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Google-Microsoft मिलकर मारेंगे मच्छर, दिलाएंगे डेंगू, मलेरिया, जीका वायरस से निजात

Wed, 12 Jul 2017 12:51 PM IST
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल Updated Wed, 12 Jul 2017 12:51 PM IST
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google Microsoft joins hands to fight deadly mosquito
- फोटो : demo

विश्व की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में शुमार गूगल और माइक्रोसॉफ्ट अब मच्छर भी मारेंगे। इसके लिए दोनों कंपनियों ने हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियां ऐसी टेक्नोलॉजी को विकसित करने में लगी हैं जिससे डेंगू, मलेरिया, जीका वायरस फैलाने वाले मच्छरों का नाश किया जा सके। 

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अमेरिका के कई राज्यों में की शुरुआत
इन दोनों कंपनियों ने अमेरिका के कई राज्यों जैसे कि टेक्सास, कैलिफोर्निया में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के साथ मिलकर के इसकी टेस्टिंग शुरू कर दी है। टेक्सास में माइक्रोसॉफ्ट स्मार्ट ट्रैप की मदद से जीका वायरस फैलाने वाले एडिस मच्छर को पकड़ कर मार रही है। 

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2016 से पूरी दुनिया में छाया जीका वायरस का खौफ

google Microsoft joins hands to fight deadly mosquito

खतरनाक जीका वायरस का खौफ इबोला की तरह ही पूरी दुनिया में छा गया है। 2016 में उत्तर और दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के देशों में इसका डर लोगों में इतना समा गया था कि उन्होंने अपनी यात्राएं तक रद्द कर दी थी। 

पिछले साल जीका से सहमे अमेरिका के 64 फीसदी लोगों ने प्रभावित देशों में अपनी प्रस्तावित यात्राएं तक रद्द कर दी हैं। करीब 22 देशों को अपनी चपेट में ले चुके जीका के तेजी से फैलाव को देखते हुए अमेरिका समेत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तो इस बारे में चेतावनी तक जारी कर दी है। 

जीका से सिकुड़ जाता है दिमाग
जीका वायरस से पीड़ित का दिमाग सिकुड़ने लगता है, जिससे ब्रेन डैमेज और मौत होने का भी खतरा रहता है। इससे ब्राजील और अल सल्वाडोर में छोटे सिर के साथ बच्चों के जन्म लेने के मामले बढ़े हैं। ट्रैवल रिस्क मैनेजर नामक कंपनी के एक सर्वे के मुताबिक, दोनों महाद्वीपों के तकरीबन 64 फीसदी अमेरिकी लोगों ने एडीज मच्छर से फैलने वाले जीका वायरस के डर से उन देशों की यात्राएं रद्द कर दी हैं, जो इनकी चपेट में हैं। 

यह सर्वे गूगल कंज्यूमर सर्वे के तहत 18 साल से अधिक उम्र के करीब 2000 लोगों पर किया गया है। सर्वे में हिस्सा लेने वाली 69 फीसदी महिलाओं ने कहा कि उन्होंने अपना घूमने की योजना रद्द कर दी है, जबकि 37 फीसदी महिलाओं ने कहा कि वे प्रभावित देशों की यात्रा न करने पर विचार कर रही हैं। 

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