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Pakistan: बाढ़ के बीच पाकिस्तान में खड़ा हुआ आर्थिक संकट, देशवासियों में घबराहट का माहौल
Sun, 25 Sep 2022 11:31 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sun, 25 Sep 2022 11:31 PM IST
सार
पहले से ही महंगाई, आर्थिक संकट और प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे पाकिस्तान के लोगों को ये खबर बिजली गिरने जैसी महसूस हुई है। इसे देखते हुए शहबाज शरीफ सरकार ने लोगों में भरोसा बंधाने की पहल की है।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तान के डिफॉल्ट करने (कर्ज चुकाने में अक्षम होने) की संभावना के बारे में पश्चिमी मीडिया में आई एक खबर के बाद वहां के लोगों में भय का माहौल बन गया है। पहले से ही महंगाई, आर्थिक संकट और प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे पाकिस्तान के लोगों को ये खबर बिजली गिरने जैसी महसूस हुई है। इसे देखते हुए शहबाज शरीफ सरकार ने लोगों में भरोसा बांधने की पहल की है। उनकी तरफ से कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) पाकिस्तान को कर्ज की रकम जारी करने के लिए शर्तों में छूट देने पर राजी हो गया है। आईएमएफ से कर्ज मिलने पर पाकिस्तान दूसरे कर्जों को चुकाने की बेहतर स्थिति में होगा।
वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने शुक्रवार को टीवी चैनलों को इंटरव्यू देकर दावा किया कि आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जियेवा ने शर्तों को आसान बनाने के पाकिस्तान के अनुरोध पर सहमति जताई है। लेकिन वित्त मंत्री ने जियो टीवी से बातचीत करते हुए यह स्वीकार किया कि अभी इस बारे में आईएमएफ से कई स्तरों पर वार्ता होनी बाकी है। टीवी चैनल दुनिया न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में इस्माइल ने बताया कि उन्होंने आईएमएफ को यह संदेश भेजा है कि हाल में आई बाढ़ के बाद पाकिस्तान में आर्थिक हालात बदल गए हैं। अब पाकिस्तान सरकार को देश के अंदर गेहूं की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने में दिक्कतें आ रही हैं। इसलिए कर्ज की शर्तों में छूट की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आईएमएफ की अधिकारी ने हमारी बात को समझा है औऱ हमारे अनुरोध पर लगभग सहमति जताई है।
शुक्रवार को ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की खबर के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) पाकिस्तान को कर्ज चुकाने के कार्यक्रम को फिर से तय करने (डेट रिस्ट्रक्चर) के सुझाव देने वाला है। इस खबर से पाकिस्तान में घबराहट का माहौल बन गया। पाकिस्तान के बॉन्ड्स की कीमत में अचानक तेज गिरावट आई। फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यूएनडीपी इस बारे में पाकिस्तान सरकार को एक ज्ञापन सौंपने वाला है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में बाढ़ के बाद बनी हालत को देखते हुए उसके कर्जदाता देशों को कर्ज राहत देने पर विचार करना चाहिए। फाइनेंशियल टाइम्स में ये खबर छपने के बाद न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने भी एक रिपोर्ट जारी की। उसमें बताया गया कि यूएनडीपी के संभावित ज्ञापन के बारे में उसने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की। लेकिन विदेश मंत्रालय ने उसका जवाब नहीं दिया है।
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उधर संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बाढ़ से हुई तबाही को अपने भाषण का मुख्य विषय बनाया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जो मदद दी है, वह काबिल-ए-तारीफ है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। शरीफ ने अमेरिकी चैनल ब्लूमबर्ग टीवी को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि पाकिस्तान ने कर्ज राहत के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटारेस और अन्य विश्व नेताओं के सामने उठाया है।
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वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने शुक्रवार को टीवी चैनलों को इंटरव्यू देकर दावा किया कि आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जियेवा ने शर्तों को आसान बनाने के पाकिस्तान के अनुरोध पर सहमति जताई है। लेकिन वित्त मंत्री ने जियो टीवी से बातचीत करते हुए यह स्वीकार किया कि अभी इस बारे में आईएमएफ से कई स्तरों पर वार्ता होनी बाकी है। टीवी चैनल दुनिया न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में इस्माइल ने बताया कि उन्होंने आईएमएफ को यह संदेश भेजा है कि हाल में आई बाढ़ के बाद पाकिस्तान में आर्थिक हालात बदल गए हैं। अब पाकिस्तान सरकार को देश के अंदर गेहूं की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने में दिक्कतें आ रही हैं। इसलिए कर्ज की शर्तों में छूट की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आईएमएफ की अधिकारी ने हमारी बात को समझा है औऱ हमारे अनुरोध पर लगभग सहमति जताई है।
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शुक्रवार को ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की खबर के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) पाकिस्तान को कर्ज चुकाने के कार्यक्रम को फिर से तय करने (डेट रिस्ट्रक्चर) के सुझाव देने वाला है। इस खबर से पाकिस्तान में घबराहट का माहौल बन गया। पाकिस्तान के बॉन्ड्स की कीमत में अचानक तेज गिरावट आई। फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यूएनडीपी इस बारे में पाकिस्तान सरकार को एक ज्ञापन सौंपने वाला है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में बाढ़ के बाद बनी हालत को देखते हुए उसके कर्जदाता देशों को कर्ज राहत देने पर विचार करना चाहिए। फाइनेंशियल टाइम्स में ये खबर छपने के बाद न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने भी एक रिपोर्ट जारी की। उसमें बताया गया कि यूएनडीपी के संभावित ज्ञापन के बारे में उसने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की। लेकिन विदेश मंत्रालय ने उसका जवाब नहीं दिया है।
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उधर संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बाढ़ से हुई तबाही को अपने भाषण का मुख्य विषय बनाया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जो मदद दी है, वह काबिल-ए-तारीफ है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। शरीफ ने अमेरिकी चैनल ब्लूमबर्ग टीवी को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि पाकिस्तान ने कर्ज राहत के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटारेस और अन्य विश्व नेताओं के सामने उठाया है।