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Bangladesh: बीएनपी के घोषणापत्र में हिंदुओं के कल्याण के लिए बड़ा वादा, मतपत्रों से हसीना का चुनाव चिह्न गायब

Sat, 07 Feb 2026 05:40 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sat, 07 Feb 2026 05:40 AM IST
सार

बांग्लादेश चुनाव में पहली बार गोपालगंज में अवामी लीग का नाव चिन्ह मतपत्र से गायब रहेगा, जिससे सियासी समीकरण बदले दिख रहे हैं। बीएनपी और जमात को बढ़त मिलती नजर आ रही है। चुनाव से पहले ढाका में प्रदर्शन और झड़प में 50 लोग घायल हुए। बीएनपी ने घोषणापत्र में हिंदुओं के लिए एक वादा भी किया है। आइए पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।

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Bangladesh election BNP manifesto includes major promise for welfare of Hindus Hasina symbol not ballot papers
अवामी लीग का चुनाव चिन्ह मतपत्रों से गायब। - फोटो : ANI

विस्तार

 बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव से छह दिन पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने अपना घोषणापत्र जारी किया। इसमें सामूहिक प्रगति के लिए पड़ोसियों के साथ बेहतर संबंध बनाने, सीमापार होने वाली हत्याओं और घुसपैठ को रोकने के उपायों की घोषणा की गई है। ये वादे भारत के संदर्भ में माने जा रहे हैं।
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बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान की ओर से जारी 51-सूत्री घोषणापत्र में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए फंडिंग बढ़ाने का भी वादा किया गया है। रहमान ने एक होटल में कहा कि हम अपने देश के हित, स्वतंत्रता और संप्रभुता को बनाए रखते हुए अन्य देशों के साथ संबंध बनाएंगे। हम अपने पड़ोसियों के साथ समानता, सहयोग और दोस्ती के संबंध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उस रिश्ते की नींव आपसी सम्मान और समझ पर आधारित होगी, जो सामूहिक प्रगति सुनिश्चित करेगी। एजेंसी
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और क्या-क्या वादे?
नदियों से पानी का लेना सुनिश्चित करने का वादा घोषणापत्र के अनुसार, बीएनपी राज्य शासन के मूल दर्शन के रूप में बांग्लादेश प्रथम को अपनाएगी। रहमान (60) को पिछले महीने अपनी मां, बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के बाद पार्टी प्रमुख चुना गया था। यह पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग की अनुपस्थिति में बांग्लादेश के बदले हुए परिदृश्य में सबसे आगे नजर आ रही है। भारत का नाम लिए बिना घोषणापत्र में कहा गया कि पद्मा (गंगा), तीस्ता और बांग्लादेश की सभी सीमा पार नदियों से पानी का उचित हिस्सा सुनिश्चित किया जाएगा।
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मतपत्रों में नहीं होगा आवामी लीग का चिन्ह
वहीं, दशकों में पहली बार, बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के गृह नगर गोपालगंज में चुनावों के दौरान दिखने वाला प्रतीक उनकी अवामी लीग पार्टी का नाव चिन्ह इस बार मतपत्रों से गायब रहेगा। इसके स्थान पर, बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी), जमात-ए-इस्लामी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों जैसे प्रतिद्वंद्वियों के चुनाव चिन्ह शामिल रहेंगे। इन्हीं पार्टियों के पोस्टर सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। बैनर-पोस्टरों से भी हसीना व उनकी पार्टी गायब होने से वोटरों में हताशा है।

देशभर में जोर-शोर से जारी चुनाव प्रचार में मतदाताओं से 12 फरवरी के मतदान में तीनों दलों का समर्थन करने का आग्रह किया गया है। गोपालगंज जिला लंबे समय से अवामी लीग का सबसे सुरक्षित गढ़ माना जाता रहा है। यहीं से बांग्लादेश की सबसे लंबे समय तक पीएम रहीं हसीना और उनके पिता, बांग्लादेश के संस्थापक नेता शेख मुजीबुर रहमान का जन्म हुआ था।


हसीना ने 15 वर्षों से अधिक समय तक किया शासन
हसीना ने 2024 तक लगातार 15 वर्षों से अधिक समय तक शासन किया। इस दौरान विपक्ष ने चुनाव का बहिष्कार भी किया। इस माह छपे मतदाताओं के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग आधे पूर्व अवामी लीग मतदाता अब बीएनपी को पसंद करते हैं। वह ज्यादातर जनमत सर्वेक्षणों में सबसे आगे है। 30% मतदाता जमात के पक्ष में हैं। ढाका स्थित कम्युनिकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन व बांग्लादेश इलेक्शन एंड पब्लिक ओपिनियन स्टडीज के मुताबिक, पूर्व अवामी लीग मतदाता प्राथमिकताओं से पीछे नहीं हट रहे हैं, बल्कि विपक्षी विकल्पों के प्रति समर्थन जता रहे हैं।

चुनाव से पहले यूनुस के आवास में घुसने को लेकर झड़प
ढाका। 12 फरवरी को बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय चुनावों से ठीक छह दिन पहले बांग्लादेश में इंकलाब मोर्चा के हजारों प्रदर्शनकारी ढाका की सड़कों पर उतरे। इन प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के सरकारी आवास में घुसने की कोशिश की। इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले, साउंड ग्रेनेड और पानी की बौछार छोड़ी। प्रदर्शनकारी 12 दिसंबर 2025 को ढाका के पलटन इलाके में मारे गए उस्मान हादी के हत्यारे को पकड़ने की मांग कर रहे थे। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। इस दौरान 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। 

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