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Coronavirus : कोविड -19 महामारी से निपटने में भारत ने की दुनिया की मदद
Mon, 08 Mar 2021 05:47 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, ह्यूस्टन।
एजेंसी, ह्यूस्टन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 08 Mar 2021 05:47 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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अमेरिका के शीर्ष वैज्ञानिक डॉ. पीटर होत्ज ने कोविड-19 से निपटने में भारत की भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महामारी के इस मुश्किल दौर में भारत ने दुनिया को उबारने का काम किया। कोविड-19 का टीका बनाने में भारत विश्व के अग्रणी संस्थानों के साथ मिलकर तेजी से टीका की आपूर्ति करा रहा है। उसके इस योगदान को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।
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नेशनल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन व बायलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन, ह्यूस्टन के डीन डॉ. पीटर होत्ज ने वेबिनार में कहा कि दो एमआरएनए वैक्सीन से दुनिया को बहुत फायदा नहीं होता। लेकिन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और बीसीएम के सहयोग से भारत में तैयार टीका ने बड़ी भूमिका निभाई है और यह भारत का दुनिया को उपहार है।
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गौरतलब है कि भारत में पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ने ब्रिटिश फर्मा कंपनी से लाइसेंस लेने के बाद कोविसील्ड को तैयार किया, जिसे ड्रग रेगुलेटर ने इंमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दी।
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वहीं भारत बायोटेक और आईईसएमआर की ओर से एस्ट्राजेनेका और कोवैक्सीन का निर्माण किया जा रहा है। इस वेबिनार में ह्यूस्टन में भारत के वाणिज्य दूत असीम महाजन ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि कुछ देशों की सहायता से भारत ने अब तक 56 लाग टीके कई देशों में भेजे हैं।
महामारी के दौर में भारत बना फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड
डॉ होत्ज केअनुसार कोविड-19 के इस समय में भारत का मेडिसिन में गहरा अनुभव काम आ रहा है। यह फिलहाल विश्व का शीर्ष दवा उत्पादक देश बन गया है जिससे टीका लेने के लिए हर देश प्रयास कर रहा है।