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काले किशोर के साथ 'नाइंसाफी' पर थमा अमेरिका

Sun, 21 Jul 2013 11:04 AM IST
Updated Sun, 21 Jul 2013 11:04 AM IST
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us trayvon martin murder protest

निहत्थे काले किशोर ट्रेवोन मार्टिन के क़त्ल के मामले में अभियुक्त जार्ज ज़िमरमैन के बरी होने के हफ़्ते भर बाद अमेरिका के 100 से अधिक शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

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प्रदर्शनकारियों की मांग है कि 29 साल के ज़िमरमैन के ख़िलाफ़ फ़रवरी 2012 में हुए क़त्ल के मामले में सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

फ़्लोरिडा की एक ज्यूरी ने इस बात पर सहमति जताई कि पुलिस वालंटियर ज़िमरमैन ने आत्मरक्षा में 17 साल के ट्रेवोन मार्टिन की हत्या कर दी।

इस मामले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यह स्वीकार किया है कि अमेरिका के काले लोगों को जातीय भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
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नेतृत्व

अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों का नेतृत्व नैशनल एक्शन नेटवर्क कर रहा है जिसके प्रमुख नागरिक अधिकार कार्यकर्ता ईसाई पादरी अल शार्पटन हैं।
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‘ट्रेवोन को न्याय’ दिलाने की शिकागो, लॉस एंजलिस, मियामी और न्यूयॉर्क और दूसरे शहरों में हुई रैलियों में हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया।

शनिवार की सुबह मैनहट्टन में शार्पटन ने समर्थकों से कहा कि वह चाहते हैं कि आत्मरक्षा क़ानून वापस लिया जाए, वो क़ानून जो फ़्लोरिडा जैसी जगहों में लागू है। उनका कहना है, “हम क़ानून में बदलाव चाहते हैं ताकि भविष्य में ऐसा कभी नहीं हो।”

ट्रेवोन की मां साइब्रिना फुल्टन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “आज जो मेरे बच्चे के साथ हुआ कल वह आपके बच्चों के साथ भी हो सकता है।”

न्यूयॉर्क की रैली में रैपर जे जे़ड और उनकी पत्नी बॉयंस ने भी हिस्सा लिया। मियामी में ट्रेवोन के पिता ट्रेसी मार्टिन उन लोगों के साथ नज़र आए जो मशहूर गीत - वी शैल ओवरकम यानी हम होंगे कामयाब गा रहे थे।

मैं भी हो सकता था ट्रेवोन

शुक्रवार को अचानक बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में ओबामा ने कहा कि अमेरिका में शायद ही कोई ऐसा काला व्यक्ति होगा जिसने जातीय भेदभाव का अनुभव नहीं किया होगा।

ओबामा का कहना था कि इस मामले से अफ़्रीकी अमेरिकी नागरिकों को इसलिए दर्द महसूस हुआ क्योंकि वे इस घटना को ‘एक ख़ास अनुभव से जोड़ कर देखते हैं और ये बातें इतिहास से जुड़ी हैं जो इतनी आसानी से भुलाई नहीं जातीं।’

उनका कहना है कि अफ़्रीकी अमेरिकी इस बात को जानते हैं कि क़ानून के पालन में जातीय भेदभाव होता है।

उनका कहना था, “इन सभी बातों से इस तरह के अहसास को बल मिलता है कि अगर ठीक उसी तरह का अपराध किसी गोरे किशोर ने किया होता तो इसका नतीजा कुछ और होता।”

ओबामा ने बड़ी भावुकता से कहा, “जब ट्रेवोन मार्टिन को गोली मारी गई तब मैंने कहा था कि वह मेरा बेटा भी हो सकता था या शायद 35 साल पहले मैं भी ट्रेवोन मार्टिन हो सकता था।”

निगरानी

उन्होंने जातीय भेदभाव से जुड़े अपने अनुभवों को साझा किया मसलन जब वह शॉपिंग करने के लिए जाते थे तो उनका पर नज़र रखी जाती थी।

उन्होंने कहा कि आपराधिक मामले और क़ानून को लागू कराने जैसे विषय परंपरागत रुप से राज्य के दायरे में थे न कि संघ के स्तर पर लेकिन अगर किसी हालात में इनसे विवादों को बल मिलता है तो ऐसे कुछ राज्य और स्थानीय कानूनों में संशोधन लाना उपयोगी होगा।


बुधवार को अमेरिका के अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने उस क़ानून की समीक्षा करने की बात भी कही है जो किसी व्यक्ति को ख़तरे की स्थिति महसूस करने पर अत्यधिक बल-प्रयोग करने की इजाज़त देता है।

फ़्लोरिडा के सैनफोर्ड में एक विवाद के बाद ज़िमरमैन ने ट्रेवोन मार्टिन को गोली मार दी थी।

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