{"_id":"b67c9346-0a55-11e2-a185-d4ae52ba91ad","slug":"india-for-stable-and-cooperative-relationship-with-china","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन के साथ सहयोगात्मक संबंध पर जोर: कृष्णा","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
चीन के साथ सहयोगात्मक संबंध पर जोर: कृष्णा
न्यूयॉर्क/एजेंसी
Updated Sat, 29 Sep 2012 10:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने कहा है कि भारत की विदेश नीति की मुख्य प्राथमिकता चीन के साथ स्थायी एवं सहयोगात्मक संबंध निर्माण की है जो क्षेत्र में स्थिरता एवं समृद्धि का स्रोत होगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने आए कृष्णा ने कहा कि एशिया, हिंद महासागर तथा प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता एवं सुरक्षा 21वीं सदी में भारत की खुद की सुरक्षा एवं समृद्धि के लिए यह जरूरी है।
कृष्णा ने ब्राउन विश्वविद्यालय में ‘21वीं सदी में भारत की विदेश नीति की प्राथमिकताएं’ नामक विषय पर दिए व्याख्यान में कहा, ‘चीन के साथ स्थायी एवं सहयोगात्मक संबंध के निर्माण में निवेश करना हम जारी रखेंगे। यही परस्पर लाभकारी और क्षेत्रीय स्थिरता एवं समृद्धि का स्रोत है।’ उन्होंने आगाह किया कि अगर शक्ति स्पर्धा, राष्ट्रीय दुराग्रह और हथियारों की होड़ जारी रहती है तो बीते साल में एशिया को मिली अद्भुत उपलब्धियां औंधे मुंह गिर सकती हैं।
पड़ोसियों के लिए प्रतिबद्ध है भारत
विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने कहा है कि भारत दक्षिण एशिया में शांति एवं समृद्धि चाहता है और क्षेत्र में जड़े जमा चुके आतंकवाद को परास्त करने के लिए वह पड़ोसी देशों के साथ मिलकर काम करने के प्रति प्रतिबद्ध है। कृष्णा ने यहां रोडे द्वीप पर ब्राउन विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित आईवी लीग में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए भारत द्वारा अफगानिस्तान की जनता को आर्थिक सुधार की राह पर लाने और पाकिस्तान के साथ सामान्य रिश्तों के लिए किए जा रहे प्रयासों को निरूपित किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने आये कृष्णा ने अपने भाषण में कहा, ‘भारत अपने पड़ोसी देशों और बड़ी शक्तियों के साथ मिलकर क्षेत्र में ‘जड़े जमा चुके हिंसक अतिवाद के ‘अभिशाप’ को मात देने के लिए मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है।’
विज्ञापन
विज्ञापन
कृष्णा ने ब्राउन विश्वविद्यालय में ‘21वीं सदी में भारत की विदेश नीति की प्राथमिकताएं’ नामक विषय पर दिए व्याख्यान में कहा, ‘चीन के साथ स्थायी एवं सहयोगात्मक संबंध के निर्माण में निवेश करना हम जारी रखेंगे। यही परस्पर लाभकारी और क्षेत्रीय स्थिरता एवं समृद्धि का स्रोत है।’ उन्होंने आगाह किया कि अगर शक्ति स्पर्धा, राष्ट्रीय दुराग्रह और हथियारों की होड़ जारी रहती है तो बीते साल में एशिया को मिली अद्भुत उपलब्धियां औंधे मुंह गिर सकती हैं।
विज्ञापन
पड़ोसियों के लिए प्रतिबद्ध है भारत
विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने कहा है कि भारत दक्षिण एशिया में शांति एवं समृद्धि चाहता है और क्षेत्र में जड़े जमा चुके आतंकवाद को परास्त करने के लिए वह पड़ोसी देशों के साथ मिलकर काम करने के प्रति प्रतिबद्ध है। कृष्णा ने यहां रोडे द्वीप पर ब्राउन विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित आईवी लीग में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए भारत द्वारा अफगानिस्तान की जनता को आर्थिक सुधार की राह पर लाने और पाकिस्तान के साथ सामान्य रिश्तों के लिए किए जा रहे प्रयासों को निरूपित किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने आये कृष्णा ने अपने भाषण में कहा, ‘भारत अपने पड़ोसी देशों और बड़ी शक्तियों के साथ मिलकर क्षेत्र में ‘जड़े जमा चुके हिंसक अतिवाद के ‘अभिशाप’ को मात देने के लिए मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है।’
विज्ञापन