हिटलर और असद की टिप्पणी पर व्हाइट हाउस ने मांगी माफी
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अमेरिका में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता शीन स्पाइसर ने यह कहकर विवाद को जन्म दे दिया था कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने रासायनिक हथियारों का उपयोग कर हिटलर से भी बुरा काम किया है, क्योंकि जर्मनी के तानाशाह ने गैस चैंबर का इतना बुरा इस्तेमाल नहीं किया था। बाद में उन्होंने अपने इस बयान पर संवाददाताओं के सामने खेद जताया।
सीन स्पाइसर प्रेस वार्ता में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सीरिया पर मिसाइल हमलों का बचाव करते हुए यह बयान दे गए थे। व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने अपनी ‘असंवेदनशील’ टिप्पणी पर खेद जताते हुए कहा कि - ‘ईमानदारी से कहूं तो मैंने गलती से जनसंहार के बारे में अनुपयुक्त और असंवेदनशील टिप्पणी की थी और इसकी कोई तुलना नहीं है।
इसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं, क्योंकि ऐसा करना एक गलती थी।’ यहूदियों व राजनीतिक आलोचकों ने इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की और कहा कि शायद स्पाइसर भूल गए हैं कि हिटलर ने गैस चैंबरों का यहूदी समुदाय के खिलाफ इस्तेमाल किया था।
रासायनिक हथियारों का दोबारा उपयोग सीरिया को महंगा पड़ेगा
कैलिफोर्निया की डेमोक्रेट नेता नैंसी पेलोसी ने कहा कि व्हाइट हाउस प्रवक्ता एक भयावह नरसंहार को कम करके आंक रहे हैं। न्यूयॉर्क के ऐन फ्रैंक सेंटर फॉर म्यूचुअल रिस्पेक्ट ने इस पर राष्ट्रपति ट्रंप से बात की। रिपब्लिकन पार्टी के एक यहूदी सदस्य ली जेलडिन ने कहा कि वर्तमान माहौल को द्वितीय विश्व युद्ध से तुलना करने के लिए अलग ढंग से बात करनी थी, लेकिन स्पाइसर को पता होना चाहिए कि हिटलर ने मासूमों को मारने के लिए रासायनिक तरीकों का खुलकर इस्तेमाल किया था।
रासायनिक हथियारों का दोबारा उपयोग सीरिया को महंगा पड़ेगा
हिटलर से तुलना को लेकर व्हाइट हाउस प्रवक्ता सीन स्पाइसर की आलोचना और माफी के बीच अमेरिका के रक्षामंत्री जिम मेटिस ने कहा है कि यदि सीरिया रासायनिक हथियारों का दोबारा इस्तेमाल करता है तो उसे ‘बेहद भारी कीमत’ चुकानी पड़ेगी। मेटिस ने जोर दिया कि सीरिया में अमेरिका की शीर्ष प्राथमिकता इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह से लड़ते रहने की है। मेटिस ने रूस के आरोपों के बावजूद गत सप्ताह सीरिया में किए गए अमेरिकी मिसाइल हमलों का बचाव किया।