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Bangladesh: साथी की हत्या मामले में 20 छात्रों की मौत की सजा बरकरार; शेख हसीना की पार्टी से जुड़े थे आरोपी

Sun, 16 Mar 2025 07:14 PM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: शिव शुक्ला Updated Sun, 16 Mar 2025 07:14 PM IST
सार

आरोपियों ने सात अक्तूबर, 2019 को बीयूईटी के इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के द्वितीय वर्ष के छात्र अबरार फहद की सरकार की आलोचना करने वाली एक फेसबुक पोस्ट के कारण हत्या कर दी थी। जांच में पता चला था कि उसे 25 साथी छात्रों ने क्रिकेट बैट व अन्य कुंद वस्तुओं से लगभग छह घंटे तक पीटा था।

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Bangladesh High Court upholds 20 students' death penalty for lynching university mate
कोर्ट का फैसला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बांग्लादेश के हाईकोर्ट ने रविवार को एक इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय के 20 छात्रों की मौत की सजा को बरकरार रखा। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी छात्रों को वर्ष 2019 में एक अन्य छात्र की पीट-पीटकर हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई थी।

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अदालत के अधिकारियों ने बताया कि जस्टिस एकेएम असदुज्जमां व जस्टिस सैयद इनायत हुसैन की पीठ ने मौत की सजा की अनिवार्य पुष्टि तथा निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दोषियों की अपील पर सुनवाई पूरी करते हुए एक साथ फैसला सुनाया। सभी दोषी बांग्लादेश इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (बीयूईटी) के छात्र थे और बांग्लादेश छात्र लीग (बीसीएल) से जुड़े थे। बीसीएल को अब भंग किया जा चुका है। वह अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की छात्र शाखा थी।
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आरोपियों ने सात अक्तूबर, 2019 को बीयूईटी के इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के द्वितीय वर्ष के छात्र अबरार फहद की सरकार की आलोचना करने वाली एक फेसबुक पोस्ट के कारण हत्या कर दी थी। जांच में पता चला था कि उसे 25 साथी छात्रों ने क्रिकेट बैट व अन्य कुंद वस्तुओं से लगभग छह घंटे तक पीटा था। फहाद की हत्या के बाद बीयूईटी व बीसीएल दोनों ने आरोपी छात्रों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया था। ढाका की एक अदालत ने आठ दिसंबर, 2021 को 20 दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी। उस समय अवामी लीग सत्ता में थी।
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अटॉर्नी जनरल एम. असदुज्जमान ने बताया कि 20 छात्रों की मौत की सजा बरकरार रखने के अलावा, कोर्ट ने अन्य पांच दोषियों की आजीवन कारावास की सजा भी बरकरार रखी। उन्होंने बताया कि ये भी बीयूईटी के छात्र थे।

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