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Bangladesh: 'राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के भविष्य का फैसला सियासी दलों से चर्चा के बाद होगा', अंतरिम सरकार का बयान

Thu, 24 Oct 2024 11:11 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 24 Oct 2024 11:11 PM IST
सार

Bangladesh: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा कि राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन के भविष्य का फैसला राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद किया जाएगा। राष्ट्रपति ने दावा किया था कि उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का इस्तीफा पत्र नहीं मिला। जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। 

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Bangladesh interim govt to decide President's fate after talks with political parties
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन - फोटो : एएनआई/ट्विटर/ग्रीन वॉच ढाका

विस्तार

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा कि राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के भविष्य का फैसला राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद किया जाएगा। दरअसल, राष्ट्रपति ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के के इस्तीफे को लेकर सवाल उठाए थे, जिससे विवाद पैदा हुआ। इसके बाद अंतरिम सरकार की ओर से यह बयान सामने आया है। 

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खबरों के मुताबिक, अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के एक सलाहकार ने बताया कि सलाहकार परिषद इस मुद्द पर सियासी दलों के साथ चर्चा करने बाद फैसला लेगी। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मामलों की सलाहकार सईदा रिजवाना हसन ने कहा, परिषद राजनीतिक दलों की सहमति के आधार पर फैसला लेगी। 
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राष्ट्रपति शहाबुद्दीन को पद से हटान की मांग तब उठी है, जब एक बांग्ला अखबार को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें शेख हसीना का इस्तीफा पत्र नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने सुना था कि हसीना ने इस्तीफा दिया है, लेकिन उनके पास इसका कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है। शहाबुद्दीन ने यह भी कहा कि कई प्रयासों के बावजूद वह कोई दस्तावेज नहीं ढूंढ पाए। 
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इस बयान के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर धावा बोलने की कोशिश की, जिसके बाद सेना को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दखल देना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग की थी। भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन ने राष्ट्रपति हटाने के लिए सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने बांग्लादेश के 1972 के संविधान को खत्म करने सहित पांच मांगें सामने रखी हैं। इसी संगठन ने शेख हसीना की सरकार गिराने के लिए पांच अगस्त को प्रदर्शनों का नेतृत्व किया था। 

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