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बांग्लादेश: देश में श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट के मिलने लगे संकेत, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा

Fri, 20 May 2022 06:01 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 20 May 2022 06:01 PM IST
सार

विशेषज्ञों के मुताबिक 2024 से बांग्लादेश को हर साल चार बिलियन डॉलर का कर्ज चुकाना होगा। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) से जुड़ी अर्थशास्त्री नाजनीन अहमद ने कहा- ‘अगर हम परियोजनाओं को समय पर पूरा कर पाए, तभी उनके लिए जो कर्ज लिया गया है, उसे हम चुका पाएंगे।’

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Bangladesh could be face situation like Sri Lanka, increased pressure on foreign exchange reserves
शेख हसीना - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

शेख हसीना वाजेद सरकार लगातार देशवासियों को आश्वस्त कर रही है कि बांग्लादेश में श्रीलंका जैसा आर्थिक संकट पैदा होने का कोई अंदेशा नहीं है। लेकिन जिस तेजी से देश का आयात बिल बढ़ रहा है, उसे देखते हुए यहां सियासी हलकों और मीडिया में आशंका का माहौल बना हुआ है।

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वित्त 2021-22 के पहले पांच महीनों में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में बांग्लादेश के आयात बिल में पिछले साल के इन्हीं महीनों की तुलना में 43.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। बांग्लादेश को आयात किए गए सामानों के बदले 61.52 बिलियन डॉलर का भुगतान करना पड़ा। इस बीच देश निर्यात बढ़ने की धीमी रही। निर्यात सिर्फ 32.9 फीसदी बढ़ा। उधर, विदेशों में रहने वाले बांग्लादेशियों की तरफ से भेजी गई रकम में 20 फीसदी की गिरावट आई। इन रुझानों को विशेषज्ञों ने संभावित संकट का संकेत माना है।

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और बढ़ेगा व्यापार घाटा

चटगांव यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के पूर्व प्रोफेसर मुइनुल इस्लाम ने आशंका जताई है कि आने वाले महीनों में व्यापार घाटा और बढ़ेगा। उन्होंने जर्मन मीडिया डॉयशेविले (डीडब्लू) से कहा- ‘इस वर्ष हमारा आयात 85 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। जबकि निर्यात 50 बिलियन डॉलर से ज्यादा का नहीं होगा। 35 बिलियन डॉलर के व्यापार घाटे को विदेशों में रहने वाले बांग्लादेशियों की तरफ से भेजी जाने वाली रकम से पाटा नहीं जा सकता। इसलिए इस वर्ष बांग्लादेश को लगभग 10 बिलियन डॉलर के घाटे में रहना होगा।’

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उपलब्ध सूचनाओं के मुताबिक बीते आठ महीनों में बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार 48 बिलियन डॉलर से घट कर 42 बिलियन डॉलर का रह गया है। मुइनुल इस्लाम का अनुमान है कि इस वित्त वर्ष में इसमें चार बिलियन डॉलर की और गिरावट आएगी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने भी श्रीलंका की तरह ही हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर विदेशी कर्ज लिए हैं। ये कर्ज ऐसी परियोजनाओं के लिए लिये गए हैं, जिनसे निकट भविष्य में मुनाफा होने की उम्मीद नहीं है। इस्लाम ने बताया- ‘बांग्लादेश ने रूस से परमाणु संयंत्र लगाने के लिए 12 बिलियन डॉलर का कर्ज लिया। 2025 से इसकी किश्तें लौटानी होंगी, जिस पर बांग्लादेश को हर साल साढ़े 56 करोड़ डॉलर खर्च करने होंगे।’

पीएम की लोगों से किफायत बरतने की गुजारिश

विशेषज्ञों के मुताबिक 2024 से बांग्लादेश को हर साल चार बिलियन डॉलर का कर्ज चुकाना होगा। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) से जुड़ी अर्थशास्त्री नाजनीन अहमद ने कहा- ‘अगर हम परियोजनाओं को समय पर पूरा कर पाए, तभी उनके लिए जो कर्ज लिया गया है, उसे हम चुका पाएंगे।’ संकट के अंदेशे को देखते हुए प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद ने इस हफ्ते कहा कि सरकार ने विदेशी मुद्रा बचाने और अपना खर्च घटाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत अधिकारियों की विदेश यात्राएं रोक दी गई हैं। साथ ही कम जरूरी चीजों का आयात रोका गया है। प्रधानमंत्री ने लोगों से भी किफायत बरतने की गुजारिश की। इस बीच बांग्लादेशी मीडिया में आ रही रिपोर्टों के मुताबिक देश के लोग महंगाई से परेशान हैं। सब्जियां, गेहूं, अन्य अनाज और ईंधन के दाम पिछले तीन महीनों में तेजी से चढ़े हैं। इसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है।

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