फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   Know what is Special in the most powerful rocket in the world

जानिए दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट में क्या है खास

Thu, 08 Feb 2018 03:42 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Thu, 08 Feb 2018 03:42 PM IST
विज्ञापन
Know what is Special in the most powerful rocket in the world
Falcon Heavy

इस रॉकेट ने फलोरिडा के ठीक उसी जगह से उड़ान भरी जहां से चांद पर जाने वाला पहला इंसान अपने सफर पर निकला था। अब इतिहास नए सिरे से लिखा जा रहा है, मंजिल है मंगल ग्रह और मकसद है इंसान को वहां पहुंचाना। 

विज्ञापन


'फॉल्कन हेवी' नाम के इस विशाल रॉकेट ने केप केनावेराल स्थित अमेरिकी अंतरिक्ष संस्था नासा के जॉन एफ कैनैडी स्पेस सेंटर से मंगलवार को स्थानीय समयानुसार बजे उड़ान भरी।
विज्ञापन


ये रॉकेट एक प्राइवेट कंपनी 'स्पेसएक्स' ने लॉन्च किया है। 

कैनेडी सेंटर
'फॉल्कन हेवी' के टैंक में एक टेस्ला कार रखी गई है। ये गाड़ी अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचने वाली पहली कार होगी। ये रॉकेट कैनेडी सेंटर के उसी LC-39A प्लेटफ़ॉर्म से लॉन्च किया गया है जहां से अपोलो मिशन रवाना हुआ था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चंद्रमा पर मनुष्य के पहुंचने की घटना के बाद ये वो घड़ी थी जिसका पूरी दुनिया में इंतजार किया जा रहा था। केप केनावेराल में इस मौके का गवाह बनने के लिए बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा थे। टेस्ला और स्पेसएक्स ये दोनों ही अरबपति कारोबारी एलन मस्क की कंपनियां हैं।

एलन मस्क 'फ़ॉल्कन हेवी' जैसे भारी-भरकम रॉकेट का इस्तेमाल मंगल ग्रह के लिए भविष्य के अभियानों में करना चाहते हैं। 

अंतरिक्ष की कक्षा
'फॉल्कन हेवी' अंतरिक्ष के सफर पर 11 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से निकला है। ये रॉकेट 70 मीटर लंबा है और अंतरिक्ष की कक्षा में ये 64 टन वजन स्थापित कर सकता है। 

ये वजन पांच डबल डेकर बसों के बराबर है। इसकी क्षमता को केवल सैटर्न-V एयरक्राफ्ट मात दे सकता है। 60 और 70 के दशक में अपोलो अभियानों के दौरान सैटर्न-V एयरक्राफ़्ट इस्तेमाल लाया गया था। 

मौजूदा वक्त में बाकी रॉकेट अपने साथ जितना भार ले जा सकते हैं, फॉल्कन हेवी उससे दोगुना भार को ले जाने की क्षमता रखता है। 

टेस्ला स्पोर्ट्स कार
स्पेस एक्स के सीईओ के अनुसार इस रॉकेट की पहली उड़ान की सफलता 50 प्रतिशत थी लेकिन यह सफलतापूर्वक लॉन्च होने में कामयाब रहा। हालांकि पहली उड़ान के खतरों को देखते हुए इस रॉकेट के साथ इलोन मस्क की पुरानी लाल रंग की टेस्ला स्पोर्ट्स कार को रखा गया है।

इस कार की ड्राइविंग सीट पर स्पेस सूट पहने व्यक्ति का बुत रखा गया है। अगर ये रॉकेट अपनी उड़ान के सभी चरणों में कामयाब रहा तो टेस्ला कार और उसके मुसाफिर को सूर्य के आस-पास अंडाकार कक्षा में पहुंचा देगा। 


और वो जगह मंगल ग्रह के काफी पास होगी। हालांकि इस उड़ान की कामयाबी की जानकारी उड़ान के कम से कम साढ़े छह घंटे के भीतर पता चल जाएगा। एलन मस्क ने संवाददाताओं से कहा, "कार अंतरिक्ष की कक्षा में पृथ्वी से 400 मिलियन किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंचेगा और इसकी रफ़्तार होगी 11 किलोमीटर प्रति सेकेंड"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed