फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   fbi extended there investigation to pakistan

एफबीआई ने कैलिफोर्निया के जांच का दायरा पाक तक बढ़ाया

Tue, 08 Dec 2015 08:09 AM IST
Updated Tue, 08 Dec 2015 08:09 AM IST
विज्ञापन
fbi extended there  investigation to pakistan

अमेरिका के कैलिफोर्निया में पाकिस्तानी महिला तसफीन मलिक और उसके पति सईद रिजवान फारूक की ओर से की गई गोलीबारी की जांच कर रही फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (एफबीआई) ने अपने जांच का दायरा पाकिस्तान और अन्य देशों तक बढ़ा दिया है। इसमें 14 लोगों की जान चली गई थी। अमेरिका में कट्टरता बढ़ने की चिंता को लेकर इसके जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

विज्ञापन


अमेरिकी अटॉर्नी जनरल लोरेट्टा लिंच ने बताया कि जांच के दायरे में पाकिस्तान समेत अन्य देश शामिल हैं। इस संबंध में अमेरिकी अधिकारी सऊदी अरब के अधिकारियों से भी बातचीत कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसे आतंकी वारदात करार दिया है। एक सवाल के जवाब में लिंच ने कहा कि मामले की व्यापक स्तर पर जांच चल रही है। यह बेहद जटिल है।
विज्ञापन


इसके कट्टरपंथ से जुड़े होने के संकेत मिलने से एफबीआई जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यह आतंकी जांच है। लिंच ने बताया कि इस संबंध में राज्य और स्थानीय समकक्षों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। इसके अलावा एटीएफ मार्शल की भी मदद ली जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मदरसे में तसफीन ने ली थी ट्रेनिंग

fbi extended there  investigation to pakistan

उन्होंने बताया कि तसफीन और फारूक ने सऊदी अरब में करीब दो साल पहले शादी किया था। शुरुआत में दोनों एक मैट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिए एक दूसरे के संपर्क में आए थे। तसफीन ने अमेरिका आने से पहले पाकिस्तान में पढ़ाई पूरी की।

अमेरिकी अटॉर्नी ने बताया कि इस घटना के बाद जांच अधिकारियों ने 300 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की और कई जगह तलाशी ली। हालांकि तसफीन और फारूक की ओर से गोलीबारी करने की वजह का पता नहीं चल सका है।

पाकिस्तान के एक मदरसे के मौलवी ने सोमवार को बताया कि तसफीन ने पाक के मुल्तान स्थित अल-हुदा इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग ली थी। मदरसे में तसफीन का नाम मुकद्दस रखा गया था। उसने पाकिस्तान के हाई प्रोफाइल धार्मिक सेमीनारों में भी हिस्सा लिया था। 1994 में स्थापित यह मदरसा सिर्फ महिलाओं के लिए है, जो मध्यम वर्ग की महिलाओं को निशाना बनाता है।

इसकी शाखाएं अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन में भी हैं। तालिबान से विचारधारा मेल खाने की वजह से यह मदरसा विवादों में भी घिर चुका है। बहाउद्दीन जकारिया यूनिवर्सिटी में उसके साथ पढ़ने वाले बताते हैं कि तसफीन 2007 से 2012 तक यूनिवर्सिटी के बाद नियमित रूप से मदरसा जाती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed