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कानून कराएगा योग गुरुओं को शीर्षासन

Fri, 14 Jun 2013 09:21 AM IST
Updated Fri, 14 Jun 2013 09:21 AM IST
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america will check standards of yoga teachers

अमेरिका में योग काफ़ी समय से लोकप्रिय है और हाल के वर्षों में योगाभ्यास करने वालों की तादाद तेज़ी से बढ़ी है।

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लेकिन कई योग गुरुओं के ख़िलाफ़ गंभीर शिकायतें आने पर कुछ अमेरिकी प्रांतों में अब योग शिक्षक बनने के लिए सरकारी लाइसेंस लेना ज़रूरी हो गया है। कुछ लोग इस तरह के सरकारी हस्तक्षेप का विरोध भी कर रहे हैं।

यूं तो योग सीखने के लिए गुरु का मार्गदर्शन ज़रूरी है। वो गुरु जिसने ख़ुद बरसों की साधना से योग सीखा हो।

मगर अमेरिका में कई योग केंद्रों में योग सिखाने वाले चंद महीने के योगाभ्यास के बाद ही योग गुरु का रूप धारण कर लेते हैं।

न्यूयॉर्क के एक योग केंद्र में ऐसी ही एक योग शिक्षिका हैं ऐनेस्तेसिया फ़्रेंकेल, जिन्होंने गुरु होने का गौरव केवल पांच महीने में ही हासिल कर लिया है।

ऐनेस्तेसिया फ़्रेंकेल कहती हैं, “मुझे लगा कि जो योग मैंने सीखा है, उससे मैं कुछ ना कुछ तो दूसरों को सिखा ही सकती हूं, सभी के पास कुछ ना कुछ तो सिखाने के लिए होता ही है।”
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अमेरिका में योग की लोकप्रियता और उससे होने वाली कमाई की वजह से लोग फटाफट योग गुरु बनना चाहते हैं। एक अनुमान है कि 2001 में 40 लाख अमरीकी लोग योगाभ्यास करते थे और अब दो करोड़ लोग ऐसा करते हैं।
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छह अरब डॉलर का उद्योग
अमरीका में योग छह अरब डॉलर का उद्योग बन चुका है।

सिर्फ़ न्यूयॉर्क महानगर में ही सैकड़ों योग केंद्र हैं जहां 15 से 30 डॉलर प्रति घंटे की फ़ीस पर योग सिखाया जाता है। मगर हड़बड़ी से गड़बड़ी भी हो रही है।

विक्टोरिया वेसना पिछले 30 वर्षों से योगाभ्यास कर रही हैं। वह कहती हैं, “मैं कई लोगों को जानती हूँ जिनको चोटें लगीं। मेरी एक दोस्त को कई महीने तक इलाज करवाना पड़ा और उसने योग छोड़ ही दिया। अच्छे शिक्षकों का नहीं मिल पाना एक बड़ी समस्या है।”

शिक्षकों की योग्यता पर उठ रहे सवालों को देखते हुए अमेरिका के लगभग एक दर्जन राज्यों में योग सिखाने से पहले लाइसेंस लेना ज़रूरी हो गया है।

न्यूयॉर्क में रहने वाली क्रिस्टीना कुब्रिलो एक मान्यता प्राप्त योग शिक्षिका हैं जो पिछले कई वर्षों से शहर के कई केंद्रों में योग सिखा रही हैं।

क्रिस्टीना कुब्रिलो का मानना है कि कई योग केंद्रों में नौसिखिए भी गुरु बनकर लोगों को योग सिखाने में लगे हैं।

क्रिस्टीना कुब्रिलो कहती हैं, “अच्छा शिक्षक बनने के लिए बहुत कुछ सीखना होता है। आजकल कई तरह के एक्सरसाइज़ में योग शब्द को जोड़ दिया जाता है और फिर लोग उसके पीछे भागने लगते हैं। योग शिक्षकों के लिए मानदंड होना ज़रूरी है।”


सरकार को समझाना मुश्किल
इससे पहले 1999 में अमरीका में कुछ योग शिक्षकों ने मिलकर योग एलायंस नाम की एक संस्था बनाई थी जो देश भर में योग शिक्षकों के लिए मानदंड तय करती है।

इस संस्था द्वारा भावी योग शिक्षकों को योग गुरु की मान्यता दी जाती है जिसमें योग शिक्षक बनने के लिए 500 घंटों तक की योग की क्लास लेनी पड़ती है और योग के साथ-साथ मानव शरीर के बारे में भी जानकारी दी जाती है।

अब तक योग एलायंस दुनिया भर में 40 हज़ार लोगों को योग गुरु की पदवी प्रदान कर चुका है, जिसमें से 35 हज़ार अमरीका में रहते हैं।

लेकिन योग एलायंस भी योग में सरकार के दखल का विरोध करती है।

योग एलायंस के अध्यक्ष रिचर्ड करकेल कहते हैं, “सरकार को योग के बारे में ज्ञान नहीं है और सरकारी अधिकारियों को योग समझाना बहुत ही मुश्किल।

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