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अबू धाबी: पहले हिंदू मंदिर की वास्तुकला में यूएई की संस्कृति की भी झलक, दीवारों पर मीनारें-ऊंटों की नक्काशी

Wed, 14 Feb 2024 03:43 PM IST
आदर्श शर्मा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, अबू धाबी
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, अबू धाबी Published by: आदर्श शर्मा Updated Wed, 14 Feb 2024 03:43 PM IST
सार

अबू धाबी स्थित पहले हिंदू मंदिर की वास्तुकला में यूएई के सात अमीरातों का प्रतिनिधित्व करने वाली सात मीनारें, ऊंटों की नक्काशी और राष्ट्रीय पक्षी बाज भी हिस्सा हैं। इसके साथ ही सात शिखरों पर भगवान राम, भगवान शिव, भगवान जगन्नाथ, भगवान कृष्ण, भगवान स्वामीनारायण, तिरूपति बालाजी और भगवान अयप्पा समेत देवताओं की मूर्तियां भी शामिल हैं। 

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Architecture of first Hindu stone temple in Abu Dhabi has elements of UAE
यूएई में पहला हिंदू मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अबू धाबी स्थित पहले हिंदू मंदिर की वास्तुकला में यूएई के सात अमीरातों का प्रतिनिधित्व करने वाली सात मीनारें, ऊंटों की नक्काशी और राष्ट्रीय पक्षी बाज भी हिस्सा हैं। बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था द्वारा लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से दुबई-अबू धाबी शेख जायद राजमार्ग पर अल रहबा के पास अबू मरीखा में 27 एकड़ की साइट पर निर्मित मंदिर का आज उद्घाटन किया जाएगा। खास बात है कि मंदिर के लिए जमीन यूएई सरकार ने दान में दी थी।
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सात शिखरों में यूएई के तत्व भी शामिल
बीएपीएस के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रमुख स्वामी ब्रह्मविहरिदास के मुताबिक, मंदिर में सात शिखर बनाए गए हैं। ये सात अमीरातों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो संयुक्त अरब अमीरात बनाने के लिए एक साथ आते हैं। सात शिखरों पर भगवान राम, भगवान शिव, भगवान जगन्नाथ, भगवान कृष्ण, भगवान स्वामीनारायण, तिरूपति बालाजी और भगवान अयप्पा सहित देवताओं की मूर्तियां हैं। 
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'एकता और सद्भाव को बढ़ावा देता है यह मंदिर'
गौरतलब है कि आम तौर पर मंदिर में या एक तीन या पांच शिखर होते हैं लेकिन अबू धाबी में सात शिखरों का निर्माण किया गया है, जो अमीरात की एकता का प्रतीक है। साथ ही सात मीनारें सात महत्वपूर्ण देवताओं को स्थापित करती हैं। स्वामी ब्रह्मविहरिदास ने कहा, सर्पिल का उद्देश्य बहुसांस्कृतिक परिदृश्य में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देना है। 108 फीट ऊंचा यह मंदिर क्षेत्र में विविध समुदायों के सांस्कृतिक एकीकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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यूएई के संस्कृति को भी नक्काशी में उकेरा गया
मंदिर से जुड़े कारीगर सोम सिंह ने कहा कि दृढ़ता, प्रतिबद्धता और धीरज का प्रतीक ऊंट को संयुक्त अरब अमीरात के परिदृश्य से प्रेरणा लेते हुए मंदिर की नक्काशी में उकेरा गया है। मंदिर में रामायण और महाभारत समेत भारत की 15 कहानियों के अलावा माया, एज़्टेक, मिस्र, अरबी, यूरोपीय, चीनी और अफ्रीकी सभ्यताओं की कहानियों को भी दर्शाया गया है। मंदिर की बाहरी दीवारें भारत के बलुआ पत्थर का इस्तेमाल करके बनाई गई हैं। अन्य उल्लेखनीय वास्तुशिल्प तत्वों में दो घुमट (गुंबद), 12 समरन (गुंबद जैसी संरचनाएं) और 402 स्तंभ शामिल हैं। दो घुमट 'शांति का गुंबद' और 'सद्भाव का गुंबद' हैं।
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