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महज 24 साल की उम्र में ही अजहर के भाई ने रची थी आईसी-814 के हाईजैक की साजिश
Wed, 06 Mar 2019 10:48 AM IST
Shilpa Thakur
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Shilpa Thakur
Updated Wed, 06 Mar 2019 10:48 AM IST
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masood azhar
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख संचालक मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर उस वक्त महज 24 साल का था जब उसने इंडियन एयरलाइंस के आईसी-814 विमान को 1999 में हाईजैक करने की साजिश रची थी। जिसमें करीब 173 लोग सवार थे। इस हैईजैक के कारण भारत को असगर के बड़े भाई और जैश के सरगना मसूद अजहर को रिहा करना पड़ा था।
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तभी से असगर भारत के टॉप पांच मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल है। भारत में जैश द्वारा किए जा रहे हमलों की योजना असगर ही बनाता है। जिसमें 2001 का जम्मू कश्मीर विधानसभा पर हुआ आतंकी हमला, संसद पर हुआ हमला, पठानकोट आतंकी हमला, नगरोटा और कठुआ कैंप पर हमला और हाल ही में हुआ पुलवामा आतंकी हमला भी शामिल है।
भारतीय खुफिया एजेंसी के मुताबित असगर अजहर की गैर मौजूदगी में जैश से संबंधित सभी फैसले लेता है। बताया जा रहा है कि अजहर इस वक्त बीमार चल रहा है। जब पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अजहर की हत्या की कोशिश की तो वह कुछ सालों के लिए अंडरग्राउंड हो गया था। उस समय भी असगर ही अफगानिस्तान की यात्रा कर तालिबान से बात कर रहा था और जैश के कामों को अंजाम दे रहा था।
वह भारत पर होने वाले आतंकी हमलों की खुलै तौर पर जिम्मेदारी लेने वालों में जाना जाता है। वह सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता है। रंगूर डॉट कॉम पर जारी एक वीडियो में असगर ने पठानकोट आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है। इसके बाद दिसंबर 2017 में उसने बहावलपुर मस्जिद में भारी मात्रा में भीड़ को संबोधित करते हुए पुठानकोट और नगरोटा हमले की जिम्मेदारी ली थी। असगर ने भीड़ से वादा किया था कि वह कुछ ही महीनों में पठानकोट से भी बड़ा हमला करेगा।
असगर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी कैंप स्थापित करने का प्रभारी है। जिनपर बीते हफ्ते भारतीय वायु सेना ने हवाई हमला किया था। असगर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को हमले करने के लिए प्रेरित करता है। उसका पाकिस्तानी सरकार और आईएसआई से भी संबंध है। वह जैश की प्रचार सामग्री को ऑडियो और वीडियो फॉर्म में तैयार करता है। वह आतंकी हमलों के लिए फंड का बंदोबस्त तो करता ही है साथ ही अन्य आतंकी संगठनों के संपर्क में भी रहता है।
अजहर के अलावा भारत उसके भाई असगर का नाम भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रतिबंधित आतंकियों की सूची में शामिल करने की कोशिश में है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार असगर नियमित तौर पर पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित आतंकी ठिकानों में जाता है। यहां वह लड़ाकों को हमले करने के लिए प्रेरित करता है। साथ ही कंट्रोल रूम से हमलों की देखरेख भी करता है।