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Pakistan: 'मुझे और मेरे परिवार के सदस्यों को परेशान कर रही आईएसआई', आतंकवाद रोधी अदालत के जज ने लगाया आरोप

Thu, 13 Jun 2024 06:53 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 13 Jun 2024 06:53 PM IST
सार

Pakistan: सरगोधा की आतंकवाद रोधी अदालत के न्यायाधीश मुहम्मद अब्बास ने लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मलिक शहजाद अहमद खान को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बताया है कि किस तरह खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को प्रताड़ित कर रहे हैं। 

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Anti-terrorism court judge accuses ISI of harassing him and his family to get desired verdicts
पाकिस्तान - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) के एक न्यायाधीश ने शक्तिशाली खुफिया एजेंसी आईएसआई पर मनचाहे फैसले पाने के लिए उन्हें और उनके परिजनों को परेशान करने का आरोप लगाया है। न्यायाधीश की ओर से यह गंभीर आरोप ऐसे समय में लगाया गया है, जब एटीसी पीटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा पिछले साल मई में सैन्य प्रतिष्ठानों पर किए गए हमलों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही है। 

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सरगोधा की आतंकवाद रोधी अदालत के न्यायाधीश मुहम्मद अब्बास ने लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मलिक शहजाद अहमद खान को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बताया है कि किस तरह खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के अधिकारी उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को प्रताड़ित कर रहे हैं। 
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न्यायाधीश विपक्ष के नेता उमर अयूब और जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामलों की सुनवाई कर रहे थे। ये मामले पिछले साल नौ मई की हिंसा से जुड़े हैं। अयूब ने आरोप लगाया कि पिछले हफ्ते सरगोधा एटीसी में एक मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अब्बास को खुफिया एजेंसियों ने बंधक बना लिया था। 
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मार्च में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के छह न्यायाधीशों ने सर्वोच्च न्यायिक परिषद (एसजेसी) को न्यायिक मामलों में खुफिया एजेंसियों की कथित दखल की जानकारी दी थी।  

इन न्यायाधीशों ने एसजेसी के सदस्यों को एक पत्र लिखा था, जिसमें उनके परिजनों के अपहरण और प्रताड़ना के जरिए न्यायाधीशों पर दबाव डालने के कथित प्रयासों के साथ-साथ उनके घरों के अंदर गोपनीय तरीके से निगरानी के बारे में बताया गया था। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशों ने सर्वसम्मति ने माना था कि खुफिया एजेंसियां उनके न्यायिक कामकाज में दखल दे रही हैं। 


 न्यायाधीशों ने आईएसआई के अधिकारियों पर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पीटीआई के अन्य नेताओं के मामले में मनचाहे फैसले पाने के लिए उन पर दबाव डालने का आरोप लगाया। इमरान खान विभिन्न मामलों में पिछले साल अगस्त से जेल में हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालयों से प्रस्ताव मांगे हैं कि खुफिया एजेंसियों के दखल से न्यायपालिका की आजादी की रक्षा कैसे की जाए। एटीसी न्यायाधीश के आरोपों पर लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अहमद खान ने पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक उस्मान अनवर को गुरुवार को तलब किया है। 

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