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Suriname: सूरीनाम की संसद के अध्यक्ष बने अश्विन अधीन, दिखाई भारतीय संस्कृति की झलक, संस्कृत में ली शपथ
Tue, 01 Jul 2025 01:36 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पारामारिबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पारामारिबो
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 01 Jul 2025 01:36 PM IST
सार
सूरीनाम में भारतीय दूतावास ने कहा कि सूरीनाम में नेशनल असेंबली के नवनिर्वाचित चेयरमैन अश्विन अधीन दूसरे नेता बन गए हैं जिन्होंने भारत की शास्त्रीय भाषा संस्कृत में शपथ ली। इससे पहले 2020 में सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद 'चान' संतोखी ने संस्कृत भाषा में शपथ ली थी।
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अध्यक्ष पद की शपथ लेते अश्विन अधीन।
- फोटो : एक्स/@IndEmbSur
विस्तार
दक्षिण अमेरिकी देश सूरीनाम की संसद में भारतीय संस्कृति की झलक दिखी। भारतीय मूल के अश्विन अधीन ने संसद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष पद की शपथ ली। खास बात यह है कि अधीन ने संस्कृत भाषा में पूरी शपथ पढ़ी। वे संस्कृत में शपथ लेने वाले सूरीनाम के दूसरे नेता बन गए हैं।
सूरीनाम में भारतीय दूतावास ने एक्स पर अश्विन अधीन का शपथ लेते हुए एक वीडियो साझा किया। भारतीय दूतावास ने लिखा कि सूरीनाम में नेशनल असेंबली के नवनिर्वाचित चेयरमैन अश्विन अधीन दूसरे नेता बन गए हैं जिन्होंने भारत की शास्त्रीय भाषा संस्कृत में शपथ ली। भारत के राजदूत सुभाष गुप्ता 29 जून को सूरीनाम की नेशनल असेंबली (एनए) के उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। इस दौरान अश्विन अधीन को चेयरमैन चुना गया। सुभाष गुप्ता ने अश्विन अधीन को उनके चुनाव के लिए बधाई दी।
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इससे पहले 2020 में सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद 'चान' संतोखी ने संस्कृत भाषा में शपथ ली थी। सूरीनाम में भारतीय दूतावास ने कहा कि भारत और सूरीनाम के बीच घनिष्ठ, मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जो सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के संपर्कों द्वारा मजबूत होते हैं, जो डेढ़ शताब्दियों पहले भारतीय प्रवासियों के आगमन से जुड़े हैं।
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1976 में भारत और सूरीनाम के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से कई उच्च स्तरीय यात्राएं हुई हैं। 1977 में पारामारिबो में भारतीय दूतावास और 2000 में नई दिल्ली में सूरीनाम दूतावास खोला गया। सूरीनाम में भारतीय दूतावास के अनुसार, वर्तमान में भारतीय प्रवासी सूरीनाम की लगभग 6.2 लाख की आबादी का 27 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हैं।
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Newly elected the Chairman of National Assembly, Mr. Adhin became the second leader in Suriname who took his oath in Sanskrit, a classical language of India.@MEAIndia @indiandiplomats @DDNewslive @iccr_hq @ombirlakota pic.twitter.com/ReYal4wJHd
— India in Suriname (@IndEmbSur) July 1, 2025
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सूरीनाम में भारतीय दूतावास ने एक्स पर अश्विन अधीन का शपथ लेते हुए एक वीडियो साझा किया। भारतीय दूतावास ने लिखा कि सूरीनाम में नेशनल असेंबली के नवनिर्वाचित चेयरमैन अश्विन अधीन दूसरे नेता बन गए हैं जिन्होंने भारत की शास्त्रीय भाषा संस्कृत में शपथ ली। भारत के राजदूत सुभाष गुप्ता 29 जून को सूरीनाम की नेशनल असेंबली (एनए) के उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। इस दौरान अश्विन अधीन को चेयरमैन चुना गया। सुभाष गुप्ता ने अश्विन अधीन को उनके चुनाव के लिए बधाई दी।
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Amb @subhashpgupta , witnessed the inaugural session of 🇸🇷National Assembly (NA) on 29 June that elected Mr. Ashwin Adhin, a PIO, as NA Chairman.He became 2nd 🇸🇷 leader who took his pledge in Sanskrit. Later, the ambassador congratulated him for his election.@IndianDiplomacy pic.twitter.com/o5QoKdURiK
— India in Suriname (@IndEmbSur) June 30, 2025
इससे पहले 2020 में सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद 'चान' संतोखी ने संस्कृत भाषा में शपथ ली थी। सूरीनाम में भारतीय दूतावास ने कहा कि भारत और सूरीनाम के बीच घनिष्ठ, मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जो सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के संपर्कों द्वारा मजबूत होते हैं, जो डेढ़ शताब्दियों पहले भारतीय प्रवासियों के आगमन से जुड़े हैं।
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1976 में भारत और सूरीनाम के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से कई उच्च स्तरीय यात्राएं हुई हैं। 1977 में पारामारिबो में भारतीय दूतावास और 2000 में नई दिल्ली में सूरीनाम दूतावास खोला गया। सूरीनाम में भारतीय दूतावास के अनुसार, वर्तमान में भारतीय प्रवासी सूरीनाम की लगभग 6.2 लाख की आबादी का 27 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हैं।