{"_id":"68e549538b74557fcd0394bd","slug":"bangladesh-plans-to-buy-20-chinese-j-10ce-jets-in-usd-2-2-billion-deal-report-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bangladesh: चीन के 20 जे-10सीई लड़ाकू विमान खरीदने की योजना बना रहा बांग्लादेश, 2.2 अरब डॉलर का करेगा सौदा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Bangladesh: चीन के 20 जे-10सीई लड़ाकू विमान खरीदने की योजना बना रहा बांग्लादेश, 2.2 अरब डॉलर का करेगा सौदा
Tue, 07 Oct 2025 10:39 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 07 Oct 2025 10:39 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
बांग्लादेश ने 2.2 अरब डॉलर के सौदे में 20 चीनी जे-10सीई लड़ाकू विमानों को खरीदने की योजना बनाई है। यह सौदा प्रशिक्षण, रखरखाव और अन्य संबंधित खर्चों को भी कवर करेगा। एक मीडिया रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।
रिपोर्ट में सरकारी दस्तावेजों के हवाले से कहा गया, बांग्लादेश 2026 और 2027 के दौरान इन लड़ाकू विमानों को प्राप्त करेगा, ताकि वायुसेना को आधुनिक बनाया जा सके और देश की वायु रक्षा को मजबूत किया जा सके। हालांकि, इस सौदे की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि भुगतान दस वित्तीय वर्षों में (यानी 2036 तक) किया जाएगा।
जब रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो वित्त सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद ने कहा, 'मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।' उन्होंने कहा, 'क्या सिर्फ इसलिए कि मुझे कुछ पता है, मुझे सब कुछ बताना जरूरी है?'
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान चीन कर रहा था पड़ोसी देश की मदद, PAK जनरल ने ही खोल दी पोल
रिपोर्ट में कहा गया है कि जे-10सीई चीन के जे-10सी का निर्यात संस्करण है, जो पहले ही चीनी वायुसेना में सेवा में है। पाकिस्तान ने मई में भारत के साथ चार दिन के सैन्य संघर्ष के दौरान चीनी जे-10सी विमानों का उपयोग किया था। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के कार्यालय ने प्रत्येक विमान की कीमत 60 मिलियन डॉलर और पूरे बेड़े की कीमत 1.2 अरब डॉलर आंकी है, जबकि प्रशिक्षण, उपकरण और ढुलाई पर 820 मिलियन डॉलर खर्च होंगे। बीमा, वैट, एजेंसी कमीशन, नागरिक कार्यों और अन्य खर्चों को जोड़ने पर कुल लागत 2.20 अरब डॉलर हो जाती है।
मार्च में अंतरिम सरकार के प्रमुख के कार्यालय ने कहा था कि यूनुस ने चीन की अपनी यात्रा के दौरान लड़ाकू विमानों की खरीद पर चर्चा की थी, जिस पर चीन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
ये भी पढ़ें: बलूच विद्रोहियों ने फिर बनाया जाफर एक्सप्रेस को निशाना, विस्फोट के बाद कई डिब्बे पटरी से उतरे
रक्षा विश्लेषक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) एएनएम मुनिरुज्जमान ने कहा कि वायुसेना लंबे समय से नए लड़ाकू विमानों को खरीदने की योजना बना रही है। लेकिन यह मामला अभी मूल्यांकन के चरण में है। उन्होंने कहा, आज दुनिया में एक नया भू-राजनीतिक विभाजन है, इसलिए किसी भी देश से विमान खरीदने से पहले भू-राजनीतिक प्रभाव का विश्लेषण करना जरूरी है।
'वार पावर बांग्लादेश' पोर्टल के मुताबिक, बांग्लादेश वायुसेना के पास कुल 212 विमान हैं, जिनमें 44 लड़ाकू विमान शामिल हैं, जिनमें 36 चीन निर्मित एफ-7 हैं। बांग्लादेश वायुसेना के पास अभी दो तरह के विमान हैं। एक वे जिनके पंख सीधे होते हैं और दूसरे वे जिनमें घूमने वाले पंख (रोटरी व्हील) होते हैं। इनमें कुछ पुराने और कुछ नए विमान शामिल हैं। मुख्य लड़ाकू विमान अभी भी पुराना एफ-7 है, लेकिन आठ मिग-29बी नाम के नए और ज्यादा ताकतवर लड़ाकू विमान भी हैं। साथ ही, कुछ छोटे रूसी याक-130 विमान हल्के हमले के लिए हैं।
विज्ञापन
रिपोर्ट में सरकारी दस्तावेजों के हवाले से कहा गया, बांग्लादेश 2026 और 2027 के दौरान इन लड़ाकू विमानों को प्राप्त करेगा, ताकि वायुसेना को आधुनिक बनाया जा सके और देश की वायु रक्षा को मजबूत किया जा सके। हालांकि, इस सौदे की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि भुगतान दस वित्तीय वर्षों में (यानी 2036 तक) किया जाएगा।
विज्ञापन
जब रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो वित्त सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद ने कहा, 'मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।' उन्होंने कहा, 'क्या सिर्फ इसलिए कि मुझे कुछ पता है, मुझे सब कुछ बताना जरूरी है?'
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान चीन कर रहा था पड़ोसी देश की मदद, PAK जनरल ने ही खोल दी पोल
रिपोर्ट में कहा गया है कि जे-10सीई चीन के जे-10सी का निर्यात संस्करण है, जो पहले ही चीनी वायुसेना में सेवा में है। पाकिस्तान ने मई में भारत के साथ चार दिन के सैन्य संघर्ष के दौरान चीनी जे-10सी विमानों का उपयोग किया था। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के कार्यालय ने प्रत्येक विमान की कीमत 60 मिलियन डॉलर और पूरे बेड़े की कीमत 1.2 अरब डॉलर आंकी है, जबकि प्रशिक्षण, उपकरण और ढुलाई पर 820 मिलियन डॉलर खर्च होंगे। बीमा, वैट, एजेंसी कमीशन, नागरिक कार्यों और अन्य खर्चों को जोड़ने पर कुल लागत 2.20 अरब डॉलर हो जाती है।
मार्च में अंतरिम सरकार के प्रमुख के कार्यालय ने कहा था कि यूनुस ने चीन की अपनी यात्रा के दौरान लड़ाकू विमानों की खरीद पर चर्चा की थी, जिस पर चीन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
ये भी पढ़ें: बलूच विद्रोहियों ने फिर बनाया जाफर एक्सप्रेस को निशाना, विस्फोट के बाद कई डिब्बे पटरी से उतरे
रक्षा विश्लेषक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) एएनएम मुनिरुज्जमान ने कहा कि वायुसेना लंबे समय से नए लड़ाकू विमानों को खरीदने की योजना बना रही है। लेकिन यह मामला अभी मूल्यांकन के चरण में है। उन्होंने कहा, आज दुनिया में एक नया भू-राजनीतिक विभाजन है, इसलिए किसी भी देश से विमान खरीदने से पहले भू-राजनीतिक प्रभाव का विश्लेषण करना जरूरी है।
'वार पावर बांग्लादेश' पोर्टल के मुताबिक, बांग्लादेश वायुसेना के पास कुल 212 विमान हैं, जिनमें 44 लड़ाकू विमान शामिल हैं, जिनमें 36 चीन निर्मित एफ-7 हैं। बांग्लादेश वायुसेना के पास अभी दो तरह के विमान हैं। एक वे जिनके पंख सीधे होते हैं और दूसरे वे जिनमें घूमने वाले पंख (रोटरी व्हील) होते हैं। इनमें कुछ पुराने और कुछ नए विमान शामिल हैं। मुख्य लड़ाकू विमान अभी भी पुराना एफ-7 है, लेकिन आठ मिग-29बी नाम के नए और ज्यादा ताकतवर लड़ाकू विमान भी हैं। साथ ही, कुछ छोटे रूसी याक-130 विमान हल्के हमले के लिए हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन