व्यापार वार्ता में चीन के साथ अमेरिका, ट्रंप जल्द करेंगे जिनपिंग से मुलाकात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका-चीन में ट्रेड वॉर के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे जल्द ही चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से मिलकर दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार समझौते की कोशिश करेंगे। ट्रंप के साथ चीन के उप प्रधानमंत्री लियू हे के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल से चर्चा के बाद व्हाइट हाउस ने भी कहा, अमेरिका ने चीन के साथ व्यापार वार्ता में ‘जबरदस्त’ प्रगति की है। लेकिन अभी और काम किए जाने की जरूरत है।
अमेरिका में दो दिन से जारी इस वार्ता के दौरान ट्रेड वॉर के चलते खत्म हुई वैश्विक अर्थव्यवस्था को सुलझाने की दिशा में बातचीत हुई है। यह बैठक ट्रंप और शी के बीच एक दिसंबर को अर्जेंटीना में हुई उस बातचीत का नतीजा है जिसमें दोनों ने 90 दिनों में समझौता वार्ता का फैसला किया था। इससे पहले दोनों देश एक दूसरे के सामानों पर आयात शुल्क बढ़ाते जा रहे थे। नए दौर की बातचीत में अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व यूएस व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर ने किया। ट्रंप प्रशासन के मुताबिक एक मार्च तक डील न होने की स्थिति में चीनी माल पर 200 अरब डॉलर का शुल्क बढ़ा दिया जाएगा।
ट्रंप ने लियू के साथ व्हाइट हाउस में कहा कि वह आशावादी थे कि दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अब तक की सबसे बड़ी डील तक पहुंच सकती हैं। हालांकि उन्होंने दोहराया कि 1 मार्च की समय सीमा तक सुधार न होने पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ बिंदु हैं जिन पर हम सहमत नहीं हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हम सहमत हो जाएंगे।
शी ने ट्रंप से कहा, चीन-अमेरिकी रिश्ते ‘अत्यंत महत्वपूर्ण’ स्थिति में
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी समकक्ष ट्रंप को लिखे एक पत्र में कहा है कि दोनों देशों के संबंध ‘अत्यंत महत्वपूर्ण’ स्थिति में हैं और उनके बीच एक शुरूआती कारोबार समझौते से दोनों देशों की जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच एक ‘सकारात्मक संदेश’ जाएगा। अमेरिका-चीन व्यापार शुल्कों पर 90 दिन तक यथास्थिति बनाए रखने की एक मार्च की समय सीमा करीब आने के बीच शी का यह पत्र चीनी प्रतिनिधिमंडल के उस सदस्य ने पढ़ा जिसने ट्रंप से उनके ओवल ऑफिस में मुलाकात की थी।
शी ने लिखा ‘पिछले माह अर्जेंटीना बैठक में हम सहयोग, समन्वय व स्थिरता के आधार पर द्विपक्षीय रिश्तों के लिए मिलजुलकर काम करने पर सहमत हुए थे। मुझे उम्मीद है कि दोनों पक्ष परस्पर सम्मान की भावना और एक दूसरे के साथ सहयोग करते हुए, एक शुरूआती समझौते पर पहुंचने के लिए परामर्श को आगे बढ़ाएंगे।’
अमेरिकी सुरक्षा को चीनी खतरों से निपटने के लिए विधेयक पेश
अमेरिकी सांसदों के एक शक्तिशाली द्विदलीय समूह ने चीन जैसी विदेशी ताकतों से राष्ट्रीय सुरक्षा को होने वाले विशिष्ट तकनीकी खतरों से निपटने संबंधी एक विधेयक सीनेट में पेश किया है। यदि इस विधेयक को कांग्रेस और राष्ट्रपति की मंजूरी मिल जाती है तो व्हाइट हाउस में पेचीदा तकनीक और सुरक्षा से जुड़ा विभाग बनाया जाएगा जिसका काम सभी संघीय और राज्य एजेंसियों के बीच तालमेल बनाना और ऐसी दीर्घकालिक रणनीति विकसित करना होगा जिससे दूसरे देशों की ओर से तकनीक चोरी और अन्य खतरों से बचा जा सके।
सीनेटर सुसान कोलिंस द्वारा पेश इस विधेयक के सीनेटर मार्क वार्नर व मार्को रूबियो ने तैयार किया है। कोलिंग ने कहा, चीन द्वारा अमेरिकी प्रौद्योगिकी की चोरी और दूरसंचार बाजार में विस्तार की कोशिशों से हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरे पैदा हो गए हैं।