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'गर्भवती' पुरुष को नहीं मिला तलाक

Sat, 30 Mar 2013 07:15 PM IST
Updated Sat, 30 Mar 2013 07:15 PM IST
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court refuses pregnant man divorce

अमेरिका के एरिजोना प्रांत की एक अदालत ने एक ट्रांसजेंडर पुरुष के तलाक के आवेदन को अस्वीकार कर दिया है। इस ट्रांसजेंडर ने तीन बच्चों को जन्म दिया था।

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न्यायाधीश का कहना है कि इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि थॉमस बिटी की जब शादी हुई थी तब वह पुरुष थे। राज्य में समलैंगिक शादी पर प्रतिबंध है।

कई दशकों तक पुरुष के तौर पर रह रहे बिटी ने वर्ष 2008 में सबसे पहली बार एक बेटी को जन्म दिया। वह तीन बार गर्भवती हुए।

वह कानूनी तौर पर पुरुष हैं लेकिन उन्होंने अपने महिला प्रजनन अंगों के जरिए बच्चों को जन्म दिया क्योंकि उनकी पत्नी बच्चे को जन्म देने में सक्षम नहीं थीं।
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बिटी के प्रवक्ता का कहना है कि न्यायाधीश के फैसले से उन्हें झटका लगा है। उन्होंने कहा कि उनका मुवक्किल अपनी गर्लफ्रेंड से शादी करना चाहता है इसलिए उसने आदेश के खिलाफ अपील करने की योजना बनाई है। बिटी के प्रवक्ता का कहना है कि यहां के जज दूसरे राज्य की शादियों को मान्यता नहीं देते हैं।
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सफाई रंग नहीं लाई
अपने अदालती फरमान में न्यायाधीश ने लिखा कि युगल यह साबित नहीं कर पाए कि बिटी की जब शादी हो रही थी तब वह एक पुरुष थे।

उन्होंने लिखा, “यह फैसला इस निष्कर्ष पर आधारित नहीं है कि इस युगल में से एक ट्रांसजेंडर पुरुष है, इस वजह से यह मामला समलैंगिंक शादी से जुड़ गया है।”

बिटी ने 1979 में टेस्टोस्टरोन लेना शुरू किया था और 2008 में उनकी छाती का दो बार ऑपरेशन हुआ था। उसी वक्त उनके जन्म प्रमाणपत्र को बदलकर पुरुष कर दिया गया था।

बिटी और उनकी पत्नी नैंसी ने एक साल बाद हवाई में शादी कर ली। बिटी के प्रवक्ता का कहना है कि 39 साल के बिटी ने एक पुरुष के तौर पर कानूनी शादी की।

जब उन्होंने हवाई में एक पुरुष के तौर पर जन्म प्रमाणपत्र पाने के लिए आवेदन किया तो उन्हें यह खुलासा करने की जरूरत भी नहीं थी कि उनके पास महिला प्रजनन अंग हैं।

जब बिटी को यह पता चला कि उनकी पत्नी मां नहीं बन सकती तो उन्होंने टेस्टोस्टेरोन इलाज को रोक दिया ताकि वह अपने बच्चे को जन्म दे सकें।

दिसंबर में एरिजोना रिपब्लिक को बिटी ने कहा कि मैं सामाजिक, कानूनी, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक तौर पर एक व्यक्ति हूं।

वहीं नैंसी बिटी के वकील ने कहा कि न्यायाधीश का फैसला पूरा था लेकिन यह वह ऐसा फैसला नहीं था जिसकी उम्मीद उनकी पत्नी कर रही थीं।

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