{"_id":"5d12bd6d8ebc3e3ce13ae715","slug":"astronaut-returned-safely-from-earth-at-the-international-space-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से धरती पर सुरक्षित लौटे अंतरिक्ष यात्री","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से धरती पर सुरक्षित लौटे अंतरिक्ष यात्री
Wed, 26 Jun 2019 06:03 AM IST
Avdhesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 26 Jun 2019 06:03 AM IST
विज्ञापन
nasa
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रक्षेपण के दौरान हुई हालिया दुर्घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से पहला चालक दल मंगलवार को धरती पर लौट आया। प्रक्षेपण के दौरान हुए हादसे के बाद रूसी अंतरिक्ष कार्यक्रम की वापसी को लेकर संशय बना हुआ था।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अंतरिक्ष यात्री ऐनी मैकक्लेन, रॉसकॉस्मोस के ऑलेग कोनोनेंको और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के रिकॉर्ड होल्डर डेविड सेंट-जैक्स अंतरराष्ट्रीय समयानुसार देर रात 2 बजकर 47 मिनट कजाखिस्तान पहुंचे। अक्तूबर में रूस के एलेक्से ओवचिनिन और अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री निक हेग को ले जा रहे सोयुज राकेट में प्रक्षेपण के कुछ ही मिनटों बाद गड़बड़ी आने की वजह से उन्हें आपात स्थिति में उतरना पड़ा था।
इसके बाद 3 दिसंबर को पहली बार तीन यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा गया था। सोयुज राकेट में आई गड़बड़ी में कोई हताहत नहीं हुआ था और यह सोवियत संघ के दौर के बाद रूसी अंतरिक्ष अभियान से जुड़ी पहली दुर्घटना थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अंतरिक्ष यात्री ऐनी मैकक्लेन, रॉसकॉस्मोस के ऑलेग कोनोनेंको और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के रिकॉर्ड होल्डर डेविड सेंट-जैक्स अंतरराष्ट्रीय समयानुसार देर रात 2 बजकर 47 मिनट कजाखिस्तान पहुंचे। अक्तूबर में रूस के एलेक्से ओवचिनिन और अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री निक हेग को ले जा रहे सोयुज राकेट में प्रक्षेपण के कुछ ही मिनटों बाद गड़बड़ी आने की वजह से उन्हें आपात स्थिति में उतरना पड़ा था।
विज्ञापन
इसके बाद 3 दिसंबर को पहली बार तीन यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा गया था। सोयुज राकेट में आई गड़बड़ी में कोई हताहत नहीं हुआ था और यह सोवियत संघ के दौर के बाद रूसी अंतरिक्ष अभियान से जुड़ी पहली दुर्घटना थी।
विज्ञापन