रात 3 बजे कॉल करके ट्रंप ने NSA से पूछा डॉलर कमजोर ठीक है या मजबूत ?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डॉलर के लगातार मजबूत होते जाने से परेशान हैं। उनकी परेशानी का यह आलम है कि उन्होने इसके बारे में किसी अर्थशास्त्री से इसके बारे में जानकारी नहीं ली बल्कि अपने सुरक्षा सलाहकार माइक फ्लिन को रात के 3 बजे फोन कर दिया।
इतनी रात को किसी देश का राष्ट्रपति अपने देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को तब फोन करते हैं जब देश पर किसी तरह की कोई आपदा आती है। ट्रंप की बैचेनी का यह आलम था कि उन्होने अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर डॉलर के मजबूत असर के बारे में जानकारी करनी चाही।
लेकिन फ्लिन ने कहा कि वो इकनॉमी के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं और इसके लिए राष्ट्रपति को किसी अर्थशास्त्री से विचार करना चाहिए।
हफिंगटन पोस्ट में छपी खबर के अनुसार, ट्रंप को लगता है कि जब से वो चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बने हैं तबसे दुनिया के कई देशों में डॉलर की स्थिति काफी मजबूत हुई है।
दूसरे देशों में मजबूत डॉलर अमेरिका के खिलाफ साजिश
डॉलर की मजबूती से अमेरिका की इकनॉमी पर गलत असर पड़ सकता है। ट्रंप का मानना है कि चीन और जर्मनी जैसे देश अपनी करेंसी के बजाए डॉलर को मजबूत करने में लगे हुए हैं।
ऐसा करके अमेरिका की कंपनियां वहां की कंपनियों को चुनौती नहीं दे सकती हैं।
पहले भी ट्रंप ने जताई थी ऐसी आशंका
राष्ट्रपति बनने से पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने आशंका जताई थी और कहा था कि 'हमारी कंपनियां चीन की कंपनियों को चुनौती नहीं दे सकती क्योंकि हमारी करंसी काफी मजबूतत है। मजबूत डॉलर हमें मार रहा है।'
ट्रंप के ट्रेजरी सेक्रटरी ने कहा था कि दूसरी करंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती अमेरिका के लिए आम तौर पर सही है, क्योंकि इससे अमेरिका में बिजनेस कर रहे निवेशकों का डॉलर में भरोसा झलकता है।
लेकिन, डॉलर की मौजूदा ताकत का शॉर्ट टर्म में अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ने की भी आशंका है।