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Japan: ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री ने क्वाड को बताया केंद्रीय नीति का हिस्सा, जानें ब्लिंकन-जयशंकर ने क्या कहा

Mon, 29 Jul 2024 12:10 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 29 Jul 2024 12:10 PM IST
सार

ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका क्वाड के सदस्य हैं। आज जापान के टोक्यो में क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है। 
 

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Antony Blinken, Jaishankar, Penny Wong Speaking at the QUAD Foreign Affairs Ministers meeting in Japan's Tokyo
एस जयशंकर, एंटनी ब्लिंकन, पेनी वॉन्ग। - फोटो : एएनआई

विस्तार

चार देशों के समूह क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक शुरू हो गई है। सबसे पहले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कई मुद्दों पर बात रखी। उसके बाद अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री ने भी अपनी बात रखी। आइए जानते हैं किसने क्या कहा। 

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क्या बोले जयशंकर?
जापान के टोक्यो में क्वाड विदेश मामलों के मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, 'क्वाड और हमारे संबंधित द्विपक्षीय या यहां तक कि त्रिपक्षीय संबंधों के बीच एक मजबूत बातचीत है। एक मोर्चे पर प्रगति दूसरे को मजबूत करती है और इस तरह क्वाड के महत्व को बढ़ाती है। ये चुनौतीपूर्ण समय हैं। चाहे वह स्थिरता और सुरक्षा हो या प्रगति और समृद्धि, अच्छी चीजें अपने आप नहीं होती हैं। उन्हें भरोसेमंद भागीदारों की जरूरत है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है। क्वाड दोनों का एक बेहतरीन समकालीन उदाहरण है।'
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उन्होंने आगे कहा, 'जब मैंने विशेष उदाहरण दिए हैं तो यह जरूरी है कि हम सभी बिंदुओं को जोड़े।  कुल मिलाकर संदेश यह है कि हमारे चार देश एक स्वतंत्र हिंद-प्रशांत के लिए, नियम-आधारित व्यवस्था और वैश्विक भलाई के लिए मिलकर काम कर रहे हैं, जो अपने आप में एक अनिश्चित और अस्थिर दुनिया में एक शक्तिशाली स्थिर कारक है।'
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यह कोई बातचीत की दुकान नहीं
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, 'यह कोई बातचीत की दुकान नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच है जो व्यावहारिक परिणाम देता है। उदाहरण के लिए, हमारी एचएडीआर बातचीत हमारी नौसेनाओं के बीच समझ और एसओपी में दिखाई देती है। क्वाड से निकली इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस पहल आज सूचना संलयन केंद्रों को जोड़ती है। हमने जिसके बारे में बहुत बात की है वो है ओपन आरएएन नेटवर्क, जिसे पलाऊ में तैनात किया जा रहा है। मॉरीशस में जल्द ही एक अंतरिक्ष-आधारित जलवायु चेतावनी प्रणाली शुरू की जाएगी। कोविड के दौरान, हमने इस क्षेत्र के देशों को टीके पहुंचाने के लिए सहयोग किया। क्वाड STEM फेलोशिप का पहला समूह पास आउट हो रहा है और दूसरा भी आसियान को कवर करेगा।'

उन्होंने कहा, 'हम विश्वसनीय दूरसंचार प्रौद्योगिकी और समुद्र के नीचे केबल कनेक्टिविटी से लेकर मानवीय और आपदा राहत, महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकी, साइबर और स्वास्थ्य सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई, बुनियादी ढांचे, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण, समुद्री डोमेन जागरूकता, एसटीईएम शिक्षा और आतंकवाद का मुकाबला करने तक काम कर रहे हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'एक मंत्री के रूप में नहीं बल्कि एक व्यक्ति के तौर पर, जो क्वाड से सबसे लंबे समय से जुड़ा हुआ है, मुझे जो सच में संतुष्टि मिलती है वह यह है कि यह हमारी विदेश नीतियों में कितनी गहराई से और व्यवस्थित रूप से अंतर्निहित है। हमारी सरकार की विभिन्न एजेंसियां और उनके अलावा अन्य हितधारक अब नियमित रूप से मिलते हैं। इसका विस्तार होता रहता है। हमारे नेताओं ने व्यक्तिगत रूप से क्वाड के विकास का नेतृत्व किया है। पिछले कुछ वर्षों में हमने जो विस्तृत एजेंडा बनाया है, उसकी मैं सराहना करता हूं।'

हम एक विश्वास के साथ जुड़े हुए: एंटनी ब्लिंकन
विदेश मंत्री जयशंकर के अलावा अमेरिकी विदेश सचिव एंटनी ब्लिंकन भी बैठक में बोले। उन्होंने कहा, 'यह हमारे चार देशों के बीच शानदार रणनीतिक बैठक का पल है। हमारे चार देश हैं जो एक मुक्त और खुले, जुड़े, समृद्ध और लचीले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक साझा दृष्टिकोण से एकजुट हैं। हम एक विश्वास के साथ भी जुड़े हुए हैं कि हम एक साथ भविष्य को इस तरह से आकार देने में मदद कर सकते हैं जो हमारे और पूरे क्षेत्र के कई अन्य लोगों को लाभ पहुंचाएगा।'

नियमों को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा: पेनी वॉन्ग
ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग ने कहा, 'हम ऐसे समय में रह रहे हैं जहां हमारी दुनिया और हमारे क्षेत्र को नया रूप दिया जा रहा है। संघर्षों से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है और जान की कीमत चुकानी पड़ रही है। लंबे समय से चले आ रहे नियमों को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। देशों को एकजुट व्यापार उपायों, अस्थिर ऋण, राजनीतिक हस्तक्षेप और गलत सूचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। ऑस्ट्रेलिया के लिए क्वाड साझेदारी इस बात पर केंद्रीय है कि हम इन परिस्थितियों का कैसे जवाब दे सकते हैं।'


2017 में ‘क्वाड’ की हुई थी स्थापना 
भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने नवंबर 2017 में ‘क्वाड’ की स्थापना की थी, ताकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को किसी भी प्रभाव से मुक्त रखने के लिए एक नयी रणनीति विकसित की जा सके। चीन, दक्षिण चीन सागर के अधिकांश हिस्से पर अपना दावा करता है, जबकि फिलीपीन, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी इस समुद्री क्षेत्र पर दावे करते हैं।

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