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डायरिया रोकने के लिए भारत में बनी वैक्सीन कारगर, दुनिया भर में हो रही तारीफ

Thu, 23 Mar 2017 09:20 PM IST
amarujala.com- presented by: रोहित कुमार पोरवाल
amarujala.com- presented by: रोहित कुमार पोरवाल Updated Thu, 23 Mar 2017 09:20 PM IST
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diarrhoea vaccine made in India will save lives
सांकेतिक चित्र - फोटो : getty images

भारतीय कंपनी द्वारा तैयार एक नई वैक्सीन (टीका) दुनिया में डायरिया की बीमारी कम करने के लिए जबरदस्त ढंग से कामयाब रही है। इस वैक्सीन के बड़े पैमाने पर अफ्रीका में हुए ट्रायल से वैज्ञानिकों में करोड़ों बच्चों का जीवन बचाने के प्रति उम्मीद जागी है। फिलहाल इस बीमारी से दुनिया में प्रतिदिन करीब 600 बच्चों की मौत हो रही है जिसे बहुत बड़ी हद तक इस टीके से रोका जा सकता है। दुनिया में फिलहाल ‘रोटाटेक’ वैक्सीन का इस्तेमाल चल रहा है जो मात्र 39 फीसदी कारगर है जबकि भारतीय कंपनी की वैक्सीन 61 प्रतिशत कारगर साबित हुई है।

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डायरिया के कारण 5 वर्ष की आयु से छोटे बच्चों की मौत में रोटा-वायरस के खिलाफ यह वैक्सीन काफी कारगर साबित हुई है। भारत के ‘सीरम इंस्टीट्यूट’ में बनाई गई यह वैक्सीन वर्तमान में इस बीमारी के लिए दी जाने वाली दवाओं से काफी सस्ती भी है। सबसे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यह वैक्सीन बिना किसी रैफ्रिजरेशन (ठंडी जगह) के कई माह तक सुरक्षित रखी जा सकती है। इस कारण इसका इस्तेमाल उन दूर-दराज के गांवों में भी हो सकता है जहां बिजली की सुविधा नहीं है। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा स्वीकृति देने की प्रक्रिया चल रही है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वैक्सीन को बड़े पैमाने पर वितरण से पहले ही स्वीकृत किया जाना चाहिए। 
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यह नया शोध ‘न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन’ में प्रकाशित हुआ है जिसमें पाया गया कि भारतीय कंपनी की यह वैक्सीन रोटा-वायरस संबंधी गंभीर बीमारी को रोकने में 67 फीसदी सफल साबित हुई है। कुल 1,780 बच्चों में से मात्र 31 मामले ऐसे थे जिन्हें वैक्सीन की तीन डोज मिल पाई थीं। इनमें से कोई भी मामला दस्त के चलते ‘इंटस-सस्केप्शन’ का नहीं रहा, जो आंतों में रुकावट के कारण बेहद घातक होता है। अफ्रीका में वैक्सीन का ट्रायल कराने वाली विशेषज्ञ रेबेका ग्रेस ने कहा कि - ‘यह वैक्सीन उस माहौल में भी उम्मीद बरकरार रखती है जहां हालात काफी जटिल थे, इस कारण वैक्सीन को लेकर हमारा उत्साह का स्तर चरम पर है।’

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विशेषज्ञों ने ट्रायल परिणाम देखकर की जबरदस्त प्रशंसा

diarrhoea vaccine made in India will save lives
सांकेतिक चित्र
विशेषज्ञों ने इस वैक्सीन की जबरदस्त प्रशंसा की है। अफ्रीका में डॉक्टरों को ट्रायल का निर्देश देने वाली विशेषज्ञ रेबेका एफ. ग्रेस ने कहा कि - ‘क्या हम एक परफैक्ट वैक्सीन चाहते हैं? यदि हां, तो इसका इस्तेमाल सबसे बेहतर रहेगा, क्योंकि यह दो-तिहाई मौतों को रोकने में कारगर है।’ अमेरिका के फिलाडेल्फिया में शिशु अस्पताल स्थित संक्रामक बीमारियों के विशेषज्ञ डॉ. पॉल ए. ऑफिट ने कहा कि - ‘यह एक महान उपलब्धि है।’

नाइजर में 300 से अधिक डॉक्टरों की टीम ने किया है सफल ट्रायल
भारत के ‘सीरम इंस्टीट्यूट’ में बनी इस बहुआयामी दवा का ट्रायल दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक नाइजर में 300 से भी अधिक डॉक्टरों की टीम ने किया है। इस ट्रायल के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों ने दिन में 24 घंटे खपा दिए और 132 गांवों के करीब साढ़े तीन हजार बच्चों पर लाइव अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि यह वैक्सीन अन्य सभी विकल्पों से कहीं अधिक बेहतर और कारगर साबित हुई है।
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