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Bangladesh Operation Devil Hunt: अंतरिम सरकार की दो टूक- उपद्रवियों पर नरमी नहीं, अब तक 1300 से अधिक गिरफ्तारी
Mon, 10 Feb 2025 03:41 AM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 10 Feb 2025 03:41 AM IST
सार
राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रहे बांग्लादेश में 'ऑपरेशन डेविल हंट' चलाया जा रहा है। ढाका में उपद्रव और अशांति के माहौल के बीच सुरक्षा बलों ने बीते चार दिनों में 1300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। अंतरिम सरकार ने कहा है कि शांति भंग करने वाले सभी उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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ढाका में उपद्रव के दौरान शेख मुजीब के घर में घुसे आक्रोशित लोग
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
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विस्तार
बांग्लादेश में उपद्रव के कारण अंतरिम सरकार आलोचकों के निशाने पर है। ताजा घटनाक्रम में देश की अंतरिम सरकार ने दो टूक संदेश दिया है। सख्त कार्रवाई का संकल्प लेते हुए सरकार ने कहा है कि उपद्रवियों पर नरमी नहीं बरती जाएगी। उपद्रवियों और अशांति फैलाने वाले असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए 'ऑपरेशन डेविल हंट' चला रहे बांग्लादेशी सुरक्षाबलों ने अब तक 1308 लोगों को गिरफ्तार किया है। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि प्रशासन ने 'सभी शैतानी तत्वों' को उखाड़ फेंकने तक कार्रवाई जारी रखने की कसम खाई है।
24 घंटे के भीतर 200 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी
बांग्लादेश के अधिकांश मीडिया आउटलेट्स में आई खबरों के मुताबिक सेना, पुलिस और उनकी विशेष इकाइयों के संयुक्त बलों ने अभियान शुरू होने के 24 घंटे के भीतर ढाका समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से 274 लोगों को गिरफ्तार किया।
उपद्रवियों से पूरी सख्ती से निपटने का संकल्प
गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी ने बताया कि जो देश को अस्थिर करने की साजिश बना रहे हैं, उनके खिलाफ पूरी सख्ती से निपटा जाएगा। अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी शैतानों को जड़ से उखाड़ कर नहीं फेंक दिया जाता। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन उन लोगों के खिलाफ है जो देश को अस्थिर करने, कानून तोड़ने, आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने और आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश कर रहे हैं।
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हिंसक झड़प के बाद ऑपरेशन डेविल हंट
अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग के 81 कार्यकर्ताओं को ढाका के बाहरी इलाके गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया। यहीं से हिंसक झड़प शुरू हुई थी, जिसके बाद ऑपरेशन डेविल हंट शुरू किया गया। हिंसा भड़कने के बाद अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शेख हसीना, उनके परिवार और राजनीतिक दल- अवामी लीग को 'फासीवादी' करार दिया। हालांकि, उन्होंने आवामी लीग के नेताओं की संपत्तियों पर हमलों को रोकने का आह्वान भी किया।
बीएनपी ने 11 फरवरी से राष्ट्रव्यापी रैलियां शुरू करने का एलान किया
ढाका में शेख मुजीब मेमोरियल में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा को लेकर शेख हसीना की राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भी चिंता जाहिर की। बीएनपी ने उपद्रव पर नकेल कसने के साथ कानून-व्यवस्था बरकरार रखने की अपील की। पार्टी ने अंतरिम सरकार को आगाह किया कि ऐसा न करने पर 'फासीवादी' ताकतें देश में फिर से उभर सकती हैं। पार्टी ने 11 फरवरी से राष्ट्रव्यापी रैलियां शुरू करने का एलान किया है। बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी उपाय करने के अलावा चुनावी रोडमैप तैयार करने की मांग भी की गई है।
शेख मुजीब के घर पर उपद्रव के बाद बिगड़े हालात
गौरतलब है कि बीते सप्ताह ढाका के बाहरी इलाके में अवामी लीग के संस्थापक शेख मुजीब-उर-रहमान के आवास पर तोड़फोड़ और आगजनी की खबर आने के बाद शनिवार को अंतरिम सरकार ने शनिवार को 'ऑपरेशन डेविल हंट' का आदेश दिया। पूर्व पीएम शेख हसीना के पिता के घर पर उपद्रव के बाद कई छात्र कार्यकर्ता घायल भी हुए।
अवामी लीग नेता के घर पर हमले के बाद हुई हिंसा में 40 गिरफ्तार
इससे पहले रविवार शाम बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहरी इलाके में अवामी लीग के नेता मोजम्मेल हक के घर पर हुए हमले व तोड़फोड़ के दौरान छात्र समूह के कार्यकर्ताओं पर हमले को लेकर 40 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई थी। हमले में कई लोग घायल हुए थे। मुख्य सलाहकार यूनुस ने घटना केे बाद शनिवार को ऑपरेशन डेविल हंट का आदेश दिया था।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ भी हिंसा के कई मामले
बता दें कि बीते साल अगस्त में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ जनाक्रोश चरम पर था। इस कारण हसीना को पद छोड़कर बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ा। भारत सरकार के मुताबिक अगस्त से अब तक बांग्लादेश में 23 हिंदुओं की मौत हो चुकी है। साथ ही हिंदू मंदिरों पर हमले की 152 घटनाएं सामने आई हैं। नवंबर के अंतिम हफ्ते से 25 जनवरी के बीच बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हमलों की 76 घटनाएं हुई हैं। अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों से संबंधित 88 मामलों में बांग्लादेशी पुलिस और प्रशासन ने 70 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ऐसी 1254 घटनाओं की पुष्टि कर चुकी है।
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24 घंटे के भीतर 200 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी
बांग्लादेश के अधिकांश मीडिया आउटलेट्स में आई खबरों के मुताबिक सेना, पुलिस और उनकी विशेष इकाइयों के संयुक्त बलों ने अभियान शुरू होने के 24 घंटे के भीतर ढाका समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से 274 लोगों को गिरफ्तार किया।
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उपद्रवियों से पूरी सख्ती से निपटने का संकल्प
गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी ने बताया कि जो देश को अस्थिर करने की साजिश बना रहे हैं, उनके खिलाफ पूरी सख्ती से निपटा जाएगा। अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी शैतानों को जड़ से उखाड़ कर नहीं फेंक दिया जाता। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन उन लोगों के खिलाफ है जो देश को अस्थिर करने, कानून तोड़ने, आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने और आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश कर रहे हैं।
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हिंसक झड़प के बाद ऑपरेशन डेविल हंट
अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग के 81 कार्यकर्ताओं को ढाका के बाहरी इलाके गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया। यहीं से हिंसक झड़प शुरू हुई थी, जिसके बाद ऑपरेशन डेविल हंट शुरू किया गया। हिंसा भड़कने के बाद अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शेख हसीना, उनके परिवार और राजनीतिक दल- अवामी लीग को 'फासीवादी' करार दिया। हालांकि, उन्होंने आवामी लीग के नेताओं की संपत्तियों पर हमलों को रोकने का आह्वान भी किया।
बीएनपी ने 11 फरवरी से राष्ट्रव्यापी रैलियां शुरू करने का एलान किया
ढाका में शेख मुजीब मेमोरियल में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा को लेकर शेख हसीना की राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भी चिंता जाहिर की। बीएनपी ने उपद्रव पर नकेल कसने के साथ कानून-व्यवस्था बरकरार रखने की अपील की। पार्टी ने अंतरिम सरकार को आगाह किया कि ऐसा न करने पर 'फासीवादी' ताकतें देश में फिर से उभर सकती हैं। पार्टी ने 11 फरवरी से राष्ट्रव्यापी रैलियां शुरू करने का एलान किया है। बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी उपाय करने के अलावा चुनावी रोडमैप तैयार करने की मांग भी की गई है।
शेख मुजीब के घर पर उपद्रव के बाद बिगड़े हालात
गौरतलब है कि बीते सप्ताह ढाका के बाहरी इलाके में अवामी लीग के संस्थापक शेख मुजीब-उर-रहमान के आवास पर तोड़फोड़ और आगजनी की खबर आने के बाद शनिवार को अंतरिम सरकार ने शनिवार को 'ऑपरेशन डेविल हंट' का आदेश दिया। पूर्व पीएम शेख हसीना के पिता के घर पर उपद्रव के बाद कई छात्र कार्यकर्ता घायल भी हुए।
अवामी लीग नेता के घर पर हमले के बाद हुई हिंसा में 40 गिरफ्तार
इससे पहले रविवार शाम बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहरी इलाके में अवामी लीग के नेता मोजम्मेल हक के घर पर हुए हमले व तोड़फोड़ के दौरान छात्र समूह के कार्यकर्ताओं पर हमले को लेकर 40 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई थी। हमले में कई लोग घायल हुए थे। मुख्य सलाहकार यूनुस ने घटना केे बाद शनिवार को ऑपरेशन डेविल हंट का आदेश दिया था।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ भी हिंसा के कई मामले
बता दें कि बीते साल अगस्त में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ जनाक्रोश चरम पर था। इस कारण हसीना को पद छोड़कर बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ा। भारत सरकार के मुताबिक अगस्त से अब तक बांग्लादेश में 23 हिंदुओं की मौत हो चुकी है। साथ ही हिंदू मंदिरों पर हमले की 152 घटनाएं सामने आई हैं। नवंबर के अंतिम हफ्ते से 25 जनवरी के बीच बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हमलों की 76 घटनाएं हुई हैं। अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों से संबंधित 88 मामलों में बांग्लादेशी पुलिस और प्रशासन ने 70 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ऐसी 1254 घटनाओं की पुष्टि कर चुकी है।