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Pakistan: 'बलूच प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत सफल', पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा- ग्वादर में खत्म होगा धरना
Fri, 02 Aug 2024 10:29 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 02 Aug 2024 10:29 PM IST
सार
पाकिस्तान के जातीय बलूच प्रदर्शनकारियों ने प्रांतीय सरकार के साथ सफल बातचीत के बाद बलूचिस्तान प्रांत में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ ग्वादर में लगभग एक सप्ताह से चल रहे धरने को खत्म करने का फैसला किया है।
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ग्वादर में बलूच का धरना खत्म होगा- पाकिस्तान (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
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विस्तार
बलूच यकजेहती समिति (बीवाईसी) की तरफ से बलूचिस्तान प्रांत में कथित मानवाधिकार उल्लंघन, जबरन गायब किए जाने और कथित न्यायेतर हत्याओं को लेकर किया जाने वाला विरोध प्रदर्शन अब खत्म कर रही थी। जिसे अब सरकार के साथ सफल बातचीत के बाद समाप्त करने का फैसला किया है। बलूचिस्तान के आंतरिक मंत्री मीर जिया उल्लाह लांगोव ने प्रांत की एक युवा महिला बीवाईसी नेता डॉ. महरंग बलूच के साथ बातचीत की और दोनों पक्षों ने सात सूत्री समझौते पर हस्ताक्षर किए।
'बलूच याकजेहती समिति और जिला प्रशासन के बीच बातचीत सफल'
मामले में बलूचिस्तान के आंतरिक मंत्री लैंगोव ने एक बयान में कहा, बलूच याकजेहती समिति और जिला प्रशासन के बीच बातचीत सफल रही है और समिति के आयोजकों ने पूरे प्रांत में अपना धरना समाप्त करने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे विरोध करें, लेकिन विरोध स्थल को नुकसान न पहुंचाएं, सुरक्षा बलों पर हमला न करें या आम लोगों को चोट न पहुंचाएं।
किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं- लैंगोव
उन्होंने कहा कि सरकार किसी को भी विरोध की आड़ में कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं देगी। इस समझौते के अनुसार, बलूचिस्तान और कराची में सुरक्षा बलों की तरफ से गिरफ्तार किए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा किए जाने के बाद बलूच याकजेहती समिति अपना विरोध समाप्त कर देगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही धरना समाप्त होगा, सभी राजमार्ग फिर से खोल दिए जाएंगे और मोबाइल नेटवर्क भी बहाल कर दिया जाएगा।
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बीवाईसी और प्रशासन के अधिकारियों की एक समिति होगी गठित
वहीं समझौते में कहा गया है कि बलूच याकजेहती समिति और जिला प्रशासन के अधिकारियों की एक समिति भी गठित की जाएगी, जबकि सरकार की तरफ से प्रदर्शनकारियों से जब्त की गई सभी वस्तुएं एक हफ्ते के भीतर वापस कर दी जाएंगी। जबकि धरना समाप्त होने के बाद विरोध में भाग लेने के लिए किसी को भी परेशान नहीं किया जाएगा।
बीवाईसी ने मुआवजा लेने से किया इनकार
इस बीच, बीवाईसी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए या घायल हुए लोगों के लिए सरकार से कोई भी मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है। डॉ. महरंग बलूच ने एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, हमने उन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया है कि हमारे शहीदों का खून इतना सस्ता नहीं है, इसलिए हम मुआवजा लेकर अपने बलूच राष्ट्रीय शहीदों का अपमान नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, हमारे राष्ट्रीय शहीदों के खून का इनाम पांच या दस लाख रुपये नहीं बल्कि निरंतर संघर्ष, प्रतिरोध, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय लक्ष्य है।
एक हफ्ते पहले बीवाईसी और सुरक्षा बलों के बीच हुई थी झड़प
बता दें कि पिछले सप्ताह विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ और प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों के दौरान भयावह दृश्य देखने को मिले, जिसके परिणामस्वरूप तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और कम से कम 24 घायल हो गए। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से सुरक्षा बलों पर हमला करने के बाद एक सैनिक की भी मौत हो गई।
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'बलूच याकजेहती समिति और जिला प्रशासन के बीच बातचीत सफल'
मामले में बलूचिस्तान के आंतरिक मंत्री लैंगोव ने एक बयान में कहा, बलूच याकजेहती समिति और जिला प्रशासन के बीच बातचीत सफल रही है और समिति के आयोजकों ने पूरे प्रांत में अपना धरना समाप्त करने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे विरोध करें, लेकिन विरोध स्थल को नुकसान न पहुंचाएं, सुरक्षा बलों पर हमला न करें या आम लोगों को चोट न पहुंचाएं।
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किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं- लैंगोव
उन्होंने कहा कि सरकार किसी को भी विरोध की आड़ में कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं देगी। इस समझौते के अनुसार, बलूचिस्तान और कराची में सुरक्षा बलों की तरफ से गिरफ्तार किए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा किए जाने के बाद बलूच याकजेहती समिति अपना विरोध समाप्त कर देगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही धरना समाप्त होगा, सभी राजमार्ग फिर से खोल दिए जाएंगे और मोबाइल नेटवर्क भी बहाल कर दिया जाएगा।
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बीवाईसी और प्रशासन के अधिकारियों की एक समिति होगी गठित
वहीं समझौते में कहा गया है कि बलूच याकजेहती समिति और जिला प्रशासन के अधिकारियों की एक समिति भी गठित की जाएगी, जबकि सरकार की तरफ से प्रदर्शनकारियों से जब्त की गई सभी वस्तुएं एक हफ्ते के भीतर वापस कर दी जाएंगी। जबकि धरना समाप्त होने के बाद विरोध में भाग लेने के लिए किसी को भी परेशान नहीं किया जाएगा।
बीवाईसी ने मुआवजा लेने से किया इनकार
इस बीच, बीवाईसी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए या घायल हुए लोगों के लिए सरकार से कोई भी मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है। डॉ. महरंग बलूच ने एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, हमने उन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया है कि हमारे शहीदों का खून इतना सस्ता नहीं है, इसलिए हम मुआवजा लेकर अपने बलूच राष्ट्रीय शहीदों का अपमान नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, हमारे राष्ट्रीय शहीदों के खून का इनाम पांच या दस लाख रुपये नहीं बल्कि निरंतर संघर्ष, प्रतिरोध, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय लक्ष्य है।
एक हफ्ते पहले बीवाईसी और सुरक्षा बलों के बीच हुई थी झड़प
बता दें कि पिछले सप्ताह विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ और प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों के दौरान भयावह दृश्य देखने को मिले, जिसके परिणामस्वरूप तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और कम से कम 24 घायल हो गए। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से सुरक्षा बलों पर हमला करने के बाद एक सैनिक की भी मौत हो गई।