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फ्रांस के खिलाफ कई देशों में गुस्सा, सड़कों पर उतरे लोग
Sun, 01 Nov 2020 02:34 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, दुबई/ढाका/रामल्ला/पेरिस
एजेंसी, दुबई/ढाका/रामल्ला/पेरिस
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 01 Nov 2020 02:34 AM IST
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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फ्रांस के नीस शहर स्थित नोत्रे दाम चर्च के भीतर तीन लोगों की निर्मम हत्या के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश में आतंकवाद के खिलाफ और अधिक सख्ती कर दी है। फ्रांस में बरती जा रही सख्ती और मैक्रों के इस्लाम विरोधी बयानों को लेकर मुस्लिम देशों में गुस्सा भड़क गया है। सऊदी अरब, बांग्लादेश, फलस्तीन और लेबनान में शुक्रवार से शुरू फ्रांस विरोधी प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहे।
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बता दें कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति द्वारा मुस्लिम धर्मगुरु के कार्टून छापने को अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार मानकर उसकी रक्षा का संकल्प लेने के बाद मुस्लिम देशों में लोग उबल पड़े हैं। जबकि नीस में महिला का गला काटने समेत तीन लोगों की निर्मम हत्या के बाद फ्रांस में कई संदिग्धों पर सख्त निगाह रखी जा रही है।
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इससे पहले एक शिक्षक के स्कूल में कार्टून से पढ़ाई कराने को लेकर गुस्साए एक छात्र द्वारा शिक्षक का गला काटने के बाद से ही फ्रांस में कुछ मस्जिदों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। शनिवार को बांग्लादेश में हजारों लोगों ने फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन किया जबकि लेबनान की राजधानी बेरूत में मैक्रों का पुतला फूंका गया। पूर्वी येरुशलम में सैकड़ों फलस्तीनी अल अक्सा मस्जिद के बाहर जुटे और मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कुवैत और दुबई में फ्रांसीसी सामानों के बहिष्कार की अपील जोर पकड़ रही है।
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नीस की घटना भयावह : शृंगला
भारत के विदेश सचिव हर्षवर्द्धन शृंगला अपने यूरोपीय दौरे के तहत पहले पड़ाव के रूप में फ्रांस पहुंचे। उन्होंने कई सारे मामलों में फ्रांस को भारत का दृढ़ मित्र बताया और आतंकवाद से ग्लोबल वॉर्मिंग तक तथा समुद्री सुरक्षा से लेकर सतत विकास व तकनीकी-नवाचार तक पर जोर दिया। उन्होंने पेरिस और नीस में पिछले सप्ताह हुई घटनाओं को भयावह बताते हुए कहा कि भारत हमेशा फ्रांस के साथ खड़ा है।
सूत्रों के मुताबिक, शृंगला ने कहा कि यह किसी एक शख्स या गुमराह लोगों का काम नहीं बल्कि इसमें कई देशों व संगठित संस्थाओं का समर्थन होता है। आप जानते हैं कि वे कौन लोग हैं। हम एक समन्वित और निश्चित प्रतिक्रिया को स्थगित नहीं कर सकते हैं और न ही करना चाहिए।