{"_id":"60756fda2b7ed4677c434f95","slug":"american-defence-department-pentagon-claimed-video-of-six-ufos-buzzing-warships-is-real","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका: पेंटागन ने की 2019 में छह यूएफओ दिखने की पुष्टि, वायरल हुए थे युद्धपोतों पर मंडराने के वीडियो","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिका: पेंटागन ने की 2019 में छह यूएफओ दिखने की पुष्टि, वायरल हुए थे युद्धपोतों पर मंडराने के वीडियो
Tue, 13 Apr 2021 03:48 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 13 Apr 2021 03:48 PM IST
सार
अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन की यूएफओ जांच से लीक हुई तस्वीरों ने तहलका मचाया। पेंटागन ने इन तस्वीरों की पुष्टि की है कि नौसेना के अधिकारी ने ही खींची हैं और इसे अज्ञात वस्तुओं की सूची में डाल दिया गया है।
विज्ञापन
पेंटागन को नैवी वॉरशिप के दौरान हवा में दिखी उड़ती हुई अज्ञात वस्तु
- फोटो : Daily mail london
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने पुष्टि की है कि साल 2019 में कैलिफोर्निया के तट से दूर नौसेना युद्धपोतों पर मंडराती अज्ञात वस्तुओं को दिखाने वाली छवियों और वीडियो का एक सेट शाखा कर्मियों की ओर से लिया गया था। ये जानकारी यूएपी टास्क फोर्स द्वारा यूएफओ जांच से लीक हुई है।
विज्ञापन
जो तस्वीरें लीक हुई हैं वो फिल्ममेकर जेरेमी कॉर्बेल की ओर से ली गई हैं। ये तस्वीरें साल 2019 में यूएसएस किड नेवी विध्वंसक समेत चार अमेरिकी विध्वंसक के ऊपर उड़ने वाली अज्ञात वस्तुओं को दिखाती हैं। तस्वीरों का साफ से देखेंगे तो कुछ वस्तुओं का आकार पीरामिड या गुब्बारे और ड्रोन की तरह लग रहा है।
विज्ञापन
पेंटागन के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि जो तस्वीरें और वीडियो दिखाई जा रही हैं वो नौसेना के कर्मचारी की ओर से ली गई हैं। पेंटागन के प्रवक्ता ने ये पुष्टि तब की, जब नौसैनिक अभियानों के प्रमुख एडमिरल माइकल गिल्डे ने स्वीकार किया कि उन्हें नहीं पता कि यह रहस्मय उड़ती हुई वस्तु कहां से आई हैं।
विज्ञापन
गिल्डे की प्रतिक्रिया से एक बात साफ होती है कि ये ड्रोन अमेरिकी सैन्य कार्यक्रम का हिस्सा नहीं थे। हालांकि गिल्डे के मना करने के बाद जहन में कई और सवाल जरूर पैदा हो गए थे कि क्या ये किसी प्रतिद्विंदी सैन्य शक्ति द्वारा बनाए गए थे। तस्वीरों में जिस तरह की आकृतियां दिखाई पड़ रही थीं, वो पिछली यूएफओ से काफी मिलती जुलती थीं।
2004 में छह सुपर हॉर्नेट पायलटों ने नवंबर में एक रहस्यमयी विमान के साथ साधन संपर्क स्थापित किया था। तस्वीरों में देखें तो लगता है कि ये ड्रोन्स हैं लेकिन नौसेना ने इन्हें अज्ञात सूची में डाल रखा है। जनवरी में कोविड-19 राहत पैकेज के हिस्से के तौर पर कांग्रेस ने यूएफओ और अज्ञात हवाई घटनाओं को जारी करने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और रक्षा विभाग के लिए एक जून की सीमा निर्धारित कर दी थी। गिल्डे ने कहा कि हम इन तस्वीरों की जांच कर रहे हैं। हालांकि कोई नहीं जानता कि नौसेनिक युद्धपोतों के ऊपर मंडरा रहे ये ड्रोन जैसी वस्तु कहां से आई थी।