क्यूबा में रविवार को हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई गोलबंदी शुरू
क्यूबा में रविवार को हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई गोलबंदी शुरू हो गई है। जहां एक तरफ अमेरिका और उसके साथी देशों ने इन प्रदर्शनों को क्यूबा के कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ जन आक्रोश का नतीजा बताया है, वहीं रूस और कई लैटिन अमेरिकी देशों ने आरोप लगाया है कि इन प्रदर्शनों के पीछे विदेशी एजेंसियों का हाथ है।
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विस्तार
रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने सोमवार को कहा कि रूस क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल दियाज-कानेल की सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों को अस्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि एक संप्रभु देश के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप हर तरह से अस्वीकार्य है। उधर लैटिन अमेरिका की वामपंथी सरकारों ने अधिक कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया जताई। बोलिविया के राष्ट्रपति लुई आर्चे ने कहा कि क्बूया के अंदर की समस्या का हल बिना किसी हस्तक्षेप के क्यूबा के लोगों को निकालना चाहिए। उन लोगों को तो दखल का कोई अधिकार नहीं है, जिन्होंने 60 साल से क्यूबा पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। साफ है, आर्चे का निशाना अमेरिका पर था।
बोलिविया के पूर्व राष्ट्रपति और सत्ताधारी पार्टी के नेता इवो मोरालेस ने लगाए आरोप
बोलिविया के पूर्व राष्ट्रपति और सत्ताधारी पार्टी के नेता इवो मोरालेस ने ध्यान दिलाया कि 2019 में उनकी सरकार का तख्ता पलटने में अर्जेंटीना के तत्कालीन राष्ट्रपति मॉरिशियो मैक्री और इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो ने सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसके सबूत अब सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि लैटिन अमेरिका के धुर दक्षिणपंथी नेताओं ने बोलिविया में तख्ता पलटने वाले नेताओं को हथियारों की सप्लाई की थी। बोलिविया में इस मामले में बकायादा मुकदमा चलाया जा रहा है। मोरालेस ने संदेह जताया कि वैसा ही फॉर्मूला अब क्यूबा में आजमाया जा रहा है।
कैरिबियाई देश निकरागुआ के राष्ट्रपति डैनियल ओर्तेगा ने क्यूबा के लोगों के साथ अपनी एकजुटता जताई है। उन्होंने कहा कि क्यूबा से आई तस्वीरों को देखने से साफ है कि वहां अस्थिरता लाने का जाना-पहचाना साम्राज्यवादी तरीका अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा- अमेरिका दुनिया में अस्थिरता फैलाने वाला मुख्य देश है। उसे क्यूबा के बारे में कुछ भी बोलने का हक नहीं है।
क्यूबा के कम्युनिस्ट शासन को मिला महत्वपूर्ण समर्थन
क्यूबा के कम्युनिस्ट शासन के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण समर्थन मेक्सिको के राष्ट्रपति आंद्रेस मैनुएल लोपेज ओब्रादोर की तरफ से आया है। मेक्सिको एक बड़ा देश है और ओब्रादोर के राष्ट्रपति बनने से पहले वहां लगातार अमेरिका समर्थक दक्षिणपंथी सरकारें ही सत्ता में रही थीं। ओब्रादोर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की वे संप्रभु देशों के अंदर हस्तक्षेप ना करने के सिद्धांत का पालन करें। उन्होंने कहा- मैं क्यूबा के लोगों के साथ अपनी एकजुटता जताना चाहता हूं। मेरी राय है कि समाधान बिना हिंसा और टकराव का सहारा लिए बातचीत से निकाला जाना चाहिए। इसे क्यूबा के लोगों को ही निकालना चाहिए, क्योंकि क्यूबा एक स्वंतत्र और संप्रभु देश है।
सोशल मीडिया पर चल रहा अभियान
इस बीच स्पेन के सोशल मीडिया विश्लेषक जुलियन मासियास तोवार ने दावा किया है कि क्यूबा में अशांति भड़काने के लिए पिछले कुछ दिनों से विदेशों से सोशल मीडिया पर संगठित और जोरदार अभियान चलाया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया है कि इसके पीछे अर्जेंटीना के दक्षिणपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता अगुस एंतोनेली का हाथ है। तोवार के मुताबिक उनके विश्लेषण से पहले भी ये जाहिर हो चुका है कि एंतोनेली ने लैटिन अमेरिका के वामपंथी संगठनों को अस्थिर करने की कोशिश की है।
लैटिन अमेरिका के टीवी चैनल टेलीसुर की वेबसाइट पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक तोवार ने दावा किया है कि क्यूबा सरकार के खिलाफ अभियान में रोबोट्स, एल्गोरिद्म और हाल ही में बनाए गए सोशल मीडिया एकाउंट्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। इनके जरिए क्यूबा सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काने की कोशिश की गई।