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उत्तर कोरिया से बिना शर्त वार्ता को तैयार अमेरिका
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस / वाशिंगटन
Updated Thu, 14 Dec 2017 05:47 AM IST
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डोनाल्ड ट्रंप, किम जोंग उन
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी और परमाणु युद्ध की तैयारी किसी से छुपी नहीं है। लेकिन अमेरिका के विदेशमंत्री रैक्स टिलरसन अभी भी तनाव के कूटनीतिक हल पर भरोसा जता रहे हैं। दुनिया में अपने देश को सबसे ताकतवर परमाणु शक्ति बनाने के किम के दावे के बीच अमेरिकी विदेशमंत्री ने कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण मसले पर अमेरिका बिना किसी पूर्व शर्त के बातचीत को तैयार है।
वाशिंगटन में अटलांटिक काउंसिल फोरम में हुए एक बैठक में उत्तर कोरिया को लेकर टिलरसन के रुख में नरमी देखी गई। उन्होंने कहा कि हम लोग पहली बैठक बिना किसी पूर्व शर्त के करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग मिलें और इस बात पर चर्चा करें कि बातचीत कैसे होगी। इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि किम जोंग-उन का प्रशासन हथियार छोड़ने पर विचार के संकेत दे। टिलरसन की यह पेशकश उत्तर कोरिया पर गंभीर प्रतिबंधों और दो सप्ताह पहले किम द्वारा किए गए अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण के बाद हुई है।
पढ़ें- किम जोंग की बढ़ेगी टेंशन, US-जापान और दक्षिण कोरिया करेंगे संयुक्त अभ्यास
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यह पेशकश टिलरसन की पिछली टिप्पणी में बदलाव का प्रतीक है जब उन्होंने कहा था कि अमेरिका उत्तर कोरिया से बातचीत नहीं करेगा और यह वार्ता केवल तभी होगी जब वह हमारे पक्ष में चर्चा को तैयार हो। टिलरसन ने कहा, हमने राजनयिक पक्ष से कहा है कि अमेरिका किसी भी समय बिना पूर्व शर्त पहली बैठक के लिए उत्तर कोरिया से बातचीत को तैयार है। उन्होंने कहा कि चलिए, मिलते हैं और हम एक रोडमैप का खाका खींचने की कोशिश शुरू करते हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने दावा किया कि उत्तर कोरिया पर ट्रंप के नजरिए में कोई बदलाव नहीं आया है।
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वाशिंगटन में अटलांटिक काउंसिल फोरम में हुए एक बैठक में उत्तर कोरिया को लेकर टिलरसन के रुख में नरमी देखी गई। उन्होंने कहा कि हम लोग पहली बैठक बिना किसी पूर्व शर्त के करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग मिलें और इस बात पर चर्चा करें कि बातचीत कैसे होगी। इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि किम जोंग-उन का प्रशासन हथियार छोड़ने पर विचार के संकेत दे। टिलरसन की यह पेशकश उत्तर कोरिया पर गंभीर प्रतिबंधों और दो सप्ताह पहले किम द्वारा किए गए अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण के बाद हुई है।
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यह पेशकश टिलरसन की पिछली टिप्पणी में बदलाव का प्रतीक है जब उन्होंने कहा था कि अमेरिका उत्तर कोरिया से बातचीत नहीं करेगा और यह वार्ता केवल तभी होगी जब वह हमारे पक्ष में चर्चा को तैयार हो। टिलरसन ने कहा, हमने राजनयिक पक्ष से कहा है कि अमेरिका किसी भी समय बिना पूर्व शर्त पहली बैठक के लिए उत्तर कोरिया से बातचीत को तैयार है। उन्होंने कहा कि चलिए, मिलते हैं और हम एक रोडमैप का खाका खींचने की कोशिश शुरू करते हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने दावा किया कि उत्तर कोरिया पर ट्रंप के नजरिए में कोई बदलाव नहीं आया है।
उत्तर कोरिया को सबसे ताकतवर परमाणु शक्ति बनाने का संकल्प
donald trump
सियोल। उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग-उन ने देश को सबसे ताकतवर परमाणु शक्ति बनाने का संकल्प लिया है। उत्तर कोरिया ने यह संकेत भी दिए कि वह दुनिया में खतरा बन चुके उसके हथियार कार्यक्रमों पर लगाम लगाने को कतई तैयार नहीं है। उसकी कोशिश अमेरिकी शहरों पर हमला करने में सक्षम हथियार बनाने की है। एक सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के हवाले से किम ने कहा कि उनका देश विजयी ढंग से आगे बढ़ेगा और विश्व की सर्वाधिक ताकतवर परमाणु व सैन्य शक्ति बनेगा।
संयुक्त राष्ट्र से बोला उ. कोरिया, वह भी युद्ध रोकना चाहता है
संयुक्त राष्ट्र। उत्तर कोरिया से लौटे संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्योंगयांग के अधिकारियों ने उन्हें कहा है कि युद्ध रोकना जरूरी है लेकिन उन्होंने वार्ता के लिए कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। संयुक्त राष्ट्र राजनीतिक मामलों के प्रमुख जेफरी फेल्टमेन ने अपनी यात्रा पर सुरक्षा परिषद को जानकारी देने के बाद संवाददाताओं को बताया कि उत्तर कोरिया इस बात पर सहमत है कि युद्ध रोकना महत्वपूर्ण है।
फेल्टमेन ने उत्तर कोरिया के विदेशमंत्री री योंग-हो और उप विदेशमंत्री पक म्योंग कुक से मुलाकात की। संयुक्त राष्ट्र के दूत ने कहा कि उन्होंने हमारे तर्कों को गंभीरता से सुना लेकिन किसी प्रतिबद्धता का प्रस्ताव नहीं दिया। उन्होंने कहा कि समय बताएगा कि हमारी वार्ता का क्या असर होगा लेकिन मुझे लगता है कि हमने आधे दरवाजे खोल दिए हैं।
संयुक्त राष्ट्र से बोला उ. कोरिया, वह भी युद्ध रोकना चाहता है
संयुक्त राष्ट्र। उत्तर कोरिया से लौटे संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्योंगयांग के अधिकारियों ने उन्हें कहा है कि युद्ध रोकना जरूरी है लेकिन उन्होंने वार्ता के लिए कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। संयुक्त राष्ट्र राजनीतिक मामलों के प्रमुख जेफरी फेल्टमेन ने अपनी यात्रा पर सुरक्षा परिषद को जानकारी देने के बाद संवाददाताओं को बताया कि उत्तर कोरिया इस बात पर सहमत है कि युद्ध रोकना महत्वपूर्ण है।
फेल्टमेन ने उत्तर कोरिया के विदेशमंत्री री योंग-हो और उप विदेशमंत्री पक म्योंग कुक से मुलाकात की। संयुक्त राष्ट्र के दूत ने कहा कि उन्होंने हमारे तर्कों को गंभीरता से सुना लेकिन किसी प्रतिबद्धता का प्रस्ताव नहीं दिया। उन्होंने कहा कि समय बताएगा कि हमारी वार्ता का क्या असर होगा लेकिन मुझे लगता है कि हमने आधे दरवाजे खोल दिए हैं।