Taiwan Issue: तनाव घटाने के लिए सिंगापुर में मिलेंगे अमेरिकी और चीनी विदेश मंत्री?
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन घोषणा कर चुके हैं कि शांगरी-ला डायलॉग में भाग लेने के लिए वे सिंगापुर जाएंगे। ये डायलॉग 10 से 12 जून तक यहां होगा। हालांकि चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगही के इस डायलॉग में आने की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कयास लगाया है कि वे इसमें शामिल होने का इरादा रखते हैं...
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ताइवान मुद्दे को लेकर चीन और अमेरिका में तेजी से बढ़ रहे तनाव के बीच खबर है कि दोनों देश के रक्षा मंत्री आमने-सामने बैठक करने का कार्यक्रम बना रहे हैं। ये बैठक सिंगापुर में एक सम्मेलन के दौरान होगी। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने प्रस्तावित बैठक की तैयारी से जुड़े अधिकारियों के हवाले से ये खबर छापी है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन घोषणा कर चुके हैं कि शांगरी-ला डायलॉग में भाग लेने के लिए वे सिंगापुर जाएंगे। ये डायलॉग 10 से 12 जून तक यहां होगा। हालांकि चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगही के इस डायलॉग में आने की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कयास लगाया है कि वे इसमें शामिल होने का इरादा रखते हैं।
क्वैड में दिए बयान से बढ़ी टेंशन
विश्लेषकों के मुताबिक ऐसे सम्मेलनों के मौकों पर अक्सर विभिन्न देशों के मंत्री और अधिकारी अलग से एक दूसरे से मिलते हैं। लेकिन ऑस्टिन और जनरल फेंगही की मुलाकात हुई, तो उसका बिल्कुल ही अलग महत्त्व होगा। इसकी वजह ताइवान को लेकर दोनों देशों में बढ़ रहा तनाव है। पिछले महीने क्वॉड्रैंगुलर सिक्योरिटी डायलॉग (क्वैड) में भाग लेने टोक्यो पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति ने वहां ताइवान के बारे में जो बयान दिया, उसके बाद से इस मसले पर टकराव बहुत बढ़ गया है। बाइडन ने कहा था कि अगर ताइवान पर चीन ने हमला किया, तो अमेरिका उसकी रक्षा करेगा।
जनरल वेई पहले चीन की स्ट्रेटेजिक मिसाइल फोर्स के कमांडर थे। 2018 में उन्हें रक्षा मंत्री बनाया गया। उसके बाद 2019 में शांगरी-ला डायलॉग के दौरान ही उनकी तत्कालीन अमेरिकी उप विदेश मंत्री पैट्रिक शनाहान से बातचीत हुई थी। 2020 और 2021 में कोरोना महामारी के कारण शांगरी-ला डायलॉग का आयोजन नहीं हुआ।
फिलहाल हमला नहीं करेगा चीन
वॉल स्ट्रीट जर्नल से बातचीत में संबंधित अधिकारियों ने आगाह किया कि ऑस्टिन और वेई की मुलाकात का कार्यक्रम अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। इसलिए संभव है कि अभी भी इसमें कोई अड़चन आ जाए। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इस खबर की पुष्टि या इसका खंडन करने से इनकार किया है। जबकि इस बारे में वॉल स्ट्रीट जर्नल के संपर्क करने पर चीनी विदेश मंत्रालय ने कोई जवाब नहीं दिया। अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि जनरल वेई और ऑस्टिन ने बीते अप्रैल में फोन पर बात की थी। उस दौरान दोनों देशों के रक्षा संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा और यूक्रेन युद्ध से जुड़े मसलों पर चर्चा हुई थी। लेकिन दोनों के बीच व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं हुई है।
अमेरिकी रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि चीन तुरंत ताइवान पर हमला करने की तैयारी में नहीं है, लेकिन उसने ऐसे हमले की संभावना का खंडन भी नहीं किया है। वह लगातार कह रहा है कि ताइवान उसका हिस्सा है और उसका चीन के साथ एकीकरण तय है। अगर चीन ताइवान पर हमला करता है, तो अमेरिका क्या करेगा, इस बारे में उसकी नीति अस्पष्टता बनाए रखने की रही है। टोक्यो में बाइडन के साफ बयान के बावजूद बाद में अमेरिका ने दावा किया कि रणनीतिक अस्पष्टता की उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।