अमेरिका में पहली बार हुआ गर्भाशय का प्रत्यारोपण
अमेरिका में पहली बार गर्भाशय का सफल प्रत्यारोपण किया गया है। यह सफल प्रयास उन महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण बना है, जिनका जन्म से गर्भाशय नहीं है या फिर जिन्होंने किसी वजह से इसे निकलवा दिया था। अमेरिका के क्लेवलैंड क्लीनिक में देश का यह पहला गर्भाशय प्रत्यारोपण था।
करीब नौ घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने यह सफलता पाई। अस्पताल के मुताबिक प्राप्तकर्ता 26 वर्षीय महिला स्वस्थ हैं और प्रत्यारोपण करने वाले डॉक्टर ने पहले स्वीडन जाकर इस संबंध में जानकारी और प्रशिक्षण हासिल किया।
अस्पताल ने बताया कि इस प्रत्यारोपण का मुख्य ध्येय यह है कि जो महिलाएं गर्भ धारण करना चाहती हैं और गर्भाशय के न होने की वजह से नहीं कर पा रही हैं, तो उनको इसके जरिये मदद मुहैया कराना है। हालांकि गर्भाशय का प्रत्यारोपण करने के बाद कम से कम एक साल तक प्राप्तकर्ता महिला डॉक्टरों की निगरानी में रहेगी। इस दौरान गर्भाशय को गर्भधारण के लिए तैयार करने को दवाइयां दी जाएंगी।
अस्थायी होगा गर्भाशय
डॉक्टरों के मुताबिक प्रत्यारोपण के बाद कम से कम एक साल तक गर्भ धारण नहीं
किया जा सकता, क्योंकि गर्भाशय को इसके लिए तैयार होने में समय लगता है।
स्वीडन की तरह अगर यह प्रयास अमेरिका में भी सफल रहता है, तो इसे सामान्य
उपचार में शामिल करने की योजना है। स्वीडन में कम से कम चार से पांच हजार
प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं।
फिलहाल प्रत्यारोपित गर्भाशय अस्थायी होगा। एक या दो बार गर्भधारण करने के बाद इसे निकाल दिया जाएगा, ताकि इसे उपयोग में रखने के लिए ली जानी वाले दवाइयों को लेना बंद किया जा सके।