वो दिन दूर नहीं जब हिंदू बनेगा अमेरिकी राष्ट्रपति: ओबामा
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बराक ओबामा ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने अंतिम संबोधन में भारत से अपनी नजदीकी को दर्शा दिया। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब एक हिंदू को अमेरिका का राष्ट्रपति बनाया जाए। यही नहीं अमेरिकी राष्ट्राध्यक्ष को यह भी यकीन है कि आने वाले दिनों में कोई महिला, यहूदी या लैटिन अमेरिकी भी संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति बन सकता है।
विदाई की बेला पर राष्ट्रपति ओबामा ने अमेरिका-भारत के रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने में सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया। ओबामा के मुताबिक साझा आर्थिक और सुरक्षा संबंधी प्राथमिकताओं पर आधारित दोनों देशों के संबंधों में प्रगति मोदी के प्रयास का ही नतीजा है। व्हाइट हाउस के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने भी आपसी संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए ओबामा को धन्यवाद दिया।
ओबामा ने रक्षा और परमाणु ऊर्जा और दोनों देशों के लोगों के बीच के संबंधों को बढ़ावा देने के लिए जारी संयुक्त प्रयासों की समीक्षा भी होती रहनी चाहिए। बुधवार को व्हाइट हाउस में अपनी अंतिम पत्रकार वार्ता के दौरान ओबामा ने अमेरिका में मौजूद नस्लीय विविधता पर खुलकर चर्चा की।
'जो काबिल होगा वह बनेगा राष्ट्रपति'
दरअसल ओबामा से सवाल किया गया था कि क्या अमेरिका में फिर से कोई ब्लैक राष्ट्रपति बन सकता है? जवाब में अमेरिका के पहले ब्लैक राष्ट्रपति ओबामा ने कहा, ‘मुझे पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में अमेरिका में कोई महिला, कोई हिंदू, कोई यहूदी या कोई लैटिन अमेरिकी समुदाय का व्यक्ति राष्ट्रपति बनेगा। जिस किसी शख्स में भी काबिलियत होती है, वह अपनी नस्ल और मान्यताओं को पीछे छोड़कर आगे बढ़ ही जाता है।
यही हमारे देश अमेरिका की ताकत है।’ यह भी जोड़ा कि ‘सच यह है कि चूंकि हमने सभी को मौके देना जारी रखा है। इसलिए जल्द ही अमेरिका को महिला राष्ट्रपति भी मिलेगी। इसी दौरान हो सकता है कि अमेरिका में कोई लैटिन अमेरिकी राष्ट्रपति बने या कोई यहूदी या फिर कोई हिंदू राष्ट्रपति बन जाए। ओबामा के मुताबिक अमेरिका में अब यह स्थिति उत्पन्न हो गई है कि एक ही समय में कई समुदायों से राष्ट्रपति बनने लायक काबिल लोग मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि यह नहीं देखा जाना चाहिए कि कोई शख्स किस नस्ल या किस देश का है और उसकी आस्था क्या है। उन्होंने ओलंपिक खेलों में शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं और मिशेल हमेशा ओलंपिक टीम के साथ रहे और यह काफी दिलचस्प रहा। हर टीम में हर नस्ल के खिलाड़ी होते हैं, लेकिन वे एक साथ मिलकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। हमारी टीम में भी हर आकार, प्रकार, रंग और नस्ल के खिलाड़ी हैं। लेकिन वे मिलकर शानदार प्रदर्शन करते हैं।’