{"_id":"674696ca5103c2624209d625","slug":"bangladesh-lawyer-killed-after-clashes-over-hindu-priest-s-arrest-yunus-government-orders-probe-2024-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bangladesh: चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद बवाल जारी, वकील की बेरहमी से की गई हत्या; सरकार ने दिए जांच के आदेश","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Bangladesh: चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद बवाल जारी, वकील की बेरहमी से की गई हत्या; सरकार ने दिए जांच के आदेश
Wed, 27 Nov 2024 09:20 AM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Wed, 27 Nov 2024 09:20 AM IST
सार
चटगांव में तनाव के बीच देशभर में कानून प्रवर्तन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। बांग्लादेश ने चटगांव और राजधानी ढाका में अतिरिक्त बलों की तैनाती की है।
विज्ञापन
झड़प में मारे गए वकील सैफुल इस्लाफ आरिफ
- फोटो : एक्स/@Drsr_Official
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांग्लादेश इस्कॉन के प्रमुख चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी को लेकर बांग्लादेश सरकार की आलोचना हो रही है। उनकी गिरफ्तारी को लेकर ढाका में लगातार बवाल जारी है। इस बीच, यहां के बंदरगाह शहर चटगांव में मंगलवार को झड़प हुई। इसमें एक वकील की कथित तौर पर हत्या कर दी गई।
विज्ञापन
चटगांव बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नाजिम उद्दीन चौधरी ने कहा कि चटगांव में एक वकील सैफुल इस्लाम आरिफ की हत्या कर दी गई। हालांकि, हत्या का मकसद स्पष्ट नहीं है। वहीं, चटगांव बार एसोसिएशन के महासचिव अशरफ हुसैन रज्जाक ने बताया कि आरिफ की बेरहमी से हत्या की गई है। अपने सदस्य की हत्या के विरोध में बार एसोसिएशन ने बुधवार को अदालती गतिविधियों को निलंबित करने का फैसला किया है।
विज्ञापन
कानून प्रवर्तन एजेंसियां हाई अलर्ट पर
चटगांव में तनाव के बीच देशभर में कानून प्रवर्तन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। बांग्लादेश ने चटगांव और राजधानी ढाका में अतिरिक्त बलों की तैनाती की है। चटगांव में हजारों लोग हिन्दू पुजारी चिन्मय ब्रह्मचारी की रिहाई की मांग को लेकर अदालत परिसर में जमा हुए।
विज्ञापन
देशद्रोह का मुकदमा हो चुका दर्ज
गौरतलब है, 30 अक्तूबर को बांग्लादेश में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप में देशद्रोह अधिनियम के तहत चिन्मय कृष्ण दास प्रभु समेत 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। आरोप है कि 25 अक्तूबर को चटगांव के लालदीघी मैदान में सनातन जागरण मंच ने आठ सूत्री मांगों को लेकर एक रैली की थी। इस दौरान एक चौक पर स्थित आजादी स्तंभ पर कुछ लोगों ने भगवा ध्वज फहराया था। इस ध्वज पर आमी सनातनी लिखा हुआ था। इसे लेकर चिन्मय कृष्ण दास पर राष्ट्रीय झंडे की अवमानना व अपमान करने का आरोप लगाया गया है। पढ़ें पूरी खबर...
प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे
मंगलवार को अदालत द्वारा उनकी जमानत की अर्जी खारिज किए जाने और उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जेल वैन को रोक दिया। पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उन्हें हटाने के लिए आंसू के गोले दागे और ग्रेनेड दागे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दो घंटे की झड़पों के बाद चिन्मय ब्रह्मचारी को जेल भेज दिया गया।
एक अल्पसंख्यक नेता ने कहा, 'राष्ट्रीय झंडे की अवमानना के आरोप में चिन्मय के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। लेकिन जिस शख्स ने केस दर्ज कराया था, अब वह इससे नहीं जुड़ा है। वह मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहता है।'
बीएचबीसीयूसी ने भी गिरफ्तारी की निंदा की
बांग्लादेश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समूह बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (बीएचबीसीयूसी) ने मंगलवार को चिन्मय ब्रह्मचारी की गिरफ्तारी पर चिंता व्यक्त की। समूह ने अत्याचारों की निंदा की और अंतरिम सरकार से उनकी तुरंत रिहाई का आग्रह किया। बीएचबीसीयूसी के कार्यवाहक महासचिव मणींद्र कुमार नाथ ने कहा कि हम चिन्मय कृष्ण दास को सोमवार दोपहर ढाका हवाईअड्डा क्षेत्र से गिरफ्तार किए जाने की कड़ी निंदा करते हैं।
क्या बोले मोहम्मद यूनुस?
ढाका हवाई अड्डे पर बांग्लादेशी अधिकारियों द्वारा चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के तुरंत बाद अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने राजधानी ढाका सहित पूरे बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन किया। बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने बंदरगाह शहर चटगांव में एक वकील की हत्या की निंदा की है। उन्होंने हत्या की जांच और उचित कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने लोगों से शांत रहने और किसी भी अप्रिय गतिविधियों में भाग लेने से दूर रहने का आग्रह किया है। उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बंदरगाह शहर में सुरक्षा बढ़ाने का भी आदेश दिया है।