाद जश्न मनाते बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी
- फोटो : एक्स/तारीक रहमान
विस्तार
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने बांग्लादेश में जारी हिंसा पर चिंता जताई है और कहा है कि सभी को मिलकर काम करना चाहिए और हिंसा को समाप्त करना चाहिए। डेविड लैमी ने अपील की कि बांग्लादेश हिंसा की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और संयुक्त राष्ट्र को इसका नेतृत्व करना चाहिए।
'बांग्लादेश के लोगों को सब जानने का हक'
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने कहा कि 'बांग्लादेश के लोग इस चीज के हकदार हैं कि उन्हें पता चले कि बीते कुछ हफ्तों में उनके देश में क्या हुआ और इस जांच का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र करे।' डेविड लैमी ने कहा कि 'बीते दो हफ्तों में बांग्लादेश में अभूतपूर्व हिंसा हुई है और इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। बांग्लादेश की सेना के प्रमुख ने सत्ता के हस्तांतरण की बात कही है।'
बांग्लादेश की हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों की गई जान
ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने कहा कि ब्रिटेन चाहता है कि बांग्लादेश का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक भविष्य हो। ब्रिटेन और बांग्लादेश के आपसी रिश्ते बहुत गहरे हैं और दोनों देश साझा राष्ट्रमंडल मूल्यों को साझा करते हैं। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में आरक्षण के विरोध में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरक्षण पर रोक लग गई, लेकिन फिर प्रदर्शनकारियों ने पीएम शेख हसीना के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी। इस हिंसा में 100 से ज्यादा लोग मारे गए, इनमें 14 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हिंसा में सैंकड़ों लोग घायल भी हुए हैं।
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आखिरकार बांग्लादेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई और प्रधानमंत्री शेख हसीना अपना इस्तीफा देकर बांग्लादेश छोड़कर भारत पहुंच गईं। इसके बाद प्रदर्शनकारी पीएम आवास में घुस गए। अभी भी विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांत नहीं हुए हैं। बांग्लादेश की सेना के प्रमुख ने कहा है कि जल्द ही अंतरिम सरकार का गठन हो जाएगा।
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'बांग्लादेश के लोगों को सब जानने का हक'
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने कहा कि 'बांग्लादेश के लोग इस चीज के हकदार हैं कि उन्हें पता चले कि बीते कुछ हफ्तों में उनके देश में क्या हुआ और इस जांच का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र करे।' डेविड लैमी ने कहा कि 'बीते दो हफ्तों में बांग्लादेश में अभूतपूर्व हिंसा हुई है और इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। बांग्लादेश की सेना के प्रमुख ने सत्ता के हस्तांतरण की बात कही है।'
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बांग्लादेश की हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों की गई जान
ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने कहा कि ब्रिटेन चाहता है कि बांग्लादेश का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक भविष्य हो। ब्रिटेन और बांग्लादेश के आपसी रिश्ते बहुत गहरे हैं और दोनों देश साझा राष्ट्रमंडल मूल्यों को साझा करते हैं। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में आरक्षण के विरोध में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरक्षण पर रोक लग गई, लेकिन फिर प्रदर्शनकारियों ने पीएम शेख हसीना के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी। इस हिंसा में 100 से ज्यादा लोग मारे गए, इनमें 14 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हिंसा में सैंकड़ों लोग घायल भी हुए हैं।
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आखिरकार बांग्लादेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई और प्रधानमंत्री शेख हसीना अपना इस्तीफा देकर बांग्लादेश छोड़कर भारत पहुंच गईं। इसके बाद प्रदर्शनकारी पीएम आवास में घुस गए। अभी भी विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांत नहीं हुए हैं। बांग्लादेश की सेना के प्रमुख ने कहा है कि जल्द ही अंतरिम सरकार का गठन हो जाएगा।