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'ये था भारत का चालाक कदम': चीन से जुड़े समझौते का जिक्र करते हुए ऐसा क्यों बोले ऑस्ट्रेलियाई पीएम के विशेष प्रतिनिधि
Fri, 03 Dec 2021 09:47 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 03 Dec 2021 09:47 AM IST
सार
ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधि ने कहा कि चीन बहुत बदल चुका है। वह अब शस्त्र का व्यापार करता है। उसके मनमाने रवैये के कारण उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
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भारत चीन
- फोटो : iStock
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विस्तार
चीन की गलत व्यापारिक नीतियों और उसके मनमाने रवैये के चलते कई देश उससे दूरी बनाने लगे हैं। शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया ने चीन की साजिशों एक बार फिर पर्दाफाश किया है। ऑस्ट्रेलियाई पीएम के विशेष प्रतिनिधि और पूर्व पीएम टोनी एबॉट ने कहा कि चीन व्यापार का शस्त्रीकरण कर रहा है और उसने ऐसी परिस्थितियां पैदा कर दीं हैं, जिससे उसे एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में नहीं देखा जा सकता।
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टोनी एबॉट ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, हमनें एक बहुत ही अलग चीन देखा है। जो चीन हम लोग देख रहे हैं वह लोगों की पीठ पर छुरा घोंप रहा है। यही कारण है कि चीन ने मनमाने ढंग से ऑस्ट्रेलिया के साथ 20 बिलियन डॉलर के व्यापार को रद्द कर दिया।
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चीन को सबक सिखाने के लिए चालाकी से आगे बढ़ रहा भारत
ऑस्ट्रेलिया के विशेष प्रतिनिध ने कहा कि कई देशों के साथ चीन के व्यापारिक विवाद के चलते भारत एक विकल्प के तौर पर उभर कर सामने आया है। क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदार(आरसीईपी) से दूर रहना भारत का एक चालाक कदम था, जिसने चीन को उसी की भाषा में जवाब दिया।
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आर्थिक रूप से टेकऑफ करने की दहलीज पर भारत
टोनी एबॉट ने कहा भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उसके पास वह सबकुछ है, जो दुनिया को चाहिए। वह आर्थिक रूप से टेकऑफ करने की दहलीज पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि हम भारत के साथ एक प्रारंभिक फसल व्यापार समझौता कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौता भारत और ऑस्ट्रेलिया की बेहतरी के लिए होगा।
'मेक इन इंडिया' के लिए हमारे पास सब कुछ
उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया आर्थिक भागीदार हैं। भारत इस समय एक बड़ा उत्पादक देश बन चुका है और ऑस्ट्रेलिया के बाद प्राकृतिक संसाधन वाली अर्थव्यवस्था है। भारत के 'मेक इन इंडिया' की हर जरूरत को हम पूरा कर सकते हैं।