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Bangladesh MP Murder: ‘शव न मिलने के कारण सांसद की सीट को खाली घोषित करना कठिन’ अधिकारी ने बताई परेशानी

Mon, 27 May 2024 08:45 PM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 27 May 2024 08:45 PM IST
सार

संविधान विशेषज्ञ शाहदीन मलिक ने संवाददाताओं से कहा कि बांग्लादेश के कानून के अनुसार, यदि कोई संसदीय सीट किसी भी कारण से खाली होती है तो 90 दिनों के भीतर उपचुनाव कराने होते हैं। लेकिन शव न मिल पाने के कारण सीट को खाली घोषित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

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Bangladesh MP Anwarul Azim Anar Murder case Difficult to declare MP seat vacant due to no body found
अनवारुल अजीम अनार - फोटो : फेसबुक@MPAnowarulAzimAnar

विस्तार

बांग्लादेशी सांसद हत्याकांड इन दिनों विवादों में बना हुआ है। इस बीच बांग्लादेश के अधिकारियों का कहना है कि सांसद का शव न मिलने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। सोमवार को बांग्लादेश के एक अधिकारी ने बताया कि संसद सचिवालय और चुनाव आयोग अनवारुल अजीम अनार का शव न मिलने के कारण उनकी संसदीय सीट जेनाइदाह-4 को खाली घोषित नहीं कर पा रहा है।

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संविधान विशेषज्ञ शाहदीन मलिक ने संवाददाताओं से कहा कि बांग्लादेश के कानून के अनुसार, यदि कोई संसदीय सीट किसी भी कारण से खाली होती है तो 90 दिनों के भीतर उपचुनाव कराने होते हैं। लेकिन शव न मिल पाने के कारण सीट को खाली घोषित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। संसद सचिवालय के वरिष्ठ सचिव केएम अब्दुस सलाम ने कहा कि स्पीकर शिरुन शर्मिन चौधरी कानूनी विशेषज्ञों और अन्य संबंधित लोगों के साथ परामर्श करेंगे, इसके बाद ही कोई निर्णय होने की उम्मीद है।  

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बांग्लादेश के अधिकारी पहुंचे कोलकाता
हत्याकांड में जानकारी जुटाने के लिए अब पड़ोसी मुल्क के खुफिया विभाग के प्रमुख रविवार को भारत आए हैं। उनके साथ बांग्लादेश की खुफिया विभाग शाखा के दो अन्य अधिकारी भी कोलकाता पहुंचे हैं। बांग्लादेश डिटेक्टिव ब्रांच की एक टीम, जिसमें डिटेक्टिव चीफ हारुनन राशिद मिंटो सहित तीन शीर्ष अधिकारी शामिल हैं, रविवार को कोलकाता पहुंची। उनके साथ अन्य दो अधिकारी सईदुर रहमान और अब्दुल अहर भी आए हैं। 

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इलाज के लिए कोलकाता आए थे बांग्लादेशी सांसद
बांग्लादेशी सांसद इलाज के लिए कोलकाता आए थे। उप उच्चायोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सांसद अजीम 12 मई को कोलकाता पहुंचे थे और शहर के उत्तरी इलाके में बारानगर में अपने दोस्त के घर पर ठहरे थे। 13 मई को वह किसी से मिलने गए लेकिन वापस नहीं लौटे। मामले का खुलासा 18 मई को हुआ, जब बांग्लादेशी सांसद के परिचित गोपाल बिस्वास ने थाने में उनके लापता होने की जानकारी दी। अनार कोलकाता में बिस्वास के घर पर ही रुके थे। बिस्वास ने दावा किया कि सांसद 17 मई से उनके संपर्क में नहीं थे। इसलिए उन्होंने एक दिन बाद गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। उनके फोन से परिवार के सदस्यों को संदेश भेजे गए थे कि वह नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उनका कोई पता नहीं है।

हनी ट्रैप का मामला आया सामने 
पश्चिम बंगाल सीआईडी ने हत्या के पीछे हनी ट्रैप की आशंका जताई है। पुलिस का मानना है कि सांसद को एक महिला न्यू टाउन के एक फ्लैट में प्रलोभन देकर ले गई, जिसके बाद भाड़े के बदमाशों द्वारा उनकी हत्या की गई होगी। वहीं, हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने हत्या के मुख्य आरोपियों में से एक से मुलाकात की थी। यह व्यक्ति बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब पश्चिम बंगाल के एक इलाके का निवासी है। पुलिस अधिकारी ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान बताए बिना कहा कि जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह व्यक्ति सांसद से क्यों मिला और उन्होंने क्या चर्चा की थी। 

जांच से संकेत मिला कि बांग्लादेशी सांसद एक महिला द्वारा बिछाए गए 'हनी ट्रैप' में फंस गए, जो सांसद के दोस्त की भी करीबी थी। ऐसा लगता है कि महिला ने सांसद को न्यू टाउन के फ्लैट में जाने का प्रलोभन दिया था। हमें आशंका है कि वहां पहुंचते ही उनकी हत्या कर दी गई। 

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