फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   capital-punishment-to-psychologist

मनोचिकित्सक को सजा-ए-मौत

Thu, 29 Aug 2013 08:19 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Thu, 29 Aug 2013 08:19 PM IST
विज्ञापन
capital-punishment-to-psychologist
अमेरिका की एक सैन्य अदालत ने सेना के एक पूर्व मनोचिकित्सक को ज़हर का इंजेक्शन देकर मौत देने की सज़ा सुनाई है। चिकित्सक पर 13 अमेरिकी जवानों को मारने का आरोप है।
विज्ञापन


इस मनोचिकित्सक पर टेक्सास सैन्य ठिकाने पर 13 जवानों की हत्या और 32 को जख्मी करने का आरोप है।मेजर निदाल हसन को नवंबर 2009 के अंतिम हफ्ते में फोर्ट हुड में हुई गोलीबारी के लिए दोषी ठहराया गया था।
विज्ञापन


वर्जीनिया में पैदा हुए निदाल हसन ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने  अफ़ग़ानिस्तान में तैनात होने वाले सैनिकों से तालिबानी चरमपंथियों को बचाने के लिए गोलीबारी की।
विज्ञापन
विज्ञापन


जूरी ने बुधवार को दो घंटे तक विचार-विमर्श के बाद सज़ा सुनाई।

अपील की प्रक्रिया

सैन्य न्यायालयों में अपील की लंबी प्रक्रिया की वजह से मेजर हसन को सजा-ए-मौत देने में कई साल या दशकों तक का समय लग सकता है। राष्ट्रपति की ओर से मंजूरी मिलने के बाद ही उन्हें सजा-ए-मौत दी जाएगी।

बुधवार को सज़ा सुनाए जाने से पहले अभियोजक कर्नल माइक मुलिगन ने जूरी के सदस्यों से मौत की सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा, ''वह कभी शहीद नहीं होंगे, मेजर हसन एक अपराधी हैं। वह एक नृशंस हत्यारे हैं।''

इस मुकदमे में मेजर हसन ने अपना बचाव खुद किया, उन्होंने ज्यादा कुछ बोलने से इनकार करते हुए केवल इतना कहा,''मेरे पास कोई निर्णायक बयान नहीं है।''

गोलीबारी की घटना

13 सदस्सीय जूरी मेजर हसन को मौत की सजा देने को लेकर एकमत थी। अगर जूरी के सदस्य इस पर एकमत नहीं होते तो मेजर हसन को उम्रकैद की सजा मिलती।

अमेरिका में 1961 के बाद से किसी  सैनिक को सजा-ए-मौत नहीं दी गई है।

मेजर हसन ने फोर्ट हुड सैन्य ठिकाने पर गोलीबारी की थी जहाँ विदेश में तैनाती से पहले सैनिकों का मूल्यांकन किया जा रहा था। हमले के लिए उन्होंने काफी सावधानी से तैयारी की। उन्होंने कुल 146 गोलियां चलाईं।


फायरिंग तब खत्म हुई जब एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें गोली मार दी। गोली लगने से उन्हें कमर से निचले हिस्से में लकवा मार गया था और अब वो एक ह्वीलचेयर के सहारे चलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed