ट्रेड वॉर शुरू: एक-दूसरे से भिड़े अमेरिका और चीन, पूरी दुनिया भुगतेगी अंजाम
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ट्रंप प्रशासन द्वारा चीनी उत्पादों पर 34 अरब डॉलर का आयात शुल्क अमल में लाते ही दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच शुक्रवार से ट्रेड वॉर शुरू हो गया।
चीन के आयात पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की अमेरिकी पहल के तुरंत बाद चीन ने भी अमेरिका से आने वाले 545 सामानों पर शुल्क लागू कर दिया है। चीन का फैसला भी 34 अरब डॉलर के बराबर अमेरिकी आयात को प्रभावित करेगा। अमेरिका-चीन के बीच शुरू हुए इस व्यापार युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ना तय है।
अमेरिका ने चीनी सामान पर यह जुर्माना ठीक 12:01 बजे से लागू कर दिया गया। चीन के सरकारी मीडिया चायना डेली के मुताबिक इस कार्रवाई के तुरंत बाद चीन ने भी अमेरिकी आयात पर टैरिफ लागू कर दिया, जिसमें सोयाबीन, पोर्क और ऑटोमोबाइल शामिल हैं।
चीन ने इस जंग में आगे होकर नहीं कूदने का बयान देते हुए कहा था कि यदि अमेरिका ने इसकी शुरूआत की तो चीन पीछे नहीं हटेगा। अमेरिकी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स इन चायना के चेयरमैन विलियम जैरिट ने कहा कि इस ट्रेड वॉर में विजेता कोई नहीं होगा, बल्कि इससे अमेरिका-चीन के के साथ पूरी दुनिया प्रभावित होगी।
अमेरिका द्वारा टैरिफ लागू होने से ठीक पहले तक ट्रंप ने अपने फैसले से पीछे हटने के संकेत देने के बजाय विदेश में अपने विमान से कहा कि यदि चीन ने कार्रवाई की तो उनका प्रशासन जल्द ही 16 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर भी कर लगा देगा।
उधर, अमेरिकी कार्रवाई के बाद चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने भी अपनी वेबसाइट पर कहा है कि अब चीन अपने लोगों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी और जवाबी कदम उठाएगा। अब दोनों के बीच आधिकारिक रूप से ट्रेड वॉर शुरू होने के बाद यह नहीं कहा जा सकता कि यह कब और किस तरह से खत्म होगा
चीन के 800 से भी अधिक उत्पाद होंगे प्रभावित
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में ही चीनी सामान पर आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी। शुक्रवार से अमेरिकी कस्टम अधिकारी 800 से ज्यादा चीनी उत्पादों पर 25 फीसदी का शुल्क वसूलना शुरू कर दिए हैं। जबकि दूसरी तरफ चीन के बदले की भावना से अमेरिका के खिलाफ कार्रवाई करने पर अमेरिका ने कहा है कि वह अगले शीघ्र ही 16 अरब डॉलर के अन्य चीनी उत्पादों पर भी आयात शुल्क लगाने की कार्रवाई करेगा। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ना तय है, क्योंकि वस्तुओं व कच्चे माल की कीमत बढ़ने से सभी देश प्रभावित होंगे।
चीन में अमेरिकी कंपनियों के लिए आएंगी मुश्किलें
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक अमेरिकी कार्रवाई के बाद चीन में कारोबार कर रहीं अमेरिकी कंपनियों में चिंता बढ़ गई है। दो बड़ी आर्थिक महाशक्तियों के बीच बढ़ते तनाव से कंपनियों का चीन में काम करना मुश्किल हो जाएगा।
अमेरिकी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स इन चायना के चेयरमैन विलियम जैरिट ने कहा, हमारा दोनों सरकारों से अनुरोध है कि वे सकारात्मक निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए आमने-सामने बैठकर संकट का हल खोजें। जबकि चीन ने कहा है कि वह इस मामले को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भी उठाएगा।