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क्या डोनल्ड ट्रंप के पास वाकई 'परमाणु बटन' है?

Thu, 04 Jan 2018 08:51 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Thu, 04 Jan 2018 08:51 PM IST
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Does Donald Trump really have a nuclear button
किम जोंग-उन और डोनल्ड ट्रंप - फोटो : BBC
डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच इन दिनों वाकयुद्ध छिड़ा है और दोनों एक-दूसरे को बटन दबाकर परमाणु हमला करने की धमकी दे रहे हैं। ट्विटर पर हुए इस 'बटन युद्ध' के बीच यह जानना मुनासिब होगा कि क्या वाकई एक बटन दबाने से परमाणु हथियार लॉन्च हो जाते हैं? और अगर ऐसा है तो क्या ट्रंप के पास वाकई एक परमाणु बटन है। 
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परमाणु हथियार को लॉन्च करना रिमोट पर बटन दबाकर चैनल बदलने जैसा काम नहीं है। यह प्रक्रिया काफी पेचीदा है।

मजेदार बात ये है कि इसमें 'बिस्कुट' और 'फुटबॉल' जैसी चीजें भी शामिल हैं।

यानी 'न्यूक्लियर बटन' भले ही एक जानी-पहचानी टर्म हो लेकिन यह भी सच है कि ट्रंप महज एक 'बटन' दबाकर परमाणु हथियार नहीं छोड़ सकते। 

तो ट्रंप के पास है क्या?
पिछले साल 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ सेना का एक अधिकारी लेदर ब्रीफकेस के साथ मौजूद था।

शपथ लेते ही वो सैन्यकर्मी अपने ब्रीफकेस के साथ ट्रंप के पास चला गया।

उस ब्रीफकेस को 'न्यूक्लियर फुटबॉल' कहा जाता है। परमाणु हथियार को फायर करने के लिए इस फुटबॉल की जरूरत होती है। यह 'न्यूक्लियर फुटबॉल' हर वक्त राष्ट्रपति के पास रहती है।
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बीते साल अगस्त में एक जानकार ने अमेरिका के चैनल सीएनएन को बताया था कि, "ट्रंप जब गॉल्फ खेलते हैं तो भी यह 'फुटबॉल' एक छोटी गाड़ी में उनके पीछे चलती है। 
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'न्यूक्लियर फुटबॉल' और बिस्कुट क्या है?

Does Donald Trump really have a nuclear button
'न्यूक्लियर फुटबॉल' है क्या? 
अगर किसी को कभी इस 'फुटबॉल' को खोलकर देखने का मौका मिले तो उसे बड़ी निराशा होगी। 'फुटबॉल' में न तो कोई बटन है और ना ही इसमें हॉलीवुड की फिल्म आर्मागेडन की तरह कोई घड़ी लगी है।

इस 'फुटबॉल' के अंदर कम्यूनिकेशन टूल्स और कुछ किताबें है जिनमें युद्ध की तैयार योजना है। इन योजनाओं की मदद से तुरंत कोई फैसला लिया जा सकता है।

और ये बिस्कुट क्या है?
बिस्कुट एक कार्ड होता है जिसमें कुछ कोड होते हैं। अमरीका के राष्ट्रपति को यह कोड हमेशा अपने पास रखने होते हैं। यह 'फुटबॉल' से अलग होता है।

अगर राष्ट्रपति को परमाणु हमला करने का आदेश देना है तो वे इन्हीं कोड का इस्तेमाल करके सेना को अपनी पहचान बताते हैं।

राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद एबीसी न्यूज ने डोनल्ड ट्रंप से पूछा था कि, "बिस्कुट मिलने के बाद कैसा महसूस होता है?" ट्रंप ने जवाब दिया कि, "जब वो बताते हैं कि बिस्कुट क्या है और इससे कैसी तबाही हो सकती है तो आपको इसकी गंभीरता समझ आ जाती है। यह बेहद डरावना है।"

उत्तर कोरिया अमेरिका से जंग करने को तैयार? 
पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के पूर्व सैन्य सहयोगी रॉबर्ट "बज" पैटरसन ने बताया था कि 'क्लिंटन ने एक बार कोड खो दिए थे।' पैटरसन के मुताबिक क्लिंटन बिस्कुट को अपने क्रेडिट कार्ड के साथ रबरबैंड लगाकर, पैंट की जेब में रखते थे।

पैटरसन ने आगे कहा कि जिस सुबह मोनिका लेविंस्की मामला खुला, क्लिंटन ने बताया कि उन्हें ध्यान नहीं है कि कोड कहां रखे हैं। सेना के एक और अधिकारी ह्यू शेल्टन ने भी बताया कि राष्ट्रपति क्लिंटन 'महीनों' तक अपने कोड भूल जाते थे। 

राष्ट्रपति परमाणु हथियार लॉन्च कैसे करते हैं?

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परमाणु हथियार (फाइल फोटो)
राष्ट्रपति परमाणु हथियार लॉन्च कैसे करते हैं?
सिर्फ राष्ट्रपति परमाणु हथियार लॉन्च कर सकते हैं। कोड के जरिए सेना को अपनी पहचान बताने के बाद राष्ट्रपति जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन को आदेश देते हैं।

चेयरमैन अमरीकी सेना के सबसे बड़े अधिकारी होते हैं। उसके बाद ये आदेश नेब्रास्का के ऑफट एयरबेस में बने स्ट्रैटजिक कमांड के मुख्यालय के पास चला जाता है। वहां से यह आदेश ग्राउंड टीमों को भेजा जाता है। (ये समुद्र में या पानी के अंदर भी हो सकते हैं)

परमाणु हथियार को फायर करने का आदेश कोड के जरिए भेजा जाता है। ये कोड लॉन्च टीम के पास सुरक्षित रखे कोड से मिलना चाहिए।

क्या राष्ट्रपति के आदेश की अवहेलना हो सकती है?
राष्ट्रपति अमरीकी सेनाओं के कमांडर-इन-चीफ होते हैं। यानी सेनाओं को उनका हर आदेश मानना होता है।

लेकिन इसके कुछ अपवाद भी हो सकते हैं।

40 सालों में पहली बार पिछले साल नवंबर में कांग्रेस ने राष्ट्रपति के परमाणु हथियार लॉन्च करने के अधिकार की जांच की। इनमें 2011-13 में अमरीकी स्ट्रैटजिक कमांड के कमांडर रहे सी रॉबर्ट केहलर भी शामिल थे।

उन्होंने जांच कमेटी से कहा था कि वो ट्रेनिंग के मुताबिक राष्ट्रपति का परमाणु हथियार छोड़ने का आदेश मानते लेकिन तभी जब वो कानून के मुताबिक हो। उन्होंने बताया, "कुछ स्थितियों में मैं कह सकता था कि मैं तैयार नहीं हूं।"

एक सेनेटर ने पूछा कि, "उसके बाद क्या होता?" तब केहलेर ने कहा, "पता नहीं।"

इसके जवाब में कमेटी हंस पड़ी।
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