अवैध कारोबार के आरोप में 400 वेबसाइट बंद
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मादक पदार्थ और हथियारों समेत कई अवैध चीजें बेचने के आरोप में सिल्क रोड 2.0 और 400 अन्य वेबसाइटों को बंद कर दिया गया है।
इन सभी वेबसाइटों को टोर नेटवर्क पर संचालित किया जा रहा था। टोर नेटवर्क, इंटरनेट का ही एक हिस्सा है जिस पर पारंपरिक सर्च इंजनों के जरिए नहीं पहुंचा जा सकता है।
इस सिलसिले में यूरोप के 16 देशों और अमेरिका के संयुक्त अभियान में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों में ब्लेक बेनथाल भी शामिल हैं, जिन्हें सिल्क रोड 2.0 से संबंधित माना जाता है।
गिरफ्तार किए गए लोगों में ब्रिटेन के छह नागरिक भी हैं। नेशनल क्राइम एजेंसी के मुताबिक, इन सभी को पूछताछ के बाद जमानत पर छोड़ दिया गया है।
'अपराधों पर बड़ी सफलता'
विशेषज्ञ इन वेबसाइटों के बंद होने को साइबर अपराध से निपटने में एक बड़ी सफलता के तौर पर देख रहे हैं।
बीबीसी के तकनीक मामलों के संवाददाता रोरी सेलन-जोंस का कहना है कि इससे एक वर्ष पहले भी इसी तरह की मुहिम चलाई गई थी। लेकिन इस बार पहले से कहीं बड़े पैमाने पर इस तरह की वेबसाइटों के ख़िलाफ वैश्विक स्तर पर सहयोग के साथ कार्रवाई की गई है।
सिल्क रोड 2.0 को पिछले साल अक्तूबर में शुरू किया गया था। मादक पदार्थों की अवैध खरीद-फरोख्त के लिए ये वेबसाइट खासी बदनाम है।
टोर नेटवर्क के लिए एक खास तरह के सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है जिसे टोर ब्राउज़र बंडल के नाम से जाना जाता है। इसे मूलत: यूएस नेवल रिसर्च लेबोरेटरी ने तैयार किया था। उसे अमेरिकी विदेश मंत्रालय से वित्तीय मदद मिलती है।
इस नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की मौजूदगी की जगह पता नहीं चलती और उसकी पहचान भी जाहिर नहीं होती है।