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स्पेन की 5 फीसदी आबादी में ही कोरोना से लड़ने की एंटीबॉडी
Tue, 07 Jul 2020 05:42 AM IST
अवधेश कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैड्रिड
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैड्रिड
Published by: अवधेश कुमार
Updated Tue, 07 Jul 2020 05:42 AM IST
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antibody Tests
- फोटो : Pixabay
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स्पेन की सिर्फ पांच फीसदी आबादी में ही कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित हो पाई है। अध्ययन में चिंता जताई गई है कि कोविड-19 से लड़ने के लिए देश की 95 फीसदी आबादी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाने से अभी काफी दूर है।
मेडिकल जर्नल द लांसेट में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, निष्कर्ष बताते हैं कि स्पेन की बड़ी आबादी संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील है। जबकि मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता तभी विकसित हो सकती है, जब जनसंख्या का एक हिस्सा वायरस या बैक्टीरिया से संक्रमित हुआ हो या इसके प्रसार को रोकने के लिए वैक्सीनेशन किया जा चुका हो।
प्रमुख शोधकर्ता मरीना पोलान ने कहा, कुछ विशेषज्ञों ने गणना की है कि जनसंख्या में रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्तर यदि 60 फीसदी है, तो वायरस के प्रसार को बड़े स्तर पर रोका जा सकता है। लेकिन हम इस संख्या को हासिल करने से बहुत दूर हैं। यूरोपीयन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने बताया, अध्ययन के लिए देशभर के 61 हजार से अधिक लोगों के नमूने लिए गए थे। यह यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस को लेकर किया गया सबसे बड़े अध्ययनों में एक है।
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मेडिकल जर्नल द लांसेट में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, निष्कर्ष बताते हैं कि स्पेन की बड़ी आबादी संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील है। जबकि मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता तभी विकसित हो सकती है, जब जनसंख्या का एक हिस्सा वायरस या बैक्टीरिया से संक्रमित हुआ हो या इसके प्रसार को रोकने के लिए वैक्सीनेशन किया जा चुका हो।
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प्रमुख शोधकर्ता मरीना पोलान ने कहा, कुछ विशेषज्ञों ने गणना की है कि जनसंख्या में रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्तर यदि 60 फीसदी है, तो वायरस के प्रसार को बड़े स्तर पर रोका जा सकता है। लेकिन हम इस संख्या को हासिल करने से बहुत दूर हैं। यूरोपीयन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने बताया, अध्ययन के लिए देशभर के 61 हजार से अधिक लोगों के नमूने लिए गए थे। यह यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस को लेकर किया गया सबसे बड़े अध्ययनों में एक है।
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