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Israel: गाजा में आईडीएफ लगातार बरपा रही कहर; रात भर हुए हमलों में 23 की मौत, नहीं पहुंच पा रही राहत सामग्री

Fri, 23 May 2025 05:29 PM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गाजा पट्टी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गाजा पट्टी Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 23 May 2025 05:29 PM IST
सार

ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने इस्राइल के ऑपरेशन गिदोन चैरियट के तहत गाजा में विस्तारित सैन्य अभियानों की निंदा की है। यूरोपीय नेताओं ने गाजा में इस्राइल के प्रतिबंधों और पश्चिमी तट में बस्तियों के विस्तार की आलोचना की और धमकी दी कि अगर इस्राइल ने अपना आक्रमण नहीं रोका तो प्रतिबंधों समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी।

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At least 23 people killed by Israeli strikes in Gaza Update news in hindi
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : एएनआई/रॉयटर्स

विस्तार

इस्राइल की तरफ से गाजा पट्टी में हवाई हमला लगातार जारी है।  इस बीच, आईडीएफ ने खान यूनिस, डेर अल-बलाह और जबालिया में गुरुवार रातभर ताबड़तोड़ हमले किए। इन हमलों में कम से कम 23 लोग मारे गए। सेंट्रल गाजा के  नासिर, अल-अक्सा और अल-अहली अस्पतालों ने इस बारे में जानकारी दी। 

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डेर अल-बलाह में चार, खान यूनिस में 10 और जबालिया शरणार्थी शिविर में नौ लोगों की मौत
जानकारी के मुताबिक, दक्षिणी शहर खान यूनिस में हमलों में दस लोग मारे गए। वहीं, केंद्रीय शहर डेर अल-बलाह में चार और उत्तर में जबालिया शरणार्थी शिविर में नौ लोगों की मौत इस्राइली हमलों में हुई। इस्राइल की ओर से यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में तेज हुई है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। 
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इस्राइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव
बता दें कि, ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने इस्राइल के ऑपरेशन गिदोन चैरियट के तहत गाजा में विस्तारित सैन्य अभियानों की निंदा की है। यूरोपीय नेताओं ने गाजा में इस्राइल के प्रतिबंधों और पश्चिमी तट में बस्तियों के विस्तार की आलोचना की और धमकी दी कि अगर इस्राइल ने अपना आक्रमण नहीं रोका तो प्रतिबंधों समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी।
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गाजा पट्टी में भुखमरी जैसे हालात 
गाजा में दिन-प्रतिदिन हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गाजा के 2 मिलियन निवासियों में से ज्यादातर के सामने अकाल जैसी स्थिति है। वैश्विक स्तर पर इस्राइली नाकेबंदी की आलोचना की जा रही है।  यहां तक कि संयुक्त राज्य अमेरिका जो कि इस्राइल का अनन्य सहयोगी है उसने भी भुखमरी पर चिंता व्यक्त की है। हालांकि तीन महीने की नाकेबंदी के बाद अब इस्राइल ने दबाव में आकर कुछ राहत सामग्री गाजा भेजने की इजाजत तो दी है, लेकिन वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।  

वहीं, इस्राइली अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने 100 से अधिक ट्रकों के जरिए सहायता को आने दिया है। इसमें आटा, भोजन, चिकित्सा उपकरण और दवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये ट्रक केरेम शालोम क्रॉसिंग के जरिए गाजा पट्टी में जरूरतमंदों तक पहुंचाए गए हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि यह राशि बहुत कम है, जबकि हाल ही में युद्ध विराम के दौरान प्रतिदिन लगभग 600 ट्रक सहायता के रूप में भेजे जा रहे थे।  यह बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी है। 

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इससे पहले मंगलवार को ब्रिटेन ने इस्राइल के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर चल रही वार्ता को रोक दिया। यही नहीं, उसने वेस्ट बैंक में बसी अवैध यहूदी बस्तियों पर प्रतिबंध भी लगाए। यह कदम इस्राइल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में उठाए गए। इससे पहले कनाडा और फ्रांस ने भी युद्ध को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की। 

इस्राइल का कहना है कि वह तब तक युद्ध रोकने के लिए तैयार नहीं है, जब तक हमास की ओर से बंधक बनाए गए सभी लोगों को रिहा नहीं किया जाता और जब तक हमास को खत्म नहीं कर दिया जाता।  


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