महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने की इच्छामुत्यु की वकालत
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मोटर न्यूरोन से पीड़ित दुनिया के महान भौतिक शास्त्री स्टीफन हॉकिन्स ने इच्छामृत्यु की वकालत करते हुए उसे जायज बताया है।
उनका कहना है कि अपने लिए इच्छामृत्यु चुनने वाले को ये अधिकार मिलना चाहिए। इसे गैर-कानूनी नही होना चाहिए।
स्टीफन ने इच्छामृत्यु के उस कानून को चुनौती दी है जिसमे इच्छामृत्यु की मांग कर रहे व्यक्ति के परिवार को दोषी या अपराधी घोषित किया जाता है।
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स्टीफन का कहना है कि किसी की इच्छा के विरुध उसे जीवित रखना उसका परम अपमान है। उन्हें लगता है कि अगर वो असहनीय दर्द से पीड़ित हो तो उन्हें मर जाना चाहिए।
स्टीफन ने 2013 में भी इस कानून की पैरवी की थी। अपनी बात रखते हुए कहा था कि हम जानवरों को तो भुगतने के लिए मजबूर नही करते पर खुद झेलते रहते हैं।
डेरा ओ ब्रिऐन को बताई अपनी दिली इच्छा
एक टेलीविजन इंटरव्यू मे कॉमेडिन और ब्रॉडकास्टर डेरा ओ ब्रिऐन को अपनी दिल की बात कहते हुए स्टीफन ने कहा थी कि वो काफी अकेलापन महसूस करते हैं क्योंकि लोग उनकी बिमारी के चलते उनसे बात करने मे कतराते हैं।
स्टीफन ने डेरा को आगे बताते हुए कहा था कि मैं अपने लिए इच्छामृत्यु तब चुनूंगा जब मैं बहुत अधिक तकलीफ महसूस करुंगा।
अगर मुझे लगेगा मेरे पास इस दुनिया को योगदान देने के लिए कुछ नही बचा और मैं आसपास के लोगो के लिए बोझ बन चुका हुं तब भी मैं अपने लिए इच्छामृत्यु की मांग करुगां।
स्टीफन ये भी कहते है कि कभी-कभी वो खुद को बहुत थका हुआ सा महसूस करते हैं। अजनबी लोगो से बात करने में भी उन्हें दिक्कत होती है।