रूसी राजदूत से मुलाकात पर घिरा ट्रंप प्रशासन, झूठी शपथ लेकर फंसे अटार्नी जनरल
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अमेरिका में अटार्नी जनरल जेफ सेशंस के रूस के साथ संबंधों को लेकर ट्रंप प्रशासन एक और नई मुसीबत में घिरता जा रहा है। सेशंस पर आरोप लगा है कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के चुनाव के दौरान दो बार रूस के राजदूत से बातचीत की थी, जबकि सीनेट में अपनी नियुक्ति के दौरान उन्होंने इससे इंकार कर दिया था। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों ने इस झूठ पर सेशंस के इस्तीफे की मांग की है।
अमेरिका की खुफिया एजेंसियां पहले ही राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप पर संदेह जता चुकी हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन इससे इंकार करता रहा है। इन चुनावों में सेशंस ने ट्रंप के लिए नीतिगत सलाहकार की भूमिका निभाई थी।
ऐसे में सेशंस द्वारा रूसी राजदूत से दो बार मिलने व नियुक्ति के लिए होने वाली पुष्टि में मुलाकात से इंकार करने को डेमोक्रेट सदस्य संदेह की नजर से देख रहे हैं। व्हाइट हाउस ने मुलाकात की पुष्टि की है लेकिन कहा कि मौजूदा अटार्नी जनरल ने कुछ भी गलत नहीं किया है।
जेफ सेशंस पर अटार्नी जनरल की झूठी शपथ लेने का आरोप
व्हाइट हाउस ने अमेरिकी अखबारों में छपी इस रिपोर्ट को डेमोक्रेटों का हमला करार दिया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां, न्याय विभाग और अमेरिकी कांग्रेस की चार संसदीय समिति इस मामले की जांच कर रही हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने सेशंस का इस्तीफा मांगते हुए अमेरिकी संसद से इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उधर, न्याय विभाग ने कहा है कि सेशंस ने नियुक्ति के दौरान अपने जवाब में ऐसा कुछ भी नहीं कहा जो गुमराह करता हो।
लेकिन डेमोक्रेट नेता इससे संतुष्ट नहीं हैं, नैंसी पेलोसी ने कहा - ‘सेशंस ने झूठी शपथ ली थी।’ वहीं, सेशंस ने चुनाव अभियान संबंधी चर्चा के लिए किसी रूसी अधिकारी से मुलाकात नहीं होने की बात कहते हुए कहा कि - ‘यह सब झूठ है।’