बांग्लादेश: चुनाव आयोग को लेकर टकराव बढ़ा, बीएनपी ने की तटस्थ सरकार की मांग
पर्यवेक्षकों के मुताबिक बीएनपी लगातार मांग कर रही है कि आम चुनाव से कुछ समय पहले प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद की सरकार सत्ता से हट जाए। उसकी जगह गैर-राजनीतिक व्यक्तियों की एक सरकार बनाई जाए। इसमें ऐसे लोग शामिल हों, जिन पर सभी दलों को भरोसा हो...
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बांग्लादेश में नए निर्वाचन आयोग के गठन के सवाल पर सत्ताधारी अवामी लीग और विपक्ष का टकराव अब नए मुकाम पर पहुंच गया है। प्रमुख विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने आरोप लगाया है कि सरकार ने अगले आयोग में भी अपने ‘आज्ञाकारी’ लोगों की नियुक्ति करने की तैयारी में है। उधर अवामी लीग सरकार में शिक्षा उप मंत्री मोहिबुल हसन ने कहा है कि जो लोग निवर्तमान आयोग के सदस्यों की ट्रोलिंग कर रहे हैं, उनकी सूची तैयार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सरकार के इरादों पर उठाए गंभीर सवाल
बीएनपी निवर्तमान निर्वाचन आयोग की भी आलोचक रही है। अब उसने कहा है कि जिस तरह मौजूदा आयोग सरकार के ‘आज्ञाकारी’ सदस्यों से भरा था, अगले आयोग में भी वैसी ही नियुक्तियां करने की तैयारी की गई है। बीएनपी के महासचिव रुहुल कबीर रिजवी ने मंगलवार को सरकार के इरादों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- ‘नए सदस्यों के चयन के लिए बनी सर्च कमेटी ने 322 लोगों की सूची तैयार की है। असल बात यह है कि निर्वाचन आयोग में बेहद योग्य और सक्षम लोगों की नियुक्ति होनी चाहिए।’ रिजवी ने कहा कि अब हाल यह है कि लोगों ने निर्वाचन आयुक्त और मुख्य निर्वाचन आयुक्त बनने के लिए खुद से सर्च कमेटी से संपर्क किया है।
रिजवी ने कहा- ‘अगर ऐसे लोग निर्वाचन आयोग में आ जाते हैं, तो आसानी से समझा जा सकता है कि लोकतंत्र के लिए उसके क्या परिणाम होंगे। मतदान और चुनावों का क्या हाल होगा।’ अखबार न्यूएज बांग्लादेश के मुताबिक निर्वाचन आयोग के गठन को लेकर विपक्ष ने अपनी मुहिम तेज कर दी है। इसी सिलसिले में मंगलवार को बांग्लादेश जातीयताबादी प्रजोनमो नाम के मोर्चे की तरफ से एक सम्मेलन आयोजित किया गया। इस मोर्चे में 71 संगठन शामिल हैं। इन सभी संगठनों को बीएनपी का समर्थक माना जाता है। सम्मेलन में ये मांग पुरजोर ढंग से उठाई गई कि अगले आम चुनाव से पहले देश में तटस्थ सरकार बने, ताकि विश्वसनीय ढंग से चुनाव कराए जा सकेँ।
चुनाव से पहले हटे वाजेद सरकार
पर्यवेक्षकों के मुताबिक बीएनपी लगातार मांग कर रही है कि आम चुनाव से कुछ समय पहले प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद की सरकार सत्ता से हट जाए। उसकी जगह गैर-राजनीतिक व्यक्तियों की एक सरकार बनाई जाए। इसमें ऐसे लोग शामिल हों, जिन पर सभी दलों को भरोसा हो। बीएनपी का दावा है कि सिर्फ तटस्थ सरकार के तहत ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव हो सकते हैं।
बांग्लादेश सरकार ने सोमवार को उन 322 नामों की सूची जारी कर दी, जिनकी नियुक्ति निर्वाचन आयोग में करने के लिए सुझाव राजनीतिक दलों और पेशेवर संगठनों की तरफ से दिए गए हैं। इसके पहले पांच फरवरी को एक छह सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन किया गया था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए अब कमेटी 322 नामों से से दस नामों के सुझाव राष्ट्रपति को भेजेगी।
इस बीच शिक्षा उप मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में निवर्तमान निर्वाचन आयोग के सदस्यों को बदनाम करने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। केएम नुरुल हुडा की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय आयोग का कार्यकाल बीते सोमवार को पूरा हो गया।